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UP: वर्दी में आया था सिपाही, घर छोड़ने का वादा कर अस्पताल से उठा ले गया, अपहरण के बाद किया मासूम बच्ची का कत्ल
Thu, 30 Jul 2026 10:42 AM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 30 Jul 2026 10:42 AM IST
सार
गोरखपुर से सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां जिला अस्पताल से लौट रही बच्ची को अगवा कर सिपाही ने हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को चिलुआताल के श्मशान घाट पर फेंक दिया। सुबह करीब चार बजे बच्ची का शव मिला है।
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गिरफ्तार सिपाही अभिषेक यादव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
यूपी के गोरखपुर में डायल-100 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव ने बुधवार को जिला अस्पताल से घर लौट रही 10 वर्षीय बच्ची को अगवा कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मूल रूप से गाजीपुर के रहने वाले सिपाही को हिरासत में ले लिया है और उसे लेकर बच्ची के शव की तलाश में देर तक जुटी रही। सुबह करीब चार बजे मासूम का शव चिलुआताल के श्मशान घाट पर मिला।
पुलिस के अनुसार, आजमगढ़ के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले बच्ची के पिता पिछले चार वर्षों से गोरखपुर में परिवार के साथ रहकर ई-रिक्शा चलाते हैं। 27 जुलाई को उनकी बड़ी बेटी की तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे 10 वर्षीय बच्ची अपनी बड़ी बहन के लिए खाना लेकर जिला अस्पताल पहुंची थी। बहन को खाना खिलाने के बाद रात करीब नौ बजे वह घर के लिए निकली लेकिन वापस नहीं पहुंची। काफी देर तक इंतजार के बाद परिजन ने अस्पताल परिसर और आसपास उसकी तलाश की।
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पुलिस के अनुसार, आजमगढ़ के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले बच्ची के पिता पिछले चार वर्षों से गोरखपुर में परिवार के साथ रहकर ई-रिक्शा चलाते हैं। 27 जुलाई को उनकी बड़ी बेटी की तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे 10 वर्षीय बच्ची अपनी बड़ी बहन के लिए खाना लेकर जिला अस्पताल पहुंची थी। बहन को खाना खिलाने के बाद रात करीब नौ बजे वह घर के लिए निकली लेकिन वापस नहीं पहुंची। काफी देर तक इंतजार के बाद परिजन ने अस्पताल परिसर और आसपास उसकी तलाश की।
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रिश्तेदारों और परिचितों से जानकारी लेने के बाद भी जब बच्ची का पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी की पहचान कर ली। उसके पुलिस लाइंस से निकलने और अन्य गतिविधियों का ब्योरा भी खंगाला जा रहा है।
वर्दी में आया था सिपाही, घर छोड़ने का दिया झांसा
अस्पताल में भर्ती 13 वर्षीय बड़ी बहन ने पुलिस को बताया कि दोनों बहनें अस्पताल परिसर में बैठकर खाना खा रही थीं। इसी दौरान पुलिस की वर्दी पहने एक युवक वहां आया और उनसे पता पूछने लगा। आरोप है कि सिपाही ने दोनों बच्चियों से कहा कि वह बाइक से घर छोड़ देगा। बड़ी बहन के मना करने के बाद भी आरोपी छोटी बहन को साथ चलने के लिए दबाव बनाता रहा।
अस्पताल में भर्ती 13 वर्षीय बड़ी बहन ने पुलिस को बताया कि दोनों बहनें अस्पताल परिसर में बैठकर खाना खा रही थीं। इसी दौरान पुलिस की वर्दी पहने एक युवक वहां आया और उनसे पता पूछने लगा। आरोप है कि सिपाही ने दोनों बच्चियों से कहा कि वह बाइक से घर छोड़ देगा। बड़ी बहन के मना करने के बाद भी आरोपी छोटी बहन को साथ चलने के लिए दबाव बनाता रहा।
इसके बाद वह काफी देर तक बच्ची के आसपास घूमता रहा। बच्ची के अस्पताल से निकलने के बाद आरोपी उसके पीछे चला गया। पुलिस जांच में अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई जिसमें संदिग्ध युवक बच्ची को बाइक पर ले जाते हुए दिखाई दिया। फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी सिपाही को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पहले भी विवादों में रहा है आरोपी सिपाही
