फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

गोरखनाथ मंदिर: सिपाहियों पर हमला किसी बड़ी साजिश की ओर कर रही इशारा, एटीएस ने शुरू की जांच

Mon, 04 Apr 2022 02:47 PM IST
दुष्यंत शर्मा शिवम सिंह, गोरखपुर।
शिवम सिंह, गोरखपुर। Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 04 Apr 2022 02:47 PM IST
सार

सिपाहियों पर ऐसे ताबड़तोड़ हमले किए गए, जैसे कि जान लेने के इरादे से आए हैं। अपराधी घटना के जरिए कोई बड़ा संदेश देना चाहते थे। दूसरी तरफ, मंदिर की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों पर हमले की खबर मिलते ही पुलिस अफसर मौके पर दौड़ पड़े। गोरखपुर से लखनऊ तक अफसरों के मोबाइल फोन घनघनाने लगे थे। मुख्यमंत्री कार्यालय से पूरी घटना की जानकारी ली गई है।

विज्ञापन
This incident of attack on the soldiers in gorakhpur mandir indicating a big conspiracy
घटना के बाद.... - फोटो : अमर उजाला

गोरखनाथ मंदिर के मुख्य द्वार पर जिस तरह से रविवार को सिपाहियों पर हमला हुआ, वह बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। सिपाहियों पर ऐसे ताबड़तोड़ हमले किए गए, जैसे कि जान लेने के इरादे से आए हैं। अपराधी घटना के जरिए कोई बड़ा संदेश देना चाहते थे। दूसरी तरफ, मंदिर की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों पर हमले की खबर मिलते ही पुलिस अफसर मौके पर दौड़ पड़े। गोरखपुर से लखनऊ तक अफसरों के मोबाइल फोन घनघनाने लगे थे। मुख्यमंत्री कार्यालय से पूरी घटना की जानकारी ली गई है।



गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों पर हमले के बाद मंदिर की सुरक्षा का एसएसपी डॉ विपिन ताड़ा ने जायजा लिया है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी। हर आने-जाने वाले की जांच की गई, फिर मंदिर परिसर में जाने दिया गया। जानकारी के मुताबिक, गोरखनाथ मंदिर पहले से ही आतंकी निशाने पर रहा है। प्रमुख धार्मिंक स्थल होने के साथ ही मुख्यमंत्री का आवास भी है। लिहाजा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते हैं।

रोजाना सुबह-शाम चेकिंग भी की जाती है। इसी वजह से हमलावर को गोरखनाथ मंदिर अंदर दाखिल होते ही दबोच लिया गया। मंदिर सुरक्षा ड्यूटी के एसपी ने घटना के कुछ देर पहले ही मंदिर सुरक्षा की रुटीन चेकिंग भी की थी। गोरखनाथ मंदिर के दूसरे सभी गेट शाम में बंद ही रखा जाता है, यही वजह है कि आरोपी मुख्य गेट से प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था।

This incident of attack on the soldiers in gorakhpur mandir indicating a big conspiracy
गोरखनाथ मंदिर में हमला: मौके पर पहुंचे डीआईजी। - फोटो : अमर उजाला।

आरोपी0 बोला, मैं चाहता था पुलिस मार दे गोली
जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए आरोपी ने खुद का नाम अहमद मुर्तजा अब्बासी बताया है। उसने यह भी बताया है कि वह गोरखपुर के सिविल लाइंस का ही रहने वाला है। जबकि, शुरुआती पूछताछ में कुछ और ही बात सामने आ रही थी। बताया जा रहा था कि मुंबई से आया है। पुलिस ने पूछताछ की तो आरोपी ने बताया था कि नौकरी छूटने से परेशान था और इसी वजह से सोचा कि पुलिस पर हमला करुंगा तो उसे मार देगी। यही वजह है कि पुलिस पर उसने हमला किया। लेकिन, उसका यह बयान किसी के गले के नीचे नहीं उतर रहा है।

इस वजह से लग रही साजिश

  • आरोपी का यह कहना कि वह चाहता था कि पुलिस उसे गोली मार दे, अगर यह सही है तो वह गोरखनाथ मंदिर ही क्यों गया? मंदिर के ठीक सामने ही थाना है, वहां भी पुलिस कर्मी रहते हैं।
  • सिर्फ पुलिस से मरना ही उसकी चाहत थी तो एक हमले के बाद वह शांत हो जाता, उसने सिपाहियों पर ताबड़तोड़ कई वार क्यों किए? फिर मंदिर परिसर में जाने के लिए पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की कोशिश क्यों की?
  • घटनास्थल से मिले बैग से एक और बांका मिला है। एक बांका हमलावर के हाथ में था। लैपटॉप, पैन ड्राइव भी मिली है। यह गैर इरादतन कैसे हो सकता है?
  • अगर उसे पुलिस के हाथों मरना ही था तो पकड़े जाने से पहले तक बचने की कोशिश क्यों की?
  • मौजूद पुलिस वालों ने एक और आरोपित के होने की आशंका जताई है? आखिर वह कौन था?

 

This incident of attack on the soldiers in gorakhpur mandir indicating a big conspiracy
गोरखनाथ मंदिर में हमला। - फोटो : अमर उजाला

12 साल बाद गोरखनाथ मंदिर में हुई आपराधिक घटना
इसके पहले वर्ष 2010 में गोरखनाथ मंदिर परिसर में स्थित भीम सरोहर ताल के पास 2010 में विस्फोट होने पर सनसनी फैल गई थी। हालांकि, जांच के बाद यह पता चला था कि वह दिवाली वाला बम था।

मंदिर की सुरक्षा बढ़ाना अभी प्रस्तावित
अयोध्या, काशी और मथुरा के मंदिरों की तरह ही गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था अभेद करने का प्रस्ताव तो तैयार है, लेकिन अभी शासन की ओर से अनुमति नहीं मिल पाई है। गोरखनाथ मंदिर के लिए एक एसपी का पद तो सृजित कर तैनाती कर दी गई है, लेकिन कमांडो और अन्य व्यवस्था होनी अभी बाकी है। कुछ महीनों पहले गोरखनाथ मंदिर व सीएम आवास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई योजना बनाई गई है। इसमें सुरक्षा को हाईटेक करने के साथ वर्तमान व्यवस्था में बदलाव करना है। एडीजी अखिल कुमार के आदेश और उनकी निगरानी में तत्काली एसएसपी रहे दिनेश कुमार प्रभु ने योजना तैयार करके शासन को भेजा था, लेकिन उस पर पूरी तरह से अमल नहीं हो पाया है।

नौ वाच टावर से होती है निगरानी
मंदिर परिसर में नौ वॉच टावर हैं। इसकी संख्या बढ़ाकर 14 की जानी है। टॉवर पर तैनात पुलिसकर्मियों आधुनिक असलहों से लैस हैं। अभी परिसर व उसके आसपास 100 सीसