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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Only two attendants allowed to stay with a patient at the district hospital; entry pass mandatory.

जिला अस्पताल सुरक्षा: हर मरीज के साथ सिर्फ 2 तीमारदार, बिना पास 'नो एंट्री', 24 घंटे सुरक्षा गार्ड होंगे तैनात

Tue, 04 Aug 2026 03:31 PM IST
Rohit Singh अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: Rohit Singh Updated Tue, 04 Aug 2026 03:31 PM IST
सार

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक मरीज के लिए अधिकतम दो तीमारदारों का ही पास जारी किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इससे मरीजों की देखभाल प्रभावित नहीं होगी, जबकि अस्पताल में अनावश्यक भीड़ पर प्रभावी नियंत्रण रहेगा। साथ ही बिचौलियों की आवाजाही भी सीमित होगी, जो लंबे समय से मरीजों और उनके परिजनों को जांच, दवा और बेहतर इलाज के नाम पर निजी संस्थानों की ओर भेजकर आर्थिक शोषण करने के आरोपों के घेरे में रहे हैं। 

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Only two attendants allowed to stay with a patient at the district hospital; entry pass mandatory.
जिला अस्पताल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला अस्पताल में अब बिना अधिकृत पास के प्रवेश नहीं मिलेगा। मरीजों की सुरक्षा बढ़ाने और अस्पताल परिसर में सक्रिय बिचौलियों पर लगाम लगाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने नई सुरक्षा व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत इमरजेंसी और न्यू बिल्डिंग के मुख्य प्रवेश द्वारों पर 24 घंटे सुरक्षा गार्ड तैनात रहेंगे जो आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच करेंगे।

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केवल अधिकृत पासधारकों को ही अस्पताल में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। हाल ही में जिला अस्पताल के बाहर एक सिपाही की ओर से बच्ची के अपहरण की घटना और अस्पताल परिसर में सक्रिय बिचौलियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की थी।
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जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में अनावश्यक लोगों की आवाजाही के कारण सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। इसे देखते हुए प्रवेश व्यवस्था को नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक मरीज के लिए अधिकतम दो तीमारदारों का ही पास जारी किया जाएगा।
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प्रशासन का कहना है कि इससे मरीजों की देखभाल प्रभावित नहीं होगी, जबकि अस्पताल में अनावश्यक भीड़ पर प्रभावी नियंत्रण रहेगा। साथ ही बिचौलियों की आवाजाही भी सीमित होगी, जो लंबे समय से मरीजों और उनके परिजनों को जांच, दवा और बेहतर इलाज के नाम पर निजी संस्थानों की ओर भेजकर आर्थिक शोषण करने के आरोपों के घेरे में रहे हैं।

अस्पताल प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करने का निर्णय लिया है। पूरे परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यक्षमता की समीक्षा की जा रही है। जिन कैमरों में तकनीकी या कनेक्टिविटी संबंधी समस्या है उन्हें जल्द दुरुस्त कराया जाएगा। कंट्रोल रूम से सभी प्रमुख स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पहचान कर कार्रवाई की जा सके।

यह कदम मरीजों को सुरक्षित और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। अस्पताल को बिचौलियों के प्रभाव से मुक्त बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाएगी। आवश्यकतानुसार इसमें और सुधार किए जाएंगे। पास प्रणाली और सुदृढ़ निगरानी व्यवस्था लागू होने के बाद अस्पताल परिसर में अनुशासन बढ़ेगा तथा मरीजों और उनके परिजन को अधिक सुरक्षित वातावरण मिलेगा: डॉ. ओपी सिंह, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
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