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डीडीयू : चार वर्ष का स्नातक अब तीन वर्ष में ही पूर्ण कर सकेंगे विद्यार्थी
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में स्नातक के विद्यार्थियों को अधिक लचीली और छात्र केंद्रित शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए अहम बदलाव की तैयारी है। इसके तहत मेधावी विद्यार्थी चार वर्ष का पाठ्यक्रम अब तीन वर्ष में ही पूर्ण कर सकेंगे। इसके लिए डीडीयू प्रशासन ने समिति गठित कर दी है।
यूजीसी की ओर से विनियम-2025 के तहत त्वरित डिग्री कार्यक्रम (एडीपी) और विस्तारित डिग्री कार्यक्रम (ईडीपी) का प्रावधान किया गया है। इसमें उच्च शिक्षण संस्थानों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षमता, रुचि व व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुरूप अध्ययन अवधि में लचीलापन प्रदान करने का अधिकार दिया गया है। इसके तहत मेधावी विद्यार्थी निर्धारित पाठ्यक्रम और आवश्यक क्रेडिट समय से पहले पूरा कर कम अवधि में डिग्री प्राप्त कर सकेंगे। वहीं जिन विद्यार्थियों को किसी कारणवश अतिरिक्त समय की आवश्यकता होगी, वह विस्तारित अवधि में अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
इसके तहत पाठ्यक्रम, शिक्षण गुणवत्ता, क्रेडिट, परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली नियमित कार्यक्रमों के समान ही रहेगी। केवल अध्ययन अवधि में बदलाव होगा। तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रम को विद्यार्थी पांच सेमेस्टर में या चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम को छह या सात सेमेस्टर में पूरा कर सकेंगे। वहीं विस्तारित डिग्री कार्यक्रम के तहत अध्ययन अवधि अधिकतम दो अतिरिक्त सेमेस्टर तक बढ़ाई जा सकेगी।
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डीडीयू प्रशासन का मानना है कि इस पहल से विश्वविद्यालय प्रदेश के उन अग्रणी विश्वविद्यालयों में शामिल होगा जो विद्यार्थियों को अपनी गति और आवश्यकता के अनुसार उच्च शिक्षा पूरी करने का अवसर प्रदान करते हैं।
त्वरित डिग्री के लिए 10 प्रतिशत विद्यार्थियों को किया जा सकेगा शामिल
यूजीसी ने प्रथम या द्वितीय सेमेस्टर में प्रदर्शन का मूल्यांकन कर एडीपी और ईडीपी के लिए चयन करने का प्रावधान दिया है। त्वरित डिग्री कार्यक्रम में कुल स्वीकृत प्रवेश क्षमता के 10 प्रतिशत तक विद्यार्थियों को शामिल किया जा सकेगा। समिति क्रेडिट संरचना, पात्रता मानदंड और संचालन प्रक्रिया का अध्ययन कर अपनी संस्तुति देगी। वैधानिक समितियों की स्वीकृति प्राप्त कर कार्यक्रमों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
क्या हैं एडीपी और ईडीपी
एडीपी और ईडीपी यूजीसी विनियम-2025 के तहत शुरू की गई व्यवस्था हैं। एडीपी के तहत मेधावी छात्र निर्धारित क्रेडिट समय से पहले पूरा कर कम अवधि में स्नातक डिग्री हासिल कर सकेंगे। वहीं ईडीपी के तहत विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक या व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार अधिकतम दो अतिरिक्त सेमेस्टर का समय लेकर डिग्री पूरी कर सकेंगे। दोनों में पाठ्यक्रम, परीक्षा व डिग्री की गुणवत्ता नियमित पाठ्यक्रम के समान रहेगी।
इस पहल से विद्यार्थियों को उनकी सीखने की क्षमता एवं व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे शिक्षा प्रणाली अधिक लचीली, समावेशी और परिणामोन्मुख बनेगी। समिति की रिपोर्ट के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति
यूजीसी की ओर से विनियम-2025 के तहत त्वरित डिग्री कार्यक्रम (एडीपी) और विस्तारित डिग्री कार्यक्रम (ईडीपी) का प्रावधान किया गया है। इसमें उच्च शिक्षण संस्थानों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षमता, रुचि व व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुरूप अध्ययन अवधि में लचीलापन प्रदान करने का अधिकार दिया गया है। इसके तहत मेधावी विद्यार्थी निर्धारित पाठ्यक्रम और आवश्यक क्रेडिट समय से पहले पूरा कर कम अवधि में डिग्री प्राप्त कर सकेंगे। वहीं जिन विद्यार्थियों को किसी कारणवश अतिरिक्त समय की आवश्यकता होगी, वह विस्तारित अवधि में अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
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इसके तहत पाठ्यक्रम, शिक्षण गुणवत्ता, क्रेडिट, परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली नियमित कार्यक्रमों के समान ही रहेगी। केवल अध्ययन अवधि में बदलाव होगा। तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रम को विद्यार्थी पांच सेमेस्टर में या चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम को छह या सात सेमेस्टर में पूरा कर सकेंगे। वहीं विस्तारित डिग्री कार्यक्रम के तहत अध्ययन अवधि अधिकतम दो अतिरिक्त सेमेस्टर तक बढ़ाई जा सकेगी।
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डीडीयू प्रशासन का मानना है कि इस पहल से विश्वविद्यालय प्रदेश के उन अग्रणी विश्वविद्यालयों में शामिल होगा जो विद्यार्थियों को अपनी गति और आवश्यकता के अनुसार उच्च शिक्षा पूरी करने का अवसर प्रदान करते हैं।
त्वरित डिग्री के लिए 10 प्रतिशत विद्यार्थियों को किया जा सकेगा शामिल
यूजीसी ने प्रथम या द्वितीय सेमेस्टर में प्रदर्शन का मूल्यांकन कर एडीपी और ईडीपी के लिए चयन करने का प्रावधान दिया है। त्वरित डिग्री कार्यक्रम में कुल स्वीकृत प्रवेश क्षमता के 10 प्रतिशत तक विद्यार्थियों को शामिल किया जा सकेगा। समिति क्रेडिट संरचना, पात्रता मानदंड और संचालन प्रक्रिया का अध्ययन कर अपनी संस्तुति देगी। वैधानिक समितियों की स्वीकृति प्राप्त कर कार्यक्रमों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
क्या हैं एडीपी और ईडीपी
एडीपी और ईडीपी यूजीसी विनियम-2025 के तहत शुरू की गई व्यवस्था हैं। एडीपी के तहत मेधावी छात्र निर्धारित क्रेडिट समय से पहले पूरा कर कम अवधि में स्नातक डिग्री हासिल कर सकेंगे। वहीं ईडीपी के तहत विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक या व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार अधिकतम दो अतिरिक्त सेमेस्टर का समय लेकर डिग्री पूरी कर सकेंगे। दोनों में पाठ्यक्रम, परीक्षा व डिग्री की गुणवत्ता नियमित पाठ्यक्रम के समान रहेगी।
इस पहल से विद्यार्थियों को उनकी सीखने की क्षमता एवं व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे शिक्षा प्रणाली अधिक लचीली, समावेशी और परिणामोन्मुख बनेगी। समिति की रिपोर्ट के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति