सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur News UP First Village UP’s First Village Where Women Test Water Quality Know Details in Hindi

Ground Report: यूपी का पहला गांव जहां महिलाएं खुद जांचती हैं पानी की गुणवत्ता, जांच के लिए बना है जलसखी समूह

राजन राय, अमर उजाला, गोरखपुर Published by: Sharukh Khan Updated Mon, 16 Mar 2026 02:04 PM IST
विज्ञापन
सार

यूपी का पहला ऐसे गांव हैं, जहां महिलाएं खुद पानी की गुणवत्ता जांचती हैं। कभी इस गांव के लोग पहचान के मोहताज थे। आज हर सुविधाएं मुहैया हैं। समूह की एक सदस्य को दिल्ली में 11 मार्च 2026 को जलसखी समूह की ज्योति को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने सम्मानित किया।

Gorakhpur News UP First Village UP’s First Village Where Women Test Water Quality Know Details in Hindi
गोरखपुर का वनटांगिया गांव - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

गोरखपुर शहर से तकरीबन 12 किमी दूर जंगलों के बीच एक गांव है वनटांगिया, जंगल तिनकोनिया नंबर तीन। दो दशक पहले तक गांव के लोग पहचान के मोहताज थे। शिक्षा कोसों दूर थी और कमाई का सिर्फ एक जरिया मजदूरी। अब गांव के स्कूल में ही स्मार्ट क्लास हैं, जहां बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। 

Trending Videos


लड़कियां टीचर और पुलिस में भर्ती होना चाहती हैं। महिलाएं अब मजदूरी और पत्तल के पुश्तैनी काम की जगह खुद का रोजगार करने लगी हैं। यह यूपी का पहला गांव भी है जहां हर घर में पानी की गुणवत्ता की जांच खुद महिलाओं की टीम करती है, जिसका नाम दिया गया है जलसखी।

विज्ञापन
विज्ञापन

दिल्ली में 11 मार्च 2026 को जलसखी समूह की ज्योति को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने सम्मानित किया। ज्योति बताती हैं, गांव में 400 से ज्यादा लोग रहते हैं। गांव में पानी की बड़ी टंकी है, जिसके जरिये 26 दिसंबर 2025 से हर घर में शुद्ध पानी पहुंच रहा है। 

 

Gorakhpur News UP First Village UP’s First Village Where Women Test Water Quality Know Details in Hindi
गोरखपुर का वनटांगिया गांव - फोटो : अमर उजाला
समूह में उनके अलावा चार और सदस्य नीतू, हिना, उर्मिला और मानसी हैं। सप्ताह में एक बार हर घर के पानी की जांच किट से करती हैं। इसमें क्लोराइड, आर्सेनिक, पीएच सहित 11 तरह की जांच शामिल हैं। अभी तक के जांच में सभी घरों में पानी शुद्ध मिला है। इसकी रिपोर्ट कोआर्डिनेटर को देते हैं।
 

स्मार्ट क्लास में पढ़ते हैं बच्चे...कोई टीचर तो कोई बनना चाहता है दरोगा
पहले गांव में साक्षरता की दर बहुत ही कम थी। ज्यादातर लोग कक्षा पांचवीं से लेकर आठवीं तक पढ़े हैं। अब बच्चे पढ़कर भविष्य संवारने में जुटे हैं। कोई टीचर तो किसी का सपना दरोगा बनने का है। ममता गोंड ने बताया कि वह बीए तृतीय वर्ष की छात्रा हैं, उनका सपना दरोगा बनने का है क्योंकि वर्दी उन्हें बचपन से अच्छी लगती है।

ममता का कहना है कि गांव के बाहर जंगलों के बीच से होकर जाने में सुरक्षा का भी डर था। रास्ता था नहीं, अब सबकुछ बदल गया है। पक्की सड़क है और सुरक्षा का माहौल है। गांव में ही बने कंपोजिट विद्यालय में कक्षा 6 की छात्रा शशि मिलीं। वह स्मार्ट क्लास करके निकली थीं। बताया कि उन्हें टीचर बनाना है ताकि गांव के सभी बच्चों को पढ़ा सकें।

Gorakhpur News UP First Village UP’s First Village Where Women Test Water Quality Know Details in Hindi
गोरखपुर का वनटांगिया गांव - फोटो : अमर उजाला
लोग बोले
हमारे गांव में एक भी पक्का मकान नहीं था, झोपड़ी ही थी। घर के बाहर जलभराव रहता था। अब स्वच्छ पानी की आपूर्ति हर घर में है। महिलाएं किट लेकर आती हैं और पानी की जांच करती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चलते मेरा गांव चमक गया और लोगों की तकदीर बदल गई।-शिवधारी

 

Gorakhpur News UP First Village UP’s First Village Where Women Test Water Quality Know Details in Hindi
गोरखपुर का वनटांगिया गांव - फोटो : अमर उजाला

गांव में हर साल मुख्यमंत्री आते हैं और कुछ दूर तक जाकर देखते हैं। फिर हम लोगों के साथ दिवाली मनाते हैं। अब गांव के बच्चे पढ़ने जाते हैं और महिलाएं पशुपालन, सब्जियों की खेती करती हैं। सभी लोगों का आयुष्मान कार्ड भी बन गया है। राजस्व ग्राम तो हो गया है अब खतौनी में अलग-अलग नाम चढ़ना बाकी है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है।-पतिराजी देवी

100 साल उपेक्षा का दंश झेलने के बाद अब चमकने लगा गांव

सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2007 में बतौर सांसद रहते इस गांव के लोगों के दयनीय हालात को सुधारने के लिए संघर्ष किया। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री बने तो वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा देकर उन्हें शासन प्रदत्त सभी सुविधाओं का हकदार बना दिया। करीब 100 साल तक उपेक्षा का दंश झेलने वाले वनटांगिया गांव की तकदीर अब बदल चुकी है। दिसंबर 2026 में वनटांगिया गांव जंगल तिनकोनिया नंबर तीन प्रदेश का पहला और देश का दूसरा 'जल अर्पण गांव' बन गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed