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Gorakhpur News: सर्द-गर्म मौसम में सर्दी-खांसी और टाइफाइड के बढ़ रहे रोगी
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 04 May 2026 02:37 AM IST
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गोरखपुर। मौसम में लगातार बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। अस्पतालों में सर्दी-खांसी, बुखार और टाइफाइड के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव और नमी के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंड के कारण शरीर का तापमान संतुलित नहीं रह पाता, जिससे वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में सर्दी-खांसी के साथ बुखार के लक्षण अधिक देखे जा रहे हैं। साफ-सफाई की कमी के चलते पानी दूषित हो रहा है। यही कारण है कि टाइफाइड और पेट से जुड़ी बीमारियों के मरीज भी बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, दूषित पानी पीने से पेट दर्द, दस्त, उल्टी और बुखार जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इसके साथ ही कई मरीज हाथ-पैर में दर्द और झुनझुनाहट की शिकायत भी कर रहे हैं, जो कमजोरी और संक्रमण का संकेत हो सकता है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अल्का ने बताया कि नमी और धूल-प्रदूषण के कारण आंखों में संक्रमण के मामले भी बढ़ रहे हैं। लोगों में आंखों में लालिमा, जलन, खुजली और पानी आने की समस्या देखी जा रही है। ऐसे मौसम में आंखों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
एम्स के फिजिशियन डॉ. सतेंद्रु ने उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीने, बाहर का खाना कम खाने और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी है। इसके अलावा, मौसम के अनुसार कपड़े पहनने, भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क का इस्तेमाल करने और हाथों को नियमित रूप से धोने की भी सलाह दी।
एम्स के त्वचा रोग विभाग के विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि ऐसे मौसम में स्किन से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। धूप और मौसम में नमी की वजह से घमौरिया, सनवर्न, टैनिंग, फंगल इंफेक्शन, एक्जिमा की परेशानी बढ़ना और डिहाइड्रेशन के कारण त्वचा का रूखापन देखा जा रहा है। जिन्हें पहले से एक्जिमा या एलर्जी की समस्या है, उनमें भी यह लक्षण दिख सकते हैं।
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दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंड के कारण शरीर का तापमान संतुलित नहीं रह पाता, जिससे वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में सर्दी-खांसी के साथ बुखार के लक्षण अधिक देखे जा रहे हैं। साफ-सफाई की कमी के चलते पानी दूषित हो रहा है। यही कारण है कि टाइफाइड और पेट से जुड़ी बीमारियों के मरीज भी बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, दूषित पानी पीने से पेट दर्द, दस्त, उल्टी और बुखार जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इसके साथ ही कई मरीज हाथ-पैर में दर्द और झुनझुनाहट की शिकायत भी कर रहे हैं, जो कमजोरी और संक्रमण का संकेत हो सकता है।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अल्का ने बताया कि नमी और धूल-प्रदूषण के कारण आंखों में संक्रमण के मामले भी बढ़ रहे हैं। लोगों में आंखों में लालिमा, जलन, खुजली और पानी आने की समस्या देखी जा रही है। ऐसे मौसम में आंखों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
एम्स के फिजिशियन डॉ. सतेंद्रु ने उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीने, बाहर का खाना कम खाने और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी है। इसके अलावा, मौसम के अनुसार कपड़े पहनने, भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क का इस्तेमाल करने और हाथों को नियमित रूप से धोने की भी सलाह दी।
एम्स के त्वचा रोग विभाग के विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि ऐसे मौसम में स्किन से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। धूप और मौसम में नमी की वजह से घमौरिया, सनवर्न, टैनिंग, फंगल इंफेक्शन, एक्जिमा की परेशानी बढ़ना और डिहाइड्रेशन के कारण त्वचा का रूखापन देखा जा रहा है। जिन्हें पहले से एक्जिमा या एलर्जी की समस्या है, उनमें भी यह लक्षण दिख सकते हैं।
