UP: परिषदीय स्कूल खुले, बच्चे नानी के घर; फोन पर बोले - मैम...नानी के घर आया हूं कुछ दिन बाद आउंगा स्कूल
प्राथमिक विद्यालय बहरामपुर में सुबह 9:06 मिनट पर सभी शिक्षक विद्यालय पहुंच चुके थे। उस समय तक एक भी छात्र स्कूल नहीं पहुंचा था। प्रधानाध्यापिका सुबह से ही स्कूल के गेट पर खड़ी होकर बच्चों का इंतजार करती रहीं। वहीं प्राथमिक विद्यालय खूनीपुर में सुबह 9:46 मिनट तक विद्यालय परिसर की साफ-सफाई का काम चल रहा था।
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गर्मी की छुट्टियों के बाद मंगलवार को परिषदीय विद्यालय तो खुल गए लेकिन अधिकांश स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बेहद कम रही। शिक्षक और प्रधानाध्यापक पूरे दिन अभिभावकों व बच्चों को फोन कर स्कूल आने के लिए कहते रहे।
कई बच्चों ने जवाब दिया कि वे अभी नानी-मौसी के घर हैं और एक-दो दिन बाद लौटेंगे। कई विद्यालयों में बच्चों के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां भी की गई थीं। कुछ स्कूलों में बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया।
प्राथमिक विद्यालय बहरामपुर: सुबह से ही गेट पर खड़ी थीं प्रधानाध्यापिका
प्राथमिक विद्यालय बहरामपुर में सुबह 9:06 मिनट पर सभी शिक्षक विद्यालय पहुंच चुके थे। उस समय तक एक भी छात्र स्कूल नहीं पहुंचा था। प्रधानाध्यापिका सुबह से ही स्कूल के गेट पर खड़ी होकर बच्चों का इंतजार करती रहीं। वहीं, प्राथमिक विद्यालय खूनीपुर में सुबह 9:46 मिनट तक विद्यालय परिसर की साफ-सफाई का काम चल रहा था।
प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय में कुल 60 छात्र नामांकित हैं लेकिन पहले दिन उपस्थिति कम रही। उनका कहना कि एक दो दिन में बच्चों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
प्राथमिक विद्यालय आमकोल सरदारनगर में शिक्षक सुबह आठ बजे ही पहुंच गए थे। विद्यालय के प्रधानाचार्य आनंद कुमार तिवारी ने बताया कि यहां बच्चों के आने से पहले विद्यालय परिसर की विशेष सफाई कराई जा रही है। विद्यालय में 121 छात्र नामांकित हैं और सात शिक्षक कार्यरत हैं। बुधवार से बच्चे आएंगे तो तिलक लगाकर स्वागत किया जाएगा।
प्राथमिक विद्यालय सरैया में सुबह 8:30 बजे से शिक्षकों ने बच्चों और अभिभावकों से संपर्क शुरू कर दिया। शिक्षकों के अनुसार, कई बच्चों ने बताया कि वे गर्मी की छुट्टियों में अपने नाना, नानी और मौसी के घर गए हुए हैं और अभी नहीं लौटे हैं।
शिक्षिकाओं ने बताया कि बच्चों का एक ग्रुप भी बनाया गया। मैसेज कर दिया गया है लेकिन बच्चे नहीं आए है। अब उन्हें फोन करके बुलाया जा रहा है। शिक्षक पुष्पा सोनकर ने बताया कि हमारे यहां 61 छात्र नामांकित हैं और पांच शिक्षिकाएं हैं। माेहद्दीपुर का प्राथमिक विद्यालय बंद रहा वहां न तो कोई शिक्षक आए थे और न ही छात्र।
पीएससी कैंपस के पास स्थित कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य अर्चना श्रीवास्तव ने बच्चों कॉपी-किताबें भी दीं। प्राथमिक विद्यालय शिवपुर सहबाजगंज में बच्चों के स्वागत के बाद छात्रा रोशनी ने हमारी चिड़ियारानी की कविता पढ़कर पूरे क्लास को सुनाया। कुछ विद्यालय में पहले दिन कक्षाएं पूरी तरह नहीं भर सकीं लेकिन शिक्षकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में उपस्थिति सामान्य हो जाएगी।
प्राथमिक विद्यालय डुहिया, खोराबार में सभी शिक्षक आ गए थे। पहले दिन बच्चाें की संख्या काफी कम रही। शिक्षकाें ने बताया कि एक दो दिन में बच्चों की संख्या बढ़ जाएगी। स्कूल में साफ सफाई कराई जा रही है।
कंपोजिट विद्यालय सिक्टौर में पढ़ते मिले बच्चे
कंपोजिट विद्यालय सिक्टौर में 404 छात्र नामांकित है। इसमें 101 बच्चे पहले दिन विद्यालय आए थे। कक्षाओं में पढ़ाई भी होती मिली। सभी 18 शिक्षक बच्चों को पढ़ाते मिले। शिक्षक नृपेंद्र सिंह ने बताया कि एक दो दिन में यहां सभी बच्चे आ जाएंगे। बच्चे अभी गर्मी छुट्टियां मनाने नानी और मौसी के घर गए हैं।