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निक्कू, फिर इरफान, फिर शक्ति:एक-एक कर घर पहुंचे शव, तीनों मां की चीख से दहला मोहल्ला; घरों में नहीं जला चूल्हा

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 28 May 2026 02:40 AM IST
सार

गोरखपुर के तुर्कमानपुर हांसूपुर मोहल्ले में बुधवार का दिन चीख-पुकार और मातम में बीता। राप्ती नदी में डूबे तीन किशोरों अंश उर्फ निक्कू, इरफान और शक्ति कुमार गौतम के शव एक के बाद एक घर लाए गए तो कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद दोपहर करीब 3:40 बजे अंश उर्फ निक्कू का शव घर पहुंचा। बेटे को देखते ही मां रेखा बेसुध होकर लिपट गईं और रोते हुए बोलीं- मेरा बाबू मुझे छोड़कर कहां चला गया। 

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The bodies of the three teenagers were brought one after the other and the last journey took place together
रोते बिलखते तीनों मासूम के परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तुर्कमानपुर के हांसूपुर मोहल्ले में बुधवार का दिन मातम और चीख-पुकार के बीच बीता। राप्ती नदी में डूबने से जान गंवाने वाले तीन किशोरों अंश उर्फ निक्कू, इरफान और शक्ति कुमार गौतम के शव जैसे ही मोहल्ले में लाए गए, पूरे इलाके में कोहराम मच गया। मांओं की चीखें और परिजनों का विलाप सुन हर आंख नम हो गई। देर रात तक मोहल्ले के किसी घर में चूल्हा नहीं जला।
The bodies of the three teenagers were brought one after the other and the last journey took place together
मृतक तीनों बच्चों की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पोस्टमार्टम के बाद सबसे पहले दोपहर करीब 3:40 बजे अंश उर्फ निक्कू का शव घर लाया गया। बेटे का शव देखते ही मां रेखा बेसुध होकर उससे लिपट गईं। वह बार-बार रोते हुए कहती रहीं- मेरा बाबू मुझे छोड़कर कहां चला गया। दादा रामदरश भी पोते का शव देख फफक पड़े। अंश की अर्थी उठते ही पूरे मोहल्ले की आंखें भर आईं।
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The bodies of the three teenagers were brought one after the other and the last journey took place together
मासूम की शव यात्रा देख सभी की आंखे नम हो गई - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इरफान का शव लाते ही गूंज उठीं चीखें
करीब चार बजे इरफान का शव मोहल्ले में लाया गया तो लोग फिर चीख पड़े। मां सोना अपने इकलौते बेटे की लाश के पास बैठकर छाती पीटने लगीं और अपने भाग्य को कोसती रहीं। पिता फखरुद्दीन की आंखें मानो पथरा गई थीं। रिश्तेदार उन्हें संभालते नजर आए, लेकिन किसी के पास सांत्वना के शब्द नहीं थे।
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The bodies of the three teenagers were brought one after the other and the last journey took place together
मासूम के शव के पास बैठे पिता व अन्य घर के लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मोहल्ले के लोग एक झलक पाने के लिए इधर-उधर भागते रहे। अभी लोग इरफान के जनाजे की तैयारी ही कर रहे थे कि इसी बीच तीसरे मासूम शक्ति का शव भी लाया गया।
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The bodies of the three teenagers were brought one after the other and the last journey took place together
मोहल्ले में शव पहुंचा तो सभी की आंखों से आंसू निकल गए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शक्ति का शव आते ही फिर फूटा दर्द
शक्ति कुमार गौतम का शव जैसे ही लाया गया, माहौल फिर चीखों से भर गया। मोहल्ले में मौजूद लोग एक-दूसरे को संभालते नजर आए, लेकिन खुद ही टूट रहे थे। शक्ति की बहन दौड़ते हुए आई और भाई के शव को देखकर बिलख पड़ी। वह बार-बार 'शक्ति भईया' कहकर रोती रही।
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