{"_id":"69d5776e11e154e9b00d7973","slug":"money-was-collected-in-the-name-of-providing-jobs-as-teachers-clerks-and-peons-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1282545-2026-04-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: शिक्षक, लिपिक और चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी, केस दर्ज- 22 लोगों को बनाया शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: शिक्षक, लिपिक और चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी, केस दर्ज- 22 लोगों को बनाया शिकार
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Apr 2026 03:00 AM IST
विज्ञापन
सार
मामले में पीड़ितों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिला विद्यालय निरीक्षक को भी प्रार्थना पत्र दिया और सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से गठित जांच समिति ने एक दिसंबर 2025 को विद्यालय में जांच की थी लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई। आरोप है कि प्रबंधक नवारुन चटर्जी जांच में उपस्थित नहीं हुए।
फर्जी दस्तावेज से नौकरी
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन
विस्तार
शाहपुर इलाके में स्थित विवेकानंद शिक्षा निकेतन बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में नौकरी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने प्रबंधक नवारुन चटर्जी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीआईओएस के यहां भी मामले की जांच चल रही है, हालांकि रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई है।
Trending Videos
पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़िता अमृता मुखर्जी ने बताया कि विद्यालय में सहायक अध्यापक की नौकरी के लिए 15 लाख रुपये और लिपिक व चपरासी पदों के लिए सात-सात लाख रुपये कीमत तय की गई थी। इसी आधार पर प्रबंधक ने 22 लोगों से रुपये वसूले।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीड़ितों के अनुसार, काफी समय बीत जाने के बाद न तो नौकरी दी गई और न ही रुपये वापस किए गए। जब उन्होंने रुपये की मांग की तो प्रबंधक की ओर से धमकी और टालमटोल किया जाने लगा।
मामले में पीड़ितों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिला विद्यालय निरीक्षक को भी प्रार्थना पत्र दिया और सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से गठित जांच समिति ने एक दिसंबर 2025 को विद्यालय में जांच की थी लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई। आरोप है कि प्रबंधक नवारुन चटर्जी जांच में उपस्थित नहीं हुए।
मामले में पीड़ितों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिला विद्यालय निरीक्षक को भी प्रार्थना पत्र दिया और सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से गठित जांच समिति ने एक दिसंबर 2025 को विद्यालय में जांच की थी लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई। आरोप है कि प्रबंधक नवारुन चटर्जी जांच में उपस्थित नहीं हुए।
अमृता मुखर्जी ने आरोप लगाया कि वे लगातार पुलिस और शिक्षा विभाग के कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
शाहपुर थाना प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि उनकी तहरीर पर प्रबंधक नवारुन चटर्जी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, अब आरोपियों के बैंक लेन-देन और दस्तावेजों की जांच के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया और कुल कितने रुपये की वसूली गई।
शाहपुर थाना प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि उनकी तहरीर पर प्रबंधक नवारुन चटर्जी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, अब आरोपियों के बैंक लेन-देन और दस्तावेजों की जांच के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया और कुल कितने रुपये की वसूली गई।