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Gorakhpur News: शिक्षक से 83.87 लाख की ठगी में जेल में बंद पिता-पुत्री पर सातवीं प्राथमिकी
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गोरखपुर। आरबीआई की योजना में आठ प्रतिशत लाभ दिलाने का झांसा देकर शहर के एक शिक्षक के नाम पर छह बैंकों से 83.87 लाख रुपये का लोन कराने और रकम हड़पने का आरोप लगा है। मामले में जेल में बंद स्टेशन अधीक्षक रहे ध्रुव नारायण सिंह और उनकी बेटी गरिमा सिंह पर तिवारीपुर थाने में रविवार को सातवीं प्राथमिकी दर्ज हुई है। सूर्य विहार कॉलोनी निवासी शिक्षक सुग्रीव सिंह ने दोनों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। इससे पहले एम्स, गोरखनाथ और सहजनवां थानों में छह अन्य पीड़ित प्राथमिकी दर्ज करा चुके हैं।
सुग्रीव शहर के एक इंटर कॉलेज में वर्ष 2021 से शिक्षक हैं। 36 वर्षीय सुग्रीव परिवार के इकलौते बेटे हैं। उनकी शादी 10 फरवरी 2026 को हुई। तहरीर के मुताबिक, ध्रुव नारायण सिंह से उनकी दूर की रिश्तेदारी है। मौसी के गांव का होने के कारण दोनों के बीच पहले से परिचय था।
सुग्रीव का आरोप है कि ध्रुव नारायण सिंह ने उन्हें बताया कि आरबीआई की एक योजना के तहत उनके नाम पर फंड मंगाया जाएगा और आठ प्रतिशत लाभ मिलेगा। भरोसा दिलाने के लिए उन्होंने अपने दामाद के बैंक खाते का स्टेटमेंट दिखाया, जिसमें करीब 80 लाख रुपये आने की बात कही गई। इसके बाद ध्रुव नारायण की बेटी गरिमा ने दस्तावेज लेकर सुग्रीव के नाम पर छह बैंकों से कुल 83.87 लाख रुपये का लोन करा दिया। आरोप है कि लोन की रकम में से 77 लाख रुपये सुग्रीव के खाते से एक परिचित के खाते में ट्रांसफर करा लिए गए। 6 लाख 35 हजार 399 रुपये उनके खाते में छोड़ दिए गए। गरिमा ने भरोसा दिया था कि एक साल में पूरा लोन चुका दिया जाएगा।
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चार-पांच महीने बाद ईएमआई भी बंद
सुग्रीव के मुताबिक, शुरुआती चार-पांच महीने तक गरिमा ने लोन की ईएमआई जमा की। इसके बाद किस्तें बंद हो गईं। बैंकों से फोन आने शुरू हुए तो उन्होंने गरिमा से संपर्क किया। आरोप है कि उसने इस बार अपने पास से ईएमआई भरने और अगले महीने रकम देने की बात कही लेकिन इसके बाद भी भुगतान नहीं किया। लगातार बैंक के फोन आने पर सुग्रीव स्टेशन अधीक्षक के घर पहुंचे। वहां उन्हें पता चला कि कई अन्य लोग भी इसी तरह की शिकायत लेकर पहुंचे हैं। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई कथित ठगी का पूरा अंदाजा हुआ।
सुग्रीव की तहरीर पर तिवारीपुर पुलिस ने ध्रुव नारायण सिंह और गरिमा सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। इससे पहले छह अन्य पीड़ितों की शिकायत पर एम्स, गोरखनाथ और सहजनवां थानों में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। दोनों आरोपी जेल में बंद हैं। पुलिस सभी मामलों में लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
- निमिष पाटील, एसपी सिटी
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सुग्रीव शहर के एक इंटर कॉलेज में वर्ष 2021 से शिक्षक हैं। 36 वर्षीय सुग्रीव परिवार के इकलौते बेटे हैं। उनकी शादी 10 फरवरी 2026 को हुई। तहरीर के मुताबिक, ध्रुव नारायण सिंह से उनकी दूर की रिश्तेदारी है। मौसी के गांव का होने के कारण दोनों के बीच पहले से परिचय था।
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सुग्रीव का आरोप है कि ध्रुव नारायण सिंह ने उन्हें बताया कि आरबीआई की एक योजना के तहत उनके नाम पर फंड मंगाया जाएगा और आठ प्रतिशत लाभ मिलेगा। भरोसा दिलाने के लिए उन्होंने अपने दामाद के बैंक खाते का स्टेटमेंट दिखाया, जिसमें करीब 80 लाख रुपये आने की बात कही गई। इसके बाद ध्रुव नारायण की बेटी गरिमा ने दस्तावेज लेकर सुग्रीव के नाम पर छह बैंकों से कुल 83.87 लाख रुपये का लोन करा दिया। आरोप है कि लोन की रकम में से 77 लाख रुपये सुग्रीव के खाते से एक परिचित के खाते में ट्रांसफर करा लिए गए। 6 लाख 35 हजार 399 रुपये उनके खाते में छोड़ दिए गए। गरिमा ने भरोसा दिया था कि एक साल में पूरा लोन चुका दिया जाएगा।
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चार-पांच महीने बाद ईएमआई भी बंद
सुग्रीव के मुताबिक, शुरुआती चार-पांच महीने तक गरिमा ने लोन की ईएमआई जमा की। इसके बाद किस्तें बंद हो गईं। बैंकों से फोन आने शुरू हुए तो उन्होंने गरिमा से संपर्क किया। आरोप है कि उसने इस बार अपने पास से ईएमआई भरने और अगले महीने रकम देने की बात कही लेकिन इसके बाद भी भुगतान नहीं किया। लगातार बैंक के फोन आने पर सुग्रीव स्टेशन अधीक्षक के घर पहुंचे। वहां उन्हें पता चला कि कई अन्य लोग भी इसी तरह की शिकायत लेकर पहुंचे हैं। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई कथित ठगी का पूरा अंदाजा हुआ।
सुग्रीव की तहरीर पर तिवारीपुर पुलिस ने ध्रुव नारायण सिंह और गरिमा सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। इससे पहले छह अन्य पीड़ितों की शिकायत पर एम्स, गोरखनाथ और सहजनवां थानों में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। दोनों आरोपी जेल में बंद हैं। पुलिस सभी मामलों में लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
- निमिष पाटील, एसपी सिटी