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिपाही करीब एक वर्ष पहले भी गंभीर आरोपों को लेकर जांच के घेरे में आ चुका है। उस समय बंगाल की युवती से जुड़े दुष्कर्म और जालसाजी के मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बताया जा रहा है कि युवती के बयान दर्ज नहीं होने के कारण उस मामले में दुष्कर्म के आरोप में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी। हालांकि पुलिस ने आरोपी के पास से बरामद कूटरचित आधार कार्ड के आधार पर उसे जेल भेजा था और उसी मामले में चार्जशीट दाखिल की गई थी। जेल से बाहर आने के बाद अब वह फिर एक गंभीर आरोप में घिर गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिपाही करीब एक वर्ष पहले भी गंभीर आरोपों को लेकर जांच के घेरे में आ चुका है। उस समय बंगाल की युवती से जुड़े दुष्कर्म और जालसाजी के मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बताया जा रहा है कि युवती के बयान दर्ज नहीं होने के कारण उस मामले में दुष्कर्म के आरोप में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी। हालांकि पुलिस ने आरोपी के पास से बरामद कूटरचित आधार कार्ड के आधार पर उसे जेल भेजा था और उसी मामले में चार्जशीट दाखिल की गई थी। जेल से बाहर आने के बाद अब वह फिर एक गंभीर आरोप में घिर गया है।
पहले भी कई बार लग चुका है खाकी पर दाग
- 3 फरवरी 2025: गोरखपुर रेलवे स्टेशन से एक दंपती को अगवा कर लूटपाट और अभद्रता करने के मामले में पुलिस लाइन में तैनात सिपाही अभिषेक यादव को आरोपी बनाया गया था, जिसे तुरंत निलंबित कर गिरफ्तार कर लिया गया था। कब की घटना है
- 09 अगस्त 2025 : नौसड़ चौकी इंचार्ज शुभम श्रीवास्तव पर राजस्थान से आए एक व्यापारी से अपहरण और 90 हजार रुपये की लूटपाट का गंभीर आरोप लगा था।
- 06 फरवरी 2024 : खोराबार थाने के रामनगर कडज़हां के पूर्व चौकी प्रभारी समेत चार पर भ्रष्टाचार केस दर्ज हुआ।युवक से 10 हजार रुपये मांग रहे थे।
- 17 जनवरी 2024: पीपीगंज थाने में तैनात दारोगा अमित कुमार सिंह और सिपाही अमित यादव को एसएसपी ने निलंबित किया।आरोप था की तस्कर को छोड़ने के लिए रुपये लिए थे।
- 22 नवंबर 2024 : पिपराइच थाने में तैनात प्रशिक्षु महिला दारोगा अंकिता पांडेय 10 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार
- 01 अप्रैल 2024 : बेनीगंज चौकी प्रभारी आलोक सिंह ने व्यापारी के 50 लाख रुपये हड़पे। पुलिस ने साथी संग गिरफ्तार कर जेल भेजा।
- 11 अक्तूबर,2023 : शाहपुर पुलिस ने सम्मन सेल में तैनात दारोगा रविंद्र शुक्ल व उसके साथी कुलवीर को 33 किलो गांजा के साथ पकड़ा।
- 27 सितंबर, 2021 : रामगढ़ताल क्षेत्र में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की पुलिसकर्मियों की पिटाई से मृत्यु हुई। थानेदार समेत छह पुलिसकर्मी जेल गए।
- 21 जनवरी, 2021 : महराजगंज के रहने वाले स्वर्ण व्यापारी का अपहरण कर 30 लाख रुपये का सोना लूटा गया। बस्ती जिले में तैनात दारोगा धर्मेंद्र यादव, सिपाही महेंद्र यादव व संतोष यादव को गिरफ्तार कर कैंट पुलिस ने जेल भेजा।
- 25 दिसंबर, 2020 : गोला थाने में तैनात दारोगा पर मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी करने व नाम हटाने के लिए रुपये मांगने का आरोप लगा। जांच में आरोप सही मिलने पर एसएसपी ने मुकदमा दर्ज कराया।
- 25 दिसंबर, 2020 : चौरी चौरा थाना पुलिस ने देवरिया के सलेमपुर थाने में तैनात सिपाही को पशु तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा।
- 22 मई, 2019 : वरिष्ठ मानसिक रोग विशेषज्ञ डा. रामशरण श्रीवास्तव से रंगदारी वसूलने में राजघाट थाना पुलिस ने दारोगा व उसके साथी को जेल भेजा।
- 18 दिसंबर 2017: उरुवा थाने में तैनात दो दारोगा को अपहरण कर फिरौती वसूलने के आरोप में कैंट पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा।