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Gorakhpur News: गंगाजल की कसम खाकर रिश्ता तोड़ा...भड़के देवर के दोस्त ने ले ली जान
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खुशबू हत्याकांड: देवर के दोस्त से था नजदीकी संबंध, रिश्ता तोड़ने की कसम खाने पर गला रेतकर की थी हत्या
घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ आरोपी, छह टीमें कर रहीं तलाश
शादी के बाद शुरू हुआ था दोनों में नजदीकी संबंध, पंचायत तक पहुंचा था मामला
गोरखपुर। गगहा थाना क्षेत्र के गजपुर बाजार में खुशबू हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस को पता चला है कि पड़ोसी सीताराम का खुशबू से नजदीकी संबंध था। वारदात के पहले खुशबू ने गंगाजल लेकर सीताराम से संबंध न रखने की कसम खाई। इसी बात से नाराज सीताराम ने खुशबू के गर्दन पर चाकू से वार कर हत्या कर दी थी। उधर, घटना के 24 घंटे बाद भी आरोपी सीताराम पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छह टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
इस बीच वारदात से जुड़े नए तथ्य सामने आए हैं, जिनसे मामला और भी सनसनीखेज बन गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी सीताराम घटना के समय खुशबू के देवर जितेंद्र के साथ छत पर पहुंचा था। यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।
एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी के मुताबिक, बांसगांव क्षेत्र के लाहीडाड़ी गांव की खुशबू गौतम की शादी वर्ष 2022 में गजपुर निवासी उपेंद्र से हुई थी। शादी के बाद सब कुछ सामान्य था लेकिन कुछ समय बाद उपेंद्र के छोटे भाई जितेंद्र का दोस्त सीताराम घर आने-जाने लगा। इसी दौरान खुशबू और सीताराम के बीच नजदीकियां बढ़ीं। एक दिन उपेंद्र ने दोनों को साथ देखा तो घर में विवाद बढ़ गया।
मामला गांव की पंचायत तक पहुंचा, जहां दोनों को अलग रहने की हिदायत दी गई। इसके बाद उपेंद्र पांच मार्च को नौकरी के सिलसिले में दुबई चला गया था। पति के विदेश जाने के बाद भी परिवार में तनाव बना रहा।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार को दिन में देवर जितेंद्र ने भाभी खुशबू और दोस्त सीताराम को आमने-सामने बैठाकर रिश्ते को खत्म करने का दबाव बनाया। उसने खुशबू को गंगाजल देकर कसम दिलाई कि वह अब सीताराम से कोई संबंध नहीं रखेगी। खुशबू ने गंगाजल लेकर रिश्ता तोड़ने की कसम खा ली लेकिन यह बात सीताराम को नागवार गुजर गई।
छत पर चाकू से गला रेतकर की थी हत्या
बुधवार शाम खुशबू अपने घर की छत पर थी। इसी दौरान सीताराम वहां पहुंचा और अचानक चाकू से उस पर हमला कर दिया। उसने खुशबू के गले पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चीख-पुकार सुनकर जब तक आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी भाग चुका था। सूचना पर गगहा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छह टीमें गठित की हैं, जो लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। आरोपी के परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बावजूद इसके, 24 घंटे बाद भी पुलिस को आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
चार माह पहले हुआ था समझौता
एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया कि दोनों पक्षों में चार माह पहले भी घर में बैठकर पारिवारिक समझौता हुआ था। इसके बाद भी सीताराम अक्सर खुशबू को कॉल कर बातचीत करने के लिए दबाव बनाता था। उधर, खुशबू के वैवाहिक जीवन में भी दरारें आने लगी थीं। देवर जितेंद्र ने दोनों के बीच में कई बार समझौता भी कराया था।
गांव लाया गया शव तो मायके पक्ष के लोग प्रदर्शन पर अड़े
गगहा। गगहा थाना क्षेत्र के गजपुर बाजार में बृहस्पतिवार शाम विवाहिता खुशबू का अंतिम संस्कार गम और तनाव के बीच संपन्न हुआ। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब 5:30 बजे जब खुशबू का शव उसके ससुराल लाया गया तो वहां भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर चार थानों की फोर्स और तीन क्षेत्राधिकारी तैनात रहे। शव पहुंचने के बाद ससुराल पक्ष अंतिम संस्कार की तैयारी में था लेकिन बांसगांव के लाहीडाड़ी से आए मायके पक्ष के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। वे शव के साथ प्रदर्शन करने पर अड़ गए, जिससे माहौल थोड़ी देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। पुलिस अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की। इस दौरान झड़प भी हुई। विवाद बढ़ता देख पुलिस ने सख्त रुख अपनाया और व्यवधान डाल रहे एक स्थानीय नेता को हिरासत में लेकर चौकी भिजवा दिया।
देवर ने दी मुखाग्नि, पुलिस ने बनाई सुरक्षा
पुलिस की सख्ती के बाद मायका पक्ष वहां से हट गया। देर शाम करीब 7:00 बजे पुलिस की कड़ी सुरक्षा में शव को गजपुर स्थित राप्ती नदी के तट पर ले जाया गया, जहां खुशबू के देवर ने उसे मुखाग्नि दी। इस दौरान सीओ बांसगांव अनुज सिंह, सीओ गोला दरवेश कुमार और सीओ खजनी दीपांशी राठौर सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ आरोपी, छह टीमें कर रहीं तलाश
शादी के बाद शुरू हुआ था दोनों में नजदीकी संबंध, पंचायत तक पहुंचा था मामला
गोरखपुर। गगहा थाना क्षेत्र के गजपुर बाजार में खुशबू हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस को पता चला है कि पड़ोसी सीताराम का खुशबू से नजदीकी संबंध था। वारदात के पहले खुशबू ने गंगाजल लेकर सीताराम से संबंध न रखने की कसम खाई। इसी बात से नाराज सीताराम ने खुशबू के गर्दन पर चाकू से वार कर हत्या कर दी थी। उधर, घटना के 24 घंटे बाद भी आरोपी सीताराम पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छह टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
इस बीच वारदात से जुड़े नए तथ्य सामने आए हैं, जिनसे मामला और भी सनसनीखेज बन गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी सीताराम घटना के समय खुशबू के देवर जितेंद्र के साथ छत पर पहुंचा था। यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।
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एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी के मुताबिक, बांसगांव क्षेत्र के लाहीडाड़ी गांव की खुशबू गौतम की शादी वर्ष 2022 में गजपुर निवासी उपेंद्र से हुई थी। शादी के बाद सब कुछ सामान्य था लेकिन कुछ समय बाद उपेंद्र के छोटे भाई जितेंद्र का दोस्त सीताराम घर आने-जाने लगा। इसी दौरान खुशबू और सीताराम के बीच नजदीकियां बढ़ीं। एक दिन उपेंद्र ने दोनों को साथ देखा तो घर में विवाद बढ़ गया।
मामला गांव की पंचायत तक पहुंचा, जहां दोनों को अलग रहने की हिदायत दी गई। इसके बाद उपेंद्र पांच मार्च को नौकरी के सिलसिले में दुबई चला गया था। पति के विदेश जाने के बाद भी परिवार में तनाव बना रहा।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार को दिन में देवर जितेंद्र ने भाभी खुशबू और दोस्त सीताराम को आमने-सामने बैठाकर रिश्ते को खत्म करने का दबाव बनाया। उसने खुशबू को गंगाजल देकर कसम दिलाई कि वह अब सीताराम से कोई संबंध नहीं रखेगी। खुशबू ने गंगाजल लेकर रिश्ता तोड़ने की कसम खा ली लेकिन यह बात सीताराम को नागवार गुजर गई।
छत पर चाकू से गला रेतकर की थी हत्या
बुधवार शाम खुशबू अपने घर की छत पर थी। इसी दौरान सीताराम वहां पहुंचा और अचानक चाकू से उस पर हमला कर दिया। उसने खुशबू के गले पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चीख-पुकार सुनकर जब तक आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी भाग चुका था। सूचना पर गगहा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छह टीमें गठित की हैं, जो लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। आरोपी के परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बावजूद इसके, 24 घंटे बाद भी पुलिस को आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
चार माह पहले हुआ था समझौता
एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया कि दोनों पक्षों में चार माह पहले भी घर में बैठकर पारिवारिक समझौता हुआ था। इसके बाद भी सीताराम अक्सर खुशबू को कॉल कर बातचीत करने के लिए दबाव बनाता था। उधर, खुशबू के वैवाहिक जीवन में भी दरारें आने लगी थीं। देवर जितेंद्र ने दोनों के बीच में कई बार समझौता भी कराया था।
गांव लाया गया शव तो मायके पक्ष के लोग प्रदर्शन पर अड़े
गगहा। गगहा थाना क्षेत्र के गजपुर बाजार में बृहस्पतिवार शाम विवाहिता खुशबू का अंतिम संस्कार गम और तनाव के बीच संपन्न हुआ। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब 5:30 बजे जब खुशबू का शव उसके ससुराल लाया गया तो वहां भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर चार थानों की फोर्स और तीन क्षेत्राधिकारी तैनात रहे। शव पहुंचने के बाद ससुराल पक्ष अंतिम संस्कार की तैयारी में था लेकिन बांसगांव के लाहीडाड़ी से आए मायके पक्ष के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। वे शव के साथ प्रदर्शन करने पर अड़ गए, जिससे माहौल थोड़ी देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। पुलिस अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की। इस दौरान झड़प भी हुई। विवाद बढ़ता देख पुलिस ने सख्त रुख अपनाया और व्यवधान डाल रहे एक स्थानीय नेता को हिरासत में लेकर चौकी भिजवा दिया।
देवर ने दी मुखाग्नि, पुलिस ने बनाई सुरक्षा
पुलिस की सख्ती के बाद मायका पक्ष वहां से हट गया। देर शाम करीब 7:00 बजे पुलिस की कड़ी सुरक्षा में शव को गजपुर स्थित राप्ती नदी के तट पर ले जाया गया, जहां खुशबू के देवर ने उसे मुखाग्नि दी। इस दौरान सीओ बांसगांव अनुज सिंह, सीओ गोला दरवेश कुमार और सीओ खजनी दीपांशी राठौर सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।