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Gorakhpur News: हादसे के बाद बनाया गया स्थायी डिवाइडर, पुलिस को तहरीर का इंतजार

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 02 Mar 2026 03:00 AM IST
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A permanent divider was built after the accident, and the police are awaiting a report.
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- जंगल कौड़िया के जीरो पॉइंट पर हुए सड़क हादसे में चली गई थी युवती समेत दो की जान
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संवाद न्यूज एजेंसी
जंगल कौड़िया (गोरखपुर)। पीपीगंज थानाक्षेत्र में जंगल कौड़िया के जीरो पॉइंट पर रविवार को हुए हादसे में दो लोगों की जान जाने के बाद एनएचएआई के अधिकारियों की आखिरकार नींद खुल गई। एनएचएआई के अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जीरो पॉइंट से एक किलोमीटर पहले चिउटहा गांव के पास ईंटों से स्थायी डिवाइडर बनवा दिया। इससे कि लोग रांग साइड न जा सकें। यहां डिवाइडर नहीं था। यही कारण था कि लोग अक्सर हादसे के शिकार हाे जाते थे। इधर पुलिस कार्रवाई के लिए तहरीर का इंतजार कर रही है।
नेपाल जाने वाले प्रमुख गोरखपुर-सोनौली मार्ग पर जंगल कौड़िया (पीपीगंज क्षेत्र) के जीरो पॉइंट पर रविवार सुबह करीब 9 बजे भीषण सड़क हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, एक सीएनजी ऑटो रिक्शा दो ट्रेलरों के बीच फंस गया और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में ऑटो चालक श्रीकांत और प्रीतम की मौत हो गई थी। जबकि एक यात्री नरसिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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पीपीगंज थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि अभी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है लेकिन जांच जारी है। हादसे के प्रारंभिक कारणों में कोहरा, सड़क किनारे दुकानदारी और अनियंत्रित रूप से खड़े रेत लदे ट्रेलर शामिल हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जीरो पॉइंट पर रोजाना रेत लदे ट्रक खड़े रहते हैं। बालू बिखराते या ट्रांसफर करते हैं और सड़क किनारे नियम-विरुद्ध कई दुकानें लगी रहती हैं। इससे वाहन चालक अक्सर सड़क पर रुकते हैं, जो दुर्घटनाओं की प्रमुख वजह बनती हैं।

हादसे के बाद पुलिस और एनएचएआई के अधिकारी हुए सक्रिय
हादसे के बाद पुलिस ने कड़ा कदम उठाया। सोमवार को कोई भी दुकानदार सड़क किनारे दुकान नहीं लगा पाया और अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा नहीं था। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रेलरों के मालिकों से संपर्क कर उन्हें हटवाने का प्रयास शुरू किया। सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जीरो पाॅइंट से लगभग एक किलोमीटर पहले चिउटहा गांव के पास पहले डिवाइडर नहीं था। लोगों के गलत लेन में आने-जाने से अक्सर हादसे होते रहे। रविवार को घटना के बाद सोमवार को वहां ईंटों से स्थायी डिवाइडर बना दिया गया।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक ललित प्रताप पाल ने स्पष्ट किया कि सड़क किनारे डेंजर जोन में कोई भी दुकानदारी या वाहन खड़ा करने पर प्रशासनिक मदद से सख्त कार्रवाई होगी।
कैंपियरगंज के सीओ अनुराग कुमार सिंह ने बताया कि सड़क किनारे कोई वाहन या नियम-विरुद्ध दुकानदारी पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। सभी को सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
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