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जालसाज इंजीनियर: फर्जी क्यू-फॉर्म बनाकर पंजाब सरकार को ही लगा दिया था चूना, फर्जी वेबसाइट बना करते थे खेल
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 01:44 AM IST
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सार
पुलिस की जांच में अब तक करीब 450 से 500 फर्जी क्यू फॉर्म तैयार होने का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों की पहचान की। इनमें अरुण कुमार उर्फ राणा (नैनवां, होशियारपुर), हरिंदरपाल भल्ला उर्फ नोनू (भरतगढ़, रुपनगर), गुरमीत सिंह (सरसा नंगल, रुपनगर) और अखिलेश प्रताप शाही (विवेक पुरम, तारामंडल, गोरखपुर) शामिल हैं।
फ्रॉड (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
रामगढ़ताल थानाक्षेत्र के तारामंडल इलाके के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अखिलेश प्रताप शाही और तीन अन्य को पंजाब पुलिस ने जेल भिजवा दिया है। आरोप है कि इस गिरोह ने फर्जी वेबसाइट बनाकर नकली क्यू फॉर्म तैयार कर ट्रांसपोर्टरों को उपलब्ध कराए। इससे पंजाब सरकार के राजस्व को भारी नुकसान हुआ।
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मामले में आरोपियों के खिलाफ बीते 16 जनवरी को पंजाब के थाना नंगल में फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी, आईटी एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अखिलेश को पंजाब पुलिस रविवार को गिरफ्तार कर साथ लेकर गई थी। जहां सोमवार को पंजाब पुलिस कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया।
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जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पंजाब सरकार के माइंस एंड जियोलॉजी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट जैसी फर्जी वेबसाइट तैयार की। इस पोर्टल के जरिये ट्रकों के लिए नकली क्यू फॉर्म बनाए जाते थे, जिनका इस्तेमाल रेत, बजरी जैसी निर्माण सामग्री के लिए अवैध परिवहन में किया जा रहा था।
अब तक करीब 450 से 500 फर्जी क्यू फॉर्म तैयार होने का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों की पहचान की। इनमें अरुण कुमार उर्फ राणा (नैनवां, होशियारपुर), हरिंदरपाल भल्ला उर्फ नोनू (भरतगढ़, रुपनगर), गुरमीत सिंह (सरसा नंगल, रुपनगर) और अखिलेश प्रताप शाही (विवेक पुरम, तारामंडल, गोरखपुर) शामिल हैं।
अब तक करीब 450 से 500 फर्जी क्यू फॉर्म तैयार होने का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों की पहचान की। इनमें अरुण कुमार उर्फ राणा (नैनवां, होशियारपुर), हरिंदरपाल भल्ला उर्फ नोनू (भरतगढ़, रुपनगर), गुरमीत सिंह (सरसा नंगल, रुपनगर) और अखिलेश प्रताप शाही (विवेक पुरम, तारामंडल, गोरखपुर) शामिल हैं।
प्रत्येक की भूमिका अलग रही अरुण कुमार ट्रकों के नंबर उपलब्ध कराता था। हरिंदरपाल भल्ला गिरोह का मुख्य समन्वयक था। गुरमीत सिंह फर्जी क्यू फॉर्म तैयार करता था और अखिलेश प्रताप शाही फर्जी पोर्टल का तकनीकी संचालन करता था।
कार्रवाई के दौरान नौ मोबाइल फोन और दो लैपटॉप बरामद किए गए। सभी उपकरण डिजिटल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस अब फर्जी क्यू फॉर्म का उपयोग करने वाले अन्य ट्रांसपोर्टरों, संबंधित ट्रकों और वेबसाइट से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
कार्रवाई के दौरान नौ मोबाइल फोन और दो लैपटॉप बरामद किए गए। सभी उपकरण डिजिटल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस अब फर्जी क्यू फॉर्म का उपयोग करने वाले अन्य ट्रांसपोर्टरों, संबंधित ट्रकों और वेबसाइट से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
फर्जी वेबसाइट बनाकर किया जा रहा था खेल
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पंजाब सरकार के माइंस एंड जियोलॉजी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती एक फर्जी वेबसाइट तैयार की थी, ताकि ट्रांसपोर्टरों और जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके।
इसी फर्जी पोर्टल के जरिये ट्रकों के लिए नकली क्यू फॉर्म तैयार किए जाते थे, जिनका इस्तेमाल रेत, बजरी जैसी निर्माण सामग्री के अवैध परिवहन में किया जा रहा था। इसके बाद हरकत में आई पंजाब पुलिस ने जांच शुरू की थी।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पंजाब सरकार के माइंस एंड जियोलॉजी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती एक फर्जी वेबसाइट तैयार की थी, ताकि ट्रांसपोर्टरों और जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके।
इसी फर्जी पोर्टल के जरिये ट्रकों के लिए नकली क्यू फॉर्म तैयार किए जाते थे, जिनका इस्तेमाल रेत, बजरी जैसी निर्माण सामग्री के अवैध परिवहन में किया जा रहा था। इसके बाद हरकत में आई पंजाब पुलिस ने जांच शुरू की थी।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नौ मोबाइल फोन और दो लैपटॉप बरामद किए हैं। सभी उपकरणों को डिजिटल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच जारी पुलिस अब फर्जी क्यू फॉर्म का उपयोग करने वाले अन्य ट्रांसपोर्टरों, इसमें शामिल ट्रकों की सूची, वेबसाइट से जुड़े डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।
आरोपियों के खिलाफ पंजाब के नंगल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें एक आरोपी रामगढ़ताल थानाक्षेत्र का था। जिसे पंजाब पुलिस अपने साथ ले गई है: योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नौ मोबाइल फोन और दो लैपटॉप बरामद किए हैं। सभी उपकरणों को डिजिटल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच जारी पुलिस अब फर्जी क्यू फॉर्म का उपयोग करने वाले अन्य ट्रांसपोर्टरों, इसमें शामिल ट्रकों की सूची, वेबसाइट से जुड़े डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।
आरोपियों के खिलाफ पंजाब के नंगल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें एक आरोपी रामगढ़ताल थानाक्षेत्र का था। जिसे पंजाब पुलिस अपने साथ ले गई है: योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट
