{"_id":"69bb0e0773c513c07e0096cb","slug":"lab-to-be-opened-in-collaboration-with-swadesh-students-will-be-able-to-experiment-on-smart-devices-and-emerging-technologies-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1262644-2026-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: डीडीयू में 80 लाख से खुलेगी आईओटी की प्रयोगशाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: डीडीयू में 80 लाख से खुलेगी आईओटी की प्रयोगशाला
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईईटी) में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। संस्थान में सोशल वेलफेयर एंड डेवलपमेंट फॉर एंपावर्ड सोसाइटी (स्वदेश) के सहयोग से लगभग 80 लाख रुपये की लागत से इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) की प्रयोगशाला स्थापित होगी।
अभियांत्रिकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. हिमांशु पांडेय ने बताया कि वर्तमान समय में आईओटी, एआई और स्मार्ट सिस्टम तकनीकी विकास के प्रमुख क्षेत्र हैं। यह प्रयोगशाला विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण, शोध गतिविधियों व उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करेगी। यह लैब विद्यार्थियों को स्मार्ट डिवाइस, सेंसर नेटवर्क, एंबेडेड सिस्टम व इंटरकनेक्टेड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी। आईईटी के निदेशक प्रो. सुग्रीव नाथ तिवारी ने कहा कि इससे विद्यार्थी स्मार्ट डिवाइस विकास, इंटरनेट आधारित अनुप्रयोगों व उभरती तकनीकों पर आधारित प्रयोग एवं परियोजनाएं तैयार कर सकेंगे।
भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होंगे छात्र
''स्वदेश'' के अध्यक्ष डॉ. राजीव निगम ने बताया कि इससे विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकेंगे। प्रयोगशाला के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, नवाचार आधारित परियोजनाओं और तकनीकी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के अवसर मिलेंगे।
बोलीं कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि आईओटी लैब की स्थापना विश्वविद्यालय में नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता की संस्कृति को सुदृढ़ करेगी। इससे हमारे विद्यार्थी उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित कर आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे। यह पहल विश्वविद्यालय में तकनीकी नवाचार और अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करेगी।
Trending Videos
अभियांत्रिकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. हिमांशु पांडेय ने बताया कि वर्तमान समय में आईओटी, एआई और स्मार्ट सिस्टम तकनीकी विकास के प्रमुख क्षेत्र हैं। यह प्रयोगशाला विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण, शोध गतिविधियों व उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करेगी। यह लैब विद्यार्थियों को स्मार्ट डिवाइस, सेंसर नेटवर्क, एंबेडेड सिस्टम व इंटरकनेक्टेड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी। आईईटी के निदेशक प्रो. सुग्रीव नाथ तिवारी ने कहा कि इससे विद्यार्थी स्मार्ट डिवाइस विकास, इंटरनेट आधारित अनुप्रयोगों व उभरती तकनीकों पर आधारित प्रयोग एवं परियोजनाएं तैयार कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होंगे छात्र
''स्वदेश'' के अध्यक्ष डॉ. राजीव निगम ने बताया कि इससे विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकेंगे। प्रयोगशाला के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, नवाचार आधारित परियोजनाओं और तकनीकी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के अवसर मिलेंगे।
बोलीं कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि आईओटी लैब की स्थापना विश्वविद्यालय में नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता की संस्कृति को सुदृढ़ करेगी। इससे हमारे विद्यार्थी उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित कर आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे। यह पहल विश्वविद्यालय में तकनीकी नवाचार और अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करेगी।