दिशा बैठक: सांसद-विधायकों की नाराजगी, बोले - गांवों में टूटी हैं पाइप लाइनें, कहां से बनाते हो फर्जी रिपोर्ट
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि यह सब नहीं चलेगा। सही रिपोर्ट तैयार करें और जनप्रतिनिधि को भी बताएं। कहा कि पिछली बैठक में उठे ज्यादातर मुद्दे इस बार भी आए हैं। आगे ऐसा नहीं होना चाहिए। इसे गंभीरता से लें और प्रगति रिपोर्ट की जानकारी जनप्रतिनिधि को भी दें।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिला विकास एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक में जनप्रनिधियों ने बाढ़, सड़क, पुल, पाइप लाइन, अंडरपास, बिजली के कार्यों में हीलाहवाली का मुद्दा उठाकर अधिकारियों से दो टूक सवाल पूछे। फर्जी रिपोर्ट बनाने जैसे ज्यादातर सवालों पर खामोशी छाई रही। मामला तब गंभीर हो गया जब हर घर नल योजना के ओवर हेड टैंक व बिछाई गई पाइप लाइनों की प्रगति रिपोर्ट अधिकारियों ने पेश की।
बैठक में बताया गया कि 12,731 कार्ययोजना में से 12,599 पूरी हो गई हैं। इस पर पिपराइच के विधायक महेंद्र पाल सिंह ने आपत्ति की। कहा, गांवों में पाइप लाइनें टूटीं हैं, मेरे विधानसभा क्षेत्र में 16 परियोजनाए पूरी नहीं हुईं। आप लोग जाकर देखें, कहां से फर्जी रिपोर्ट तैयार कर लाते हैं। पास मौजूद कुछ और विधायकों ने समर्थन किया।
अध्यक्षता कर रहे केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि यह सब नहीं चलेगा। सही रिपोर्ट तैयार करें और जनप्रतिनिधि को भी बताएं। कहा कि पिछली बैठक में उठे ज्यादातर मुद्दे इस बार भी आए हैं। आगे ऐसा नहीं होना चाहिए।
इसे गंभीरता से लें और प्रगति रिपोर्ट की जानकारी जनप्रतिनिधि को भी दें। उन्होंने पिछली बार सांसद खेल महोत्सव की तैयारियों पर सवाल उठाए। कहा कि बहुत अच्छा नहीं रहा। इस बार पहले से तैयारी कर लें। बैठक में जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सांसद रवि किशन शुक्ल ने कहा कि बैठक को सिर्फ औपचारिक न बनाएं, रिजल्ट देकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि गोरखपुर शहर में एक्सटेंशन सेंटर की स्वीकृति केंद्र सरकार से दिलाई है। अब तक जमीन नहीं उपलब्ध हो पाई। अधिकारियों ने बताया कि 10 हजार वर्गफुट जमीन चाहिए। सांसद ने बगल में बैठे मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव से कहा, आप ही कुछ कराइए।
सांसद ने कहा कि पाली ब्लॉक के सुरगहना घाट पर नया पुल पर कब तक बनकर तैयार होगा, इसकी जानकारी भी मांगने पर नहीं मिलती। सेतु निगम के अधिकारी ने बताया कि जुलाई तक एप्रोच का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद आवाजाही के लिए उपलब्ध हो जाएगा।
यह आपकी कार्यशैली को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों के बचाव के लिए अभी से कार्य योजना बना ली जाए, जिससे बाढ़ के समय कोई भी हानि न होने पाए।
गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा के विधायक विपिन सिंह ने एनएचएआई के अधिकारियों से पूछा- सिक्टौर में एक फ्लाईओवर बनाकर फोरलेन से जोड़ने का प्रस्ताव था, क्या हुआ? इस पर अधिकारियों की ओर से बताया गया कि सर्वे चल रहा है। विधायक ने कहा कि इस स्पीड से चलोगे तो विधानसभा चुनाव भी बीत जाएगा। हम लोगों को चुनाव फेस करना है, जनता की जवाबदेही होती है।
सरकार कहती है हम दो-हमारे दो...आप छह से कम पर नहीं बनाओगे आयुष्मान कार्ड
संतकबीरनगर संसदीय क्षेत्र के सपा सांसद लक्ष्मीकांत निषाद ने कहा कि जिले की खजनी विधानसभा क्षेत्र मेरे संसदीय क्षेत्र में आता है। कई लोगों ने आयुष्मान कार्ड न बनने की शिकायत की है। उनका कहना है कि छह से कम सदस्य हैं तो कार्ड नहीं बनेगा।
भस्मा गांव में तीन साल पहले लगे खंभे, बिजली कब आएगी?
बांसगांव के विधायक डॉ. विमलेश पासवान ने बिजली आपूर्ति का मुद्दा उठाया। बिजली निगम के एक्सईएन से पूछा- मेरे क्षेत्र में भस्मा गांव है, जहां 250 की आबादी है। सेवईं फीडर से बिजली आपूर्ति इलाके में जाती है। तीन साल पहले पोल लगा दिए गए लेकिन तार नहीं खींचा गया। अभी भी गांव में बिजली नहीं है। बिजली कब आएगी...चुनाव के बाद? एक्सईएन ने कहा कि इसे तत्काल देखकर प्रबंध कराते हैं।
चौरीचौरा के विधायक सरवन निषाद ने डीपीआरओ सौम्यशील सिंह से पूछा, ब्रह्मपुर और सरदानगर ब्लॉक में 24 डिजिटल लाइब्रेरी खोली जानी है। कई बार प्रगति रिपोर्ट मांगी गई, पर अभी तक बताया नहीं गया। आखिर कब तक बताएंगे? डीपीआरओ ने कहा, मैं नया आया हूं, जानकारी नहीं है।
पता करके अपडेट करूंगा। इसके बाद विधायक ने मोतीराम अड्डा के पास रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास बनाए जाने के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा। बोले, यह जनता के हित में बहुत जरूरी है।
88 प्रतिशत जनगणना हो पाई, आप लोग भी सहयोग कराएं
डीएम दीपक मीणा ने कहा कि जनगणना के पहले फेज में पांच दिन ही बचे हैं। ग्रामीण में 51 लाख 45 हजार और शहरी क्षेत्र में 13 लाख 65 हजार मकान की गणना करनी थी। अभी तक 88 प्रतिशत मकानों की गणना हो पाई है। जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह है कि नागरिकों से अपील करें कि जिनके घर की गणना नहीं हो पाई है वे संबंधित प्रगणक से संपर्क करके गणना करवा लें।