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बिना बाधा जनता को मिलेगा सुविधाओं का लाभ : कमिश्नर
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गोरखपुर के नये मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह।
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गोरखपुर। गोरखपुर मंडल के कमिश्नर बनाए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण कराने पर पूरा जोर रहेगा। विकास योजनाओं की जमीनी स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि जनता को परेशान न होना पड़े और बिना बाधा के उन्हें सुविधाओं का लाभ मिल सके।
नवागत कमिश्नर इंद्र विक्रम सिंह दो दिन बाद कार्यभार संभाल सकते हैं। अमर उजाला से बातचीत में कहा कि शासन की नीतियों को जमीनी स्तर पर उतारना प्राथमिकता होगी। इसके लिए माॅनीटरिंग सिस्टम को मजबूत बनाएंगे। राजस्व से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण कराया जाएगा। सीएम डैशबोर्ड में मंडल के जिलों की रेटिंग अच्छी रहे इसको लेकर कोशिश की जाएगी। विकास से जुड़ी योजनाओं को शीघ्रता से पूरा कराया जाएगा। इसकी नियमित समीक्षा होगी और भौतिक सत्यापन कराएंगे।
पांच जिलों के डीएम रह चुके हैं इंद्र विक्रम
उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी और बलिया के मूल निवासी इंद्र विक्रम सिंह कमिश्नर बनने के पहले कृषि विभाग में सचिव के पद पर कार्य कर रहे थे। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक एवं सचिव व कृषि, कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार विभाग में सचिव पद पर तैनात थे। 2016 में आईएएस बने इंद्र विक्रम नौ साल के कार्यकाल में पांच जिलों के डीएम रह चुके हैं। वे अक्तूबर 2013 से अप्रैल 2017 तक आगरा के नगर आयुक्त रहे हैं। नोएडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी के अलावा गौतमबुद्ध नगर के एसीईओ, शामली, शाहजहांपुर, बलिया, अलीगढ़, गाजियाबाद जैसे महत्वपूर्ण जिलों में जिलाधिकारी के रूप में अलग पहचान बनाई। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष का दायित्व भी निभा चुके हैं।
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निवर्तमान कमिश्नर ने लागू कराई जीडीए की नई महायोजना
गोरखपुर। 2008 बैच के आईएएस अधिकारी अनिल ढींगरा ने नौ जुलाई 2023 को गोरखपुर मंडलायुक्त का कार्यभार संभाला था। तीन साल से ज्यादा समय के कार्यकाल में जीडीए की पुनरीक्षित महायोजना-2031 लागू हुई। अनिल ढींगरा को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) बोर्ड का अध्यक्ष भी बनाया गया। वह विकास कार्यों की नियमित समीक्षा, परियोजनाओं के स्थलीय निरीक्षण और समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर सक्रिय रहे।
कमिश्नर ने गोरखपुर में बने पहले सिक्सलेन को समय से पूरा कराने के लिए लगातार निरीक्षण किया और समीक्षा बैठक कर कार्य में तेजी लाने का निर्देश देकर जवाबदेही तय की। इसके चलते कार्य में तेजी आई। इसके अलावा शहर में विरासत गलियारा और गोडधोइया नाला निर्माण में तेजी को लेकर भी लगातार सक्रिय रहे। उन्होंने मंडल में 10 करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए समय से पूरा कराया।
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नवागत कमिश्नर इंद्र विक्रम सिंह दो दिन बाद कार्यभार संभाल सकते हैं। अमर उजाला से बातचीत में कहा कि शासन की नीतियों को जमीनी स्तर पर उतारना प्राथमिकता होगी। इसके लिए माॅनीटरिंग सिस्टम को मजबूत बनाएंगे। राजस्व से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण कराया जाएगा। सीएम डैशबोर्ड में मंडल के जिलों की रेटिंग अच्छी रहे इसको लेकर कोशिश की जाएगी। विकास से जुड़ी योजनाओं को शीघ्रता से पूरा कराया जाएगा। इसकी नियमित समीक्षा होगी और भौतिक सत्यापन कराएंगे।
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पांच जिलों के डीएम रह चुके हैं इंद्र विक्रम
उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी और बलिया के मूल निवासी इंद्र विक्रम सिंह कमिश्नर बनने के पहले कृषि विभाग में सचिव के पद पर कार्य कर रहे थे। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक एवं सचिव व कृषि, कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार विभाग में सचिव पद पर तैनात थे। 2016 में आईएएस बने इंद्र विक्रम नौ साल के कार्यकाल में पांच जिलों के डीएम रह चुके हैं। वे अक्तूबर 2013 से अप्रैल 2017 तक आगरा के नगर आयुक्त रहे हैं। नोएडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी के अलावा गौतमबुद्ध नगर के एसीईओ, शामली, शाहजहांपुर, बलिया, अलीगढ़, गाजियाबाद जैसे महत्वपूर्ण जिलों में जिलाधिकारी के रूप में अलग पहचान बनाई। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष का दायित्व भी निभा चुके हैं।
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निवर्तमान कमिश्नर ने लागू कराई जीडीए की नई महायोजना
गोरखपुर। 2008 बैच के आईएएस अधिकारी अनिल ढींगरा ने नौ जुलाई 2023 को गोरखपुर मंडलायुक्त का कार्यभार संभाला था। तीन साल से ज्यादा समय के कार्यकाल में जीडीए की पुनरीक्षित महायोजना-2031 लागू हुई। अनिल ढींगरा को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) बोर्ड का अध्यक्ष भी बनाया गया। वह विकास कार्यों की नियमित समीक्षा, परियोजनाओं के स्थलीय निरीक्षण और समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर सक्रिय रहे।
कमिश्नर ने गोरखपुर में बने पहले सिक्सलेन को समय से पूरा कराने के लिए लगातार निरीक्षण किया और समीक्षा बैठक कर कार्य में तेजी लाने का निर्देश देकर जवाबदेही तय की। इसके चलते कार्य में तेजी आई। इसके अलावा शहर में विरासत गलियारा और गोडधोइया नाला निर्माण में तेजी को लेकर भी लगातार सक्रिय रहे। उन्होंने मंडल में 10 करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए समय से पूरा कराया।