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फर्जी इंश्योरेंस क्लेम: डिसेंट अस्पताल का मैनेजर गिरफ्तार, 12 मरीजों को भर्ती किए बिना क्लेम का किया था आवेदन
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 16 Mar 2026 02:54 AM IST
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सार
कंपनी की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, दस्तावेजों में इलाज करने वाले डॉक्टर के रूप में डॉ. अजय कुमार सिंह का नाम दर्ज है, जबकि उन्होंने लिखित रूप से स्पष्ट किया है कि वे अप्रैल 2025 से इस अस्पताल से जुड़े नहीं हैं और जिन मरीजों के नाम से क्लेम दाखिल किए गए, उनका उन्होंने कोई इलाज नहीं किया। इसके साथ ही क्लेम के साथ लगाए गए कई लैब रिपोर्ट भी फर्जी पाए गए।
रामगढ़ताल में गिरफ्तार डिसेंट अस्पताल का मैनेजर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
तारामंडल के बुद्ध विहार पार्ट-ए स्थित सील किए गए डिसेंट हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर के मैनेजर ताहिर खान को पुलिस ने रविवार को रामगढ़ताल इलाके से गिरफ्तार कर लिया। एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की ओर से शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
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आरोप है कि अस्पताल ने 12 मरीजों को भर्ती किए बिना उनके नाम पर बीमा क्लेम जमा कराने की कोशिश की थी। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के गेहुआसागर निवासी ताहिर खान के रूप में हुई। वह पहले भी हेल्थ इंश्योरेंस ठगी के मामले में जेल जा चुका है। एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के सीनियर मैनेजर डॉ. अचिंत्य रावत ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि आरोपी ने इलाज से जुड़े दस्तावेज, मेडिकल पेपर और डॉक्टर के हस्ताक्षर फर्जी बनाकर बीमा कंपनी को साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया था।
कंपनी की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, दस्तावेजों में इलाज करने वाले डॉक्टर के रूप में डॉ. अजय कुमार सिंह का नाम दर्ज है, जबकि उन्होंने लिखित रूप से स्पष्ट किया है कि वे अप्रैल 2025 से इस अस्पताल से जुड़े नहीं हैं और जिन मरीजों के नाम से क्लेम दाखिल किए गए, उनका उन्होंने कोई इलाज नहीं किया। इसके साथ ही क्लेम के साथ लगाए गए कई लैब रिपोर्ट भी फर्जी पाए गए।
कंपनी की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, दस्तावेजों में इलाज करने वाले डॉक्टर के रूप में डॉ. अजय कुमार सिंह का नाम दर्ज है, जबकि उन्होंने लिखित रूप से स्पष्ट किया है कि वे अप्रैल 2025 से इस अस्पताल से जुड़े नहीं हैं और जिन मरीजों के नाम से क्लेम दाखिल किए गए, उनका उन्होंने कोई इलाज नहीं किया। इसके साथ ही क्लेम के साथ लगाए गए कई लैब रिपोर्ट भी फर्जी पाए गए।
जिन पैथोलॉजिस्ट के नाम रिपोर्ट में दर्ज थे, उन्होंने अस्पताल से किसी भी संबंध से इनकार किया। भर्ती रजिस्टर, डिस्चार्ज समरी और बिलिंग दस्तावेजों में भी कई गड़बड़ियां पाई गईं, जिससे फर्जी बीमा क्लेम का संदेह और मजबूत हुआ।
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले बजाज एलियांज इंश्योरेंस कंपनी ने भी इसी अस्पताल के खिलाफ फर्जी डॉक्टर के नाम, फर्जी मेडिकल पेपर और बनावटी बिल के आधार पर क्लेम करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी।
सीओ कैंट अरुण कुमार एस ने बताया कि एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। साक्ष्यों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएग
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले बजाज एलियांज इंश्योरेंस कंपनी ने भी इसी अस्पताल के खिलाफ फर्जी डॉक्टर के नाम, फर्जी मेडिकल पेपर और बनावटी बिल के आधार पर क्लेम करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी।
सीओ कैंट अरुण कुमार एस ने बताया कि एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। साक्ष्यों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएग