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ऑनर किलिंग : युवक से बातचीत करने पर नाराज पिता ने की थी बेटी की हत्या

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 16 Mar 2026 02:56 AM IST
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The death of a 23-year-old woman in Pipraich police station area was exposed.
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गोरखपुर। पिपराइच थाना क्षेत्र की 23 साल की नेहा भारती की मौत की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस के मुताबिक, पिता ने ही हंसिए से गर्दन काटकर उसकी हत्या की थी। पिता ने जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि वह बेटी के एक युवक से बातचीत करने से नाराज था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर रविवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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जानकारी के अनुसार, पिपराइच थाना क्षेत्र के सिंहोरिया गांव निवासी कमलेश भारती की बेटी नेहा भारती शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे हंसिए से गर्दन कट जाने से घायल हो गई थी। परिजन उसे तुरंत सीएचसी पिपराइच लेकर पहुंचे, जहां से उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां दोपहर करीब एक बजे इलाज के दौरान नेहा की मौत हो गई थी।
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नेहा की मां मनोरमा ने पुलिस को बताया था कि सुबह वह बेटी के साथ खेत की तरफ गई थी। करीब 11 बजे दोनों घर लौटे। इसी दौरान नेहा फिसलकर गिर गई और जमीन पर रखे हंसिया से उसकी गर्दन कट गई थी। गर्दन से तेज खून बहने लगा तो तौलिया बांधकर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां मौत हो गई। हालांकि, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया था।



शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवारीजनों को सौंपा गया। युवती का अंतिम संस्कार कराने के बाद पुलिस ने उसके पिता को हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरू कर दी थी। रविवार सुबह पिपराइच पुलिस ने साक्ष्य एकत्रित कर पिता कमलेश भारती को गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से पूछताछ हुई तो पिता टूट गए और अपना जुर्म कबूल कर लिया।




इस संबंध में एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र ने कहा कि मामले में आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने अपना जुर्म कबूल किया है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।







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थप्पड़ मारे तो बेटी ने भी छोड़ दिया हाथ...गुस्साए पिता ने हंसिए से किए कई वार



एक माह पहले विदेश से लौटा था पिता कमलेश, पत्नी खेत में और बेटा गया था डीडीयू







गोरखपुर। नेहा भारती की हत्या के आरोपी पिता ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसकी बेटी किसी लड़के से बार-बार मोबाइल फोन पर बात करती थी। यह उसे पसंद नहीं था। कई बार मना किया तो उखड़ जाती थी। घटना के दिन भी ऐसा ही हुआ। मना करते हुए उसे डांटते हुए एक थप्पड़ मारा। तब उसने भी हाथ छोड़ दिया। वह इसे बर्दाश्त नहीं कर पाया और घर में रखे हंसिए से नेहा पर कई वार कर दिए।



पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी घायल हो गई तो वह भाग गया। पत्नी ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन उसे मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। वह सउदी अरब में काम करता था और एक माह पहले ही घर लौटा था। उसी समय उसे पता चला कि बेटी मोबाइल फोन पर किसी लड़के से बात करती है। इसे लेकर कई बार दोनों में बहस भी हुई थी।



शुक्रवार सुबह बेटी मोबाइल से किसी लड़के से बात कर रही थी। उस दिन बेटा महेंद्र डीडीयू गोरखपुर यूनिवर्सिटी में गया था। वह बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है। वहीं, पत्नी मनोरमा खेत में चारा काटने गई थी। इसी दौरान नेहा को मना किया तो उसने कहा कि वह उसी लड़के से शादी करना चाहती है। इसी को लेकर बहस हो गई।



कमलेश ने पुलिस को बताया कि वह बेटी को जान से नहीं मारना चाहता था। उसने जब हाथ उठाया तो गुस्सा बढ़ गया और बगल में रखा हंसिया उठाकर वार कर दिया। पुलिस ने रविवार को वारदात में इस्तेमाल हंसिया भी बरामद कर लिया। बेटे महेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कमलेश को गिरफ्तार किया है।








पिछले साल कैंपियरगंज में सामने आ चुका है ऑनर किलिंग का मामला





7 अक्तूबर 2025 को कैंपियरगंज क्षेत्र में प्रेम-प्रसंग से नाराज भाई ने घर की इज्जत के नाम पर अपनी 18 वर्षीय छोटी बहन को मार डाला। वह मामा के यहां छोड़ने की बात कह सुबह बाइक से बहन को अपने साथ लेकर निकला था। घर से छह किलोमीटर दूर धमीना नाले की पुलिया पर पहुंचकर बहन को पानी में डुबोकर मार डाला। हत्या के बाद आरोपी भाई आदित्य यादव खुद कैंपियरगंज थाने पहुंचा और पुलिसकर्मियों को बताया कि उसने अपनी बहन को नाले में डुबोकर मार डाला है। उसकी हरकतों से घर की इज्जत मिट्टी में मिल रही थी, इसलिए ऐसा किया। मां की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आदित्य को गिरफ्तार कर लिया था।







बोले विशेषज्ञ



ऑनर किलिंग की घटनाएं पूर्वी उत्तर प्रदेश में कम देखने को मिलती हैं। अब ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं तो यह चिंता का विषय है। एक ओर सोशल मीडिया और उपभोक्तावादी संस्कृति ने विशेषकर युवा पीढ़ी के मूल्यबोध एवं संबंधों की समझ को प्रभावित किया है तो दूसरी ओर परंपरागत सामाजिक संरचनाएं और सामुदायिक दबाव अभी भी मजबूत बने हुए हैं। इससे उत्पन्न सामाजिक द्वंद्व के कारण प्रतिष्ठा के नाम पर हिंसा की प्रवृत्ति के यहां भी उभरने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। इसलिए आवश्यक है कि सरकार, शैक्षणिक संस्थान और समाज तीनों मिलकर सामाजिक संरचना एवं मूल्य प्रणाली में हो रहे परिवर्तनों पर गंभीरता से विचार करें और सकारात्मक हस्तक्षेप की दिशा में प्रयास करें।



- डॉ. मनीष कुमार पांडेय, सहायक आचार्य, समाजशास्त्र विभाग, डीडीयू




इस घटना के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण है पिता की सोच में पितृसत्तात्मक दृष्टिकोण की मजबूत उपस्थिति, जो महिलाओं को अपने अधीन समझता है और उनकी स्वतंत्रता को स्वीकार नहीं करता। इसके साथ ही पिता को अपनी बेटी की स्वतंत्रता से असुरक्षा की भावना हो सकती है। उसे लगता है कि उसकी इज्जत और नियंत्रण को खतरा है। पिता की मानसिक स्थिति को भी समझने की जरूरत है। दूसरी तरफ पिता पर सामाजिक दबाव हो सकता है कि वह अपने पहचान को उससे जोड़कर देख रहे हैं जिससे अपनी बेटी को नियंत्रित करने और उसकी स्वतंत्रता को सीमित करने की कोशिश कर रहे हों।



- डॉ. गरिमा सिंह, सहायक आचार्य, मनोविज्ञान विभाग, डीडीयू
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