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UP: नेपाल अब सुरक्षित ठिकाना नहीं, मुठभेड़ में पकड़े भारतीय बदमाश, सत्ता परिवर्तन के बाद यहां एनकाउंटर पर जोर
Thu, 16 Jul 2026 12:03 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, सिद्धार्थनगर
अमर उजाला नेटवर्क, सिद्धार्थनगर
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 16 Jul 2026 12:03 PM IST
सार
नेपाल अब भारत के बदमाशों के लिए सुरिक्षत ठिकाना नहीं है। नेपाल में मुठभेड़ में भारतीय बदमाश पकड़े गए हैं। चार दिन पहले पुलिस की मुठभेड़ में यूपी के अमेठी का ड्रग तस्कर पकड़ा गया है। यूपी पुलिस की तर्ज पर नेपाल में भी सत्ता परिवर्तन के बाद एनकाउंटर का जोर है।
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नेपाल पुलिस
- फोटो : फोटो
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विस्तार
यूपी में अपराधियों पर कमर तोड़ने के लिए की जा रही कार्रवाई के बाद बढ़े दबाव के बीच नेपाल भी अब उनके लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं रहा। वारदात को अंजाम देने के बाद सेफ जोन के रूप में इस्तेमाल की चाल अब उल्टी पड़ने लगी है। हाल में ही नेपाल में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद नेपाल पुलिस ने भी अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ दिया है।
चार दिन पहले अमेठी के एक ड्रग तस्कर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। वहीं, मंगलवार को गोरखपुर के पांच भारतीय बदमाश भी तस्करी के मामले में नेपाल पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। लगातार कार्रवाइयों ने सीमा पार शरण लेने वाले अपराधियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
नेपाल से जड़े सूत्रों के मुताबिक पुलिस की स्पेशल यूनिट बाहरी संदिग्धों को टारगेट कर रही है। संगठित अपराध और अपराधियों के खिलाफ पर न सिर्फ कार्रवाई कर रही है बल्कि, यूपी पुलिस की तरह से एनकाउंटर भी कर रही है।
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चार दिन पहले अमेठी के एक ड्रग तस्कर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। वहीं, मंगलवार को गोरखपुर के पांच भारतीय बदमाश भी तस्करी के मामले में नेपाल पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। लगातार कार्रवाइयों ने सीमा पार शरण लेने वाले अपराधियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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नेपाल से जड़े सूत्रों के मुताबिक पुलिस की स्पेशल यूनिट बाहरी संदिग्धों को टारगेट कर रही है। संगठित अपराध और अपराधियों के खिलाफ पर न सिर्फ कार्रवाई कर रही है बल्कि, यूपी पुलिस की तरह से एनकाउंटर भी कर रही है।
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जिले की 68 किलोमीटर सीमा नेपाल बाॅर्डर से लगी हुई। इसके अलावा बहराइच, पीलीभीत, श्रावस्ती, बलरामपुर के अलावा महराजगंज जनपद को भी जोड़ती है। बाॅर्डर क्षेत्र खुला है और मुख्य बार्डर के अलावा अन्य रास्तों से भी लोग आवाजाही करते हैं।
मगर, धंधेबाज खुली सीमा का इस्तेमाल तस्करी के लिए करने लगे और अपराधियों के लिए नेपाल सुरक्षित जोन बन गया। खुली सीमा, सीमित दस्तावेजी जांच और सीमावर्ती जिलों से आसान आवाजाही का फायदा उठाकर कई बदमाश गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल का रुख करते रहे हैं।
सीमा से जुड़े सुरक्षा के जानकारों के मुताबिक, यूपी सत्ता परिवर्तन के बाद संगठित अपराध पर कार्रवाई और एनकाउंटर शुरू हो गया। इसके बाद नेपाल में यूपी के बदमाशों की संख्या बढ़ने लगी। यहां से अपराध छोड़ उन्होंने नेपाल में पांव जमाने शुरू किए। ड्रग तस्करी से लेकर, लूट, छिनैती की वारदात को अंजाम देने में जुट गए।
नेपाल में चार माह पहले सत्ता परिवर्तन होने के बाद यूपी की तर्ज पर संगठित अपराध, ड्रग तस्करी, लूट, साइबर ठगी के नेटवर्क संचालित करने वालों को ट्रेस कर न सिर्फ धरपकड़ की जा रही है बल्कि एनकाउंटर शुरू कर दिया गया है।
सुरक्षा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक नेपाल के हर जनपद में एक स्पेशल सेल बनाई गई है, जो बाहर से आने वालों की गतिविधि पर नजर रखने के साथ उनकी कुंडली तैयार कर रही है।
नशीले इंजेक्शन के साथ पोखरा में गोरखपुर के पांच पकड़े
नेपाल के पोखरा में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गोरखपुर निवासी पांच भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार भारतीय नंबर प्लेट की कार से 1848 नशीले इंजेक्शन, प्रतिबंधित गोलियां और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
नेपाल के पोखरा में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गोरखपुर निवासी पांच भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार भारतीय नंबर प्लेट की कार से 1848 नशीले इंजेक्शन, प्रतिबंधित गोलियां और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास कुमार, आशीष कुमार, अभय कुमार मिश्र, प्रीतम कुमार और अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। पुलिस यह जांच कर रही हैं कि मादक पदार्थ कहां से लाए गए थे और इन्हें किसे आपूर्ति की जानी थी।
मुठभेड़ में अमेठी का तस्कर घायल होकर पकड़ा गया था
सीमा से लगे नेपाल के रूपन्देही में तीन दिन पहले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की टीम की तस्करों से मुठभेड़ हुई थी। दोनों ओर से हुई फायरिंग के बाद नेपाल पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें दो भारतीय और एक नेपाली थे।
सीमा से लगे नेपाल के रूपन्देही में तीन दिन पहले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की टीम की तस्करों से मुठभेड़ हुई थी। दोनों ओर से हुई फायरिंग के बाद नेपाल पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें दो भारतीय और एक नेपाली थे।
पुलिस के अनुसार उनके कब्जे से ब्राउन शुगर बरामद हुई थी। जवाबी फायरिंग में उत्तर प्रदेश के अमेठी निवासी 50 वर्षीय इकबाल खान के बाएं पैर में गोली लगी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इससे पहले करीब चार माह पहले भैरहवा में भी पुलिस मुठभेड़ के दौरान नशीले इंजेक्शन के साथ पकड़े गए दो आरोपियों के पैर में गोली लगी थी।