{"_id":"6a500fe934d0c900100eb3a2","slug":"dr-swarnima-singh-took-over-charge-from-prof-shivakant-singh-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1380595-2026-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्वविद्यालय : भूगोल विभाग की अध्यक्ष बनीं डॉ. स्वर्णिमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्वविद्यालय : भूगोल विभाग की अध्यक्ष बनीं डॉ. स्वर्णिमा
Fri, 10 Jul 2026 02:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 10 Jul 2026 02:47 AM IST
विज्ञापन
डीडीयू में डॉ. स्वर्णिमा सिंह को भूगोल विभाग के अध्यक्ष का कार्यभार सौंपते प्रो. एसके सिंह।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग की सहयुक्त आचार्य डॉ. स्वर्णिमा सिंह ने विभागाध्यक्ष का कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने प्रो. एसके सिंह से पदभार ग्रहण किया। कुलपति प्रो. पूनम टंडन के आदेश पर उन्हें तीन वर्ष के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ. स्वर्णिमा सिंह ने कहा कि विभाग की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगी। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शोध और नवाचार को प्राथमिकता देने की बात कही। डॉ. स्वर्णिमा सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय से परास्नातक, एमफिल और पीएचडी की उपाधियां प्राप्त की हैं। उन्हें अध्ययन, अध्यापन और शोध का करीब 15 वर्षों का अनुभव है।
उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी), बंगलूरू व डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के सहयोग से भी शोध कार्य किया है। जलवायु परिवर्तन पर उनकी पुस्तक स्प्रिंगर-नेचर से प्रकाशित हो चुकी है। उनके 20 से अधिक राष्ट्रीय और 25 अंतरराष्ट्रीय शोधपत्र प्रकाशित हैं। वर्ष 2025 में उन्हें आईसीएसएसआर से 18 लाख रुपये का शोध प्रोजेक्ट भी मिला था। उनके निर्देशन में दो शोधार्थी पीएचडी पूरी कर चुके हैं, जबकि आठ शोधरत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ. स्वर्णिमा सिंह ने कहा कि विभाग की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगी। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शोध और नवाचार को प्राथमिकता देने की बात कही। डॉ. स्वर्णिमा सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय से परास्नातक, एमफिल और पीएचडी की उपाधियां प्राप्त की हैं। उन्हें अध्ययन, अध्यापन और शोध का करीब 15 वर्षों का अनुभव है।
विज्ञापन
उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी), बंगलूरू व डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के सहयोग से भी शोध कार्य किया है। जलवायु परिवर्तन पर उनकी पुस्तक स्प्रिंगर-नेचर से प्रकाशित हो चुकी है। उनके 20 से अधिक राष्ट्रीय और 25 अंतरराष्ट्रीय शोधपत्र प्रकाशित हैं। वर्ष 2025 में उन्हें आईसीएसएसआर से 18 लाख रुपये का शोध प्रोजेक्ट भी मिला था। उनके निर्देशन में दो शोधार्थी पीएचडी पूरी कर चुके हैं, जबकि आठ शोधरत हैं।
विज्ञापन