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मामा-भांजा गैंग का पर्दाफाश: 2 दिन रेकी करते, रात में ताला तोड़कर उठा ले जाते थे सामान- 9 गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: Rohit Singh
Updated Tue, 26 May 2026 10:36 AM IST
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सार
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ऐसे सरकारी स्कूलों को निशाना बनाते थे, जो आबादी से दूर और सुनसान इलाकों में बने हैं। स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण चोरी करना आसान होता था। आरोपी पहले दो दिन तक स्कूल की रेकी करते थे और रात में ताला तोड़कर गैस सिलिंडर, एलईडी टीवी, कंप्यूटर और अन्य सामान चोरी कर ले जाते थे।
मामा भांजा गैंग का खुलासा करती पुलिस
- फोटो : स्त्रोत- पुलिस
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विस्तार
पीपीगंज थाना पुलिस ने सरकारी स्कूलों और पंचायत भवनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले मामा-भांजा गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पांच गैस सिलिंडर, चार एलईडी टीवी, कंप्यूटर उपकरण और अन्य सामान बरामद किए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 3.10 लाख रुपये आंकी गई है।
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पूछताछ में आरोपियों ने छह सरकारी स्कूलों और पंचायत भवनों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने सोमवार को व्हाइट हाउस सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि कैंपियरगंज के कुआरे गांव निवासी रमेश उर्फ सूईत और उसका मामा प्रवीण यादव गिरोह का संचालन करते थे।
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इनके साथ पीपीगंज के जंगल कौड़िया निवासी अनिल और सन्नी गौड़ भी सक्रिय गुर्गे थे। एसपी ने बताया कि चोरी की वारदातों में सन्नी गौड़ की बाइक का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस ने चोरी का सामान खरीदने के आरोप में चिलुआताल इलाके के चिउटी जाम निवासी गंगा सागर और गोपीचंद मद्धेशिया, पीपीगंज के बुढ़ली टोला बरियारी निवासी बाल मुकुंद, यशपाल उर्फ मुन्ना यादव और शेषमणि निषाद को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, प्रवीण यादव पर पहले से चार और रमेश उर्फ सूईत पर पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। एसपी उत्तरी ने बताया कि क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में लगातार हो रहीं चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग चोरी का सामान बेचने की तैयारी में हैं।
पुलिस के अनुसार, प्रवीण यादव पर पहले से चार और रमेश उर्फ सूईत पर पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। एसपी उत्तरी ने बताया कि क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में लगातार हो रहीं चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग चोरी का सामान बेचने की तैयारी में हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर चार आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से चोरी का सामान बरामद हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर पूरे गैंग का खुलासा हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ऐसे सरकारी स्कूलों को निशाना बनाते थे, जो आबादी से दूर और सुनसान इलाकों में बने हैं।
स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण चोरी करना आसान होता था। आरोपी पहले दो दिन तक स्कूल की रेकी करते थे और रात में ताला तोड़कर गैस सिलिंडर, एलईडी टीवी, कंप्यूटर और अन्य सामान चोरी कर ले जाते थे।
स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण चोरी करना आसान होता था। आरोपी पहले दो दिन तक स्कूल की रेकी करते थे और रात में ताला तोड़कर गैस सिलिंडर, एलईडी टीवी, कंप्यूटर और अन्य सामान चोरी कर ले जाते थे।
चोरी का सिलिंडर घर में करते थे इस्तेमाल
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चोरी के सिलिंडरों में बची गैस का उपयोग वे घर में करते थे। गैस खत्म होने के बाद खाली सिलिंडर 1500 से 2000 रुपये में बेच देते थे। वहीं, स्कूलों से चोरी की गई एलईडी टीवी तीन से चार हजार रुपये में बेची जाती थीं।
इन जगहों पर भी कर चुके हैं चोरी
पुलिस जांच में सामने आया कि आठ अप्रैल को पीपीगंज के प्राथमिक विद्यालय ताललिखिया में हुई चोरी की वारदात को भी इसी गैंग ने अंजाम दिया था। वहां से गैस सिलिंडर, चूल्हा, राशन और निर्माण सामग्री चोरी की गई थी।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चोरी के सिलिंडरों में बची गैस का उपयोग वे घर में करते थे। गैस खत्म होने के बाद खाली सिलिंडर 1500 से 2000 रुपये में बेच देते थे। वहीं, स्कूलों से चोरी की गई एलईडी टीवी तीन से चार हजार रुपये में बेची जाती थीं।
इन जगहों पर भी कर चुके हैं चोरी
पुलिस जांच में सामने आया कि आठ अप्रैल को पीपीगंज के प्राथमिक विद्यालय ताललिखिया में हुई चोरी की वारदात को भी इसी गैंग ने अंजाम दिया था। वहां से गैस सिलिंडर, चूल्हा, राशन और निर्माण सामग्री चोरी की गई थी।
इसके अलावा कैंपियरगंज के पंचायत भवन बैरघट्टा में दरवाजे की कुंडी काटकर कंप्यूटर सेट और प्रिंटर चोरी किए गए थे। सहजनवां और कैंपियरगंज क्षेत्र में हुई चोरी की अन्य वारदातों से जुड़े सामान भी आरोपियों के पास से बरामद किए गए हैं।