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सकारात्मक बदलाव में मदद करता है योग : प्रो. पूनम टंडन
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि योग व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है। योग से बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ उनके पुनर्वास की प्रक्रिया भी सशक्त होगी।
वह डीडीयू के महिला अध्ययन केंद्र की ओर से बृहस्पतिवार को जिला कारागार के महिला बैरक में आयोजित योग प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि महिला कैदियों को योग के माध्यम से आत्म निरीक्षण, आत्म नियंत्रण व आत्मविश्वास की भावना विकसित करने में मदद मिले।
महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. दिव्या रानी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। योग एक ऐसा माध्यम है जो व्यक्ति के भीतर आशा, आत्मविश्वास व आत्मसम्मान का संचार करता है। यह विचार किया इच्छुक व प्रशिक्षित महिला बंदियों को ''''योग साथी'''' बनाया जाए।
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इस दौरान योगाचार्यों ने महिला बंदियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम व ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया गया। विभिन्न आसनों के माध्यम से शरीर का लचीलापन, संतुलन क्षमता व मांसपेशियों की शक्ति बढ़ाने के महत्व को समझाया गया। इस दौरान हास्य योग का भी आयोजन किया गया। इस दौरान जेल अधीक्षक डीके पांडेय, जेलर अरुण कुमार, उप जेलर अनीता श्रीवास्तव आदि की मौजूदगी रही।
वह डीडीयू के महिला अध्ययन केंद्र की ओर से बृहस्पतिवार को जिला कारागार के महिला बैरक में आयोजित योग प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि महिला कैदियों को योग के माध्यम से आत्म निरीक्षण, आत्म नियंत्रण व आत्मविश्वास की भावना विकसित करने में मदद मिले।
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महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. दिव्या रानी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। योग एक ऐसा माध्यम है जो व्यक्ति के भीतर आशा, आत्मविश्वास व आत्मसम्मान का संचार करता है। यह विचार किया इच्छुक व प्रशिक्षित महिला बंदियों को ''''योग साथी'''' बनाया जाए।
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