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चैत्र रामनवमी आज, दोपहर 12:02 बजे तक हवन करना ज्यादा शुभ
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 27 Mar 2026 03:04 AM IST
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- कन्या पूजन भी नवमी तिथि में ही श्रद्धालु करेंगे, इसके बाद दशमी तिथि लग रही है
- नौ दिन व्रत रहने वाले श्रद्धालु 28 मार्च को दशमी में सुबह 10:06 बजे के अंदर पारण करेंगे
गोरखपुर। चैत्र नवरात्र का समापन पर्व रामनवमी शुक्रवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इसदिन भगवान राम को जन्मोत्सव मनेगा व माता सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाएगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, नवमी तिथि शुक्रवार को दोपहर में 12:02 बजे तक ही प्रभावी रहेगी। इसलिए इस अवधि में हवन और पूजन करना विशेष रूप से शुभ माना गया है। इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
गोरखनाथ संस्कृत विद्यापीठ के सहायक आचार्य डॉ. प्रांगेश कुमार मिश्र ने बताया कि नवमी तिथि में ही कन्या पूजन का भी विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु इस दिन कन्याओं को भोजन कराकर और पूजन कर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। दोपहर 12:02 बजे के बाद दशमी तिथि लगने के कारण कई श्रद्धालु उससे पहले ही कन्या पूजन संपन्न कर लेंगे।
पंडित विकास मालवीय ने बताया कि पूरे नौ दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालु 28 मार्च को दशमी तिथि में सुबह 10:06 बजे के अंदर पारण करेंगे। पारण के साथ ही चैत्र नवरात्र का विधिवत समापन होगा। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रामनवमी के दिन भगवान श्रीराम का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था, इसलिए इस समय पूजा-अर्चना और हवन का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालु सुबह से ही मंदिरों में पहुंचकर भगवान श्रीराम का दर्शन-पूजन करेंगे और विधि-विधान से हवन करेंगे।
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- नौ दिन व्रत रहने वाले श्रद्धालु 28 मार्च को दशमी में सुबह 10:06 बजे के अंदर पारण करेंगे
गोरखपुर। चैत्र नवरात्र का समापन पर्व रामनवमी शुक्रवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इसदिन भगवान राम को जन्मोत्सव मनेगा व माता सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाएगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, नवमी तिथि शुक्रवार को दोपहर में 12:02 बजे तक ही प्रभावी रहेगी। इसलिए इस अवधि में हवन और पूजन करना विशेष रूप से शुभ माना गया है। इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
गोरखनाथ संस्कृत विद्यापीठ के सहायक आचार्य डॉ. प्रांगेश कुमार मिश्र ने बताया कि नवमी तिथि में ही कन्या पूजन का भी विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु इस दिन कन्याओं को भोजन कराकर और पूजन कर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। दोपहर 12:02 बजे के बाद दशमी तिथि लगने के कारण कई श्रद्धालु उससे पहले ही कन्या पूजन संपन्न कर लेंगे।
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पंडित विकास मालवीय ने बताया कि पूरे नौ दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालु 28 मार्च को दशमी तिथि में सुबह 10:06 बजे के अंदर पारण करेंगे। पारण के साथ ही चैत्र नवरात्र का विधिवत समापन होगा। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रामनवमी के दिन भगवान श्रीराम का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था, इसलिए इस समय पूजा-अर्चना और हवन का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालु सुबह से ही मंदिरों में पहुंचकर भगवान श्रीराम का दर्शन-पूजन करेंगे और विधि-विधान से हवन करेंगे।