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Gorakhpur News: सीबीआई ने कोलकाता के ज्वेलर की हत्या के आरोपी को दबोचा
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- 2007 में कोलकाता में हुई थी ज्वेलर की हत्या, 2009 में सीबीआई को सौंपी गई थी जांच
- फर्जी पहचान पर शहर के रायगंज में रह रहा था आरोपी शिबू सिंह, अखिलेश शाही के नाम से कर रहा था कारोबार
गोरखपुर। कोलकाता के चर्चित ज्वेलर सुकांत घोष हत्याकांड में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी शिबू सिंह उर्फ अखिलेश शाही को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राजघाट क्षेत्र के रायगंज से हिरासत में ले लिया। आरोपी गोरखपुर में अपनी पहचान बदलकर रह रहा था और भाई के साथ आर्टिफिशियल ज्वेलरी का कारोबार कर रहा था। मंगलवार शाम सीबीआई टीम उसे लेकर कोलकाता रवाना हो गई।
सीबीआई के अनुसार, आरोपी वर्ष 2007 में हुए हत्याकांड के बाद से फरार था। मामले की जांच कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर 27 अगस्त 2009 को सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच के दौरान आरोपी का नाम सामने आने के बाद एजेंसी लगातार उसकी तलाश कर रही थी। अदालत ने लगातार फरार रहने पर 15 दिसंबर 2016 को उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।
सीबीआई जांच में सामने आया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए शिबू सिंह ने अपनी पहचान बदल ली थी। वह गोरखपुर के रायगंज में अखिलेश कुमार शाही के नाम से रह रहा था। तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर सीबीआई को उसके रायगंज में रहने की जानकारी मिली, जिसके बाद टीम ने मंगलवार को पहुंचकर उसे हिरासत में ले लिया।
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जानकारी के अनुसार, अखिलेश पिछले करीब दो वर्षों से अपने बड़े भाई के साथ रायगंज में रह रहा था। दोनों भाई आर्टिफिशियल ज्वेलरी बनाने का काम करते थे और तैयार सामान स्थानीय दुकानदारों को सप्लाई करते थे। इससे पहले वह अपने पिता के साथ कोलकाता में रहता था, जहां उसने आर्टिफिशियल ज्वेलरी बनाने का काम सीखा था।
2007 में हुई थी सर्राफा कारोबारी की हत्या
सीबीआई के मुताबिक, छह जुलाई 2007 को बैरकपुर के चिड़ियामोड़ निवासी ज्वेलर सुकांत घोष फोन आने के बाद वह घर से निकले थे लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन लाटबागान स्थित जवाहर कुंज के पास उनका रक्तरंजित शव मिला था। पोस्टमार्टम में शरीर पर धारदार हथियार से किए गए 18 निशान मिले थे। मामले में पुलिस ने सिधु सिंह, विकास सिंह और विश्वजीत गुहा को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी शिबू सिंह फरार हो गया था। जांच अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई ने 31 दिसंबर 2010 को पहला और 14 नवंबर 2011 को पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसमें शिबू सिंह समेत चार आरोपियों को नामजद किया गया था। सीबीआई जांच में यह भी आरोप सामने आया था कि कारोबारी से फिरौती मांगी गई थी और रकम नहीं मिलने पर हत्या की गई। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी अब मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
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सीबीआई की ओर से कार्रवाई की जानकारी दी गई थी। एजेंसी ने राजघाट थाना क्षेत्र से अखिलेश शाही को हिरासत में लिया है। आगे की कार्रवाई सीबीआई स्तर से की जा रही है।
- निमिष पाटिल, एसपी सिटी
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- फर्जी पहचान पर शहर के रायगंज में रह रहा था आरोपी शिबू सिंह, अखिलेश शाही के नाम से कर रहा था कारोबार
गोरखपुर। कोलकाता के चर्चित ज्वेलर सुकांत घोष हत्याकांड में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी शिबू सिंह उर्फ अखिलेश शाही को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राजघाट क्षेत्र के रायगंज से हिरासत में ले लिया। आरोपी गोरखपुर में अपनी पहचान बदलकर रह रहा था और भाई के साथ आर्टिफिशियल ज्वेलरी का कारोबार कर रहा था। मंगलवार शाम सीबीआई टीम उसे लेकर कोलकाता रवाना हो गई।
सीबीआई के अनुसार, आरोपी वर्ष 2007 में हुए हत्याकांड के बाद से फरार था। मामले की जांच कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर 27 अगस्त 2009 को सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच के दौरान आरोपी का नाम सामने आने के बाद एजेंसी लगातार उसकी तलाश कर रही थी। अदालत ने लगातार फरार रहने पर 15 दिसंबर 2016 को उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।
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सीबीआई जांच में सामने आया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए शिबू सिंह ने अपनी पहचान बदल ली थी। वह गोरखपुर के रायगंज में अखिलेश कुमार शाही के नाम से रह रहा था। तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर सीबीआई को उसके रायगंज में रहने की जानकारी मिली, जिसके बाद टीम ने मंगलवार को पहुंचकर उसे हिरासत में ले लिया।
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जानकारी के अनुसार, अखिलेश पिछले करीब दो वर्षों से अपने बड़े भाई के साथ रायगंज में रह रहा था। दोनों भाई आर्टिफिशियल ज्वेलरी बनाने का काम करते थे और तैयार सामान स्थानीय दुकानदारों को सप्लाई करते थे। इससे पहले वह अपने पिता के साथ कोलकाता में रहता था, जहां उसने आर्टिफिशियल ज्वेलरी बनाने का काम सीखा था।
2007 में हुई थी सर्राफा कारोबारी की हत्या
सीबीआई के मुताबिक, छह जुलाई 2007 को बैरकपुर के चिड़ियामोड़ निवासी ज्वेलर सुकांत घोष फोन आने के बाद वह घर से निकले थे लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन लाटबागान स्थित जवाहर कुंज के पास उनका रक्तरंजित शव मिला था। पोस्टमार्टम में शरीर पर धारदार हथियार से किए गए 18 निशान मिले थे। मामले में पुलिस ने सिधु सिंह, विकास सिंह और विश्वजीत गुहा को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी शिबू सिंह फरार हो गया था। जांच अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई ने 31 दिसंबर 2010 को पहला और 14 नवंबर 2011 को पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसमें शिबू सिंह समेत चार आरोपियों को नामजद किया गया था। सीबीआई जांच में यह भी आरोप सामने आया था कि कारोबारी से फिरौती मांगी गई थी और रकम नहीं मिलने पर हत्या की गई। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी अब मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
सीबीआई की ओर से कार्रवाई की जानकारी दी गई थी। एजेंसी ने राजघाट थाना क्षेत्र से अखिलेश शाही को हिरासत में लिया है। आगे की कार्रवाई सीबीआई स्तर से की जा रही है।
- निमिष पाटिल, एसपी सिटी