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गोरखपुर विश्वविद्यालय : 111 में 107 विज्ञान से... रिसर्च अवार्ड पर उठे सवाल

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 02:34 AM IST
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Not a single researcher from the faculties of education, law, commerce and agriculture received the award.
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में 111 शिक्षकों और शोधार्थियों को 22 फरवरी को यूनिवर्सिटी रिसर्च एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान किए गए। इनमें 107 साइंस और महज चार कला संकाय के थे। विधि, वाणिज्य, कृषि, शिक्षा जैसे बड़े संकायों से किसी को जगह नहीं मिली। इस बड़े अंतर पर अब सवाल उठने लगे हैं।
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एक्सीलेंस अवार्ड को लेकर विज्ञान संकाय को छोड़कर दूसरे संकायों के शिक्षक दबी जुबान आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। वे विरोध जताने के उपाय भी ढूंढ रहे हैं। विश्वविद्यालय के सबसे बड़े कला संकाय से जिन चार शोधकर्ताओं जगह मिली है, उनमें तीन मनोविज्ञान और एक भूगोल से हैं।
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शिक्षकों का कहना है कि इस अवार्ड के लिए जो क्राइटेरिया रखे गए हैं, वह विज्ञान संकाय के मुफीद हैं। इसमें अन्य संकायों की उपेक्षा की गई है। लगातार दूसरे वर्ष एक्सीलेंस अवार्ड में विज्ञान को छोड़कर अन्य को अपवाद स्वरूप ही जगह मिली है।

नहीं मिल रही लेवल प्लेइंग फील्ड
शिक्षकों का कहना है कि क्या साइंस को छोड़कर अन्य विभागों में उत्कृष्ट शोध कार्य नहीं हो रहे? क्या अन्य संकाय के शिक्षकों की पुस्तकें प्रकाशित नहीं हो रहीं? रिसर्च, पेटेंट, पुस्तक प्रकाशन के अलावा भी कई फील्ड हैं, जहां अन्य संकाय के शिक्षकों को विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेना पड़ता है। विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप है कि अन्य संकाय के शिक्षकों को लेवल प्लेइंग फील्ड नहीं दी जा रही।
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यह अवार्ड ''यूरिया'' नहीं ''सरिया''
एक शिक्षक ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जब एक ही संकाय के शिक्षकों को यह अवार्ड दिया जाना है तो इसका नाम ''यूनिवर्सिटी रिसर्च एक्सीलेंस अवार्ड'' (यूरिया) क्यों रखा गया है? इसका नाम ''साइंस रिसर्च एक्सीलेंस अवार्ड'' (सरिया) होना चाहिए।


बोलीं कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि दूसरे संकायों के शोधकर्ताओं को भी अवार्ड मिले, इसके लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा। वर्कशॉप, ट्रेनिंग प्रोग्राम के साथ ही अन्य माध्यमों से भी जागरूक किया जाएगा कि वे किन जर्नल्स में शोध प्रकाशित कराएं। साइंस के मुकाबले गुणवत्ता बेहतर करने के लिए विभिन्न आयोजन किए जाएंगे।
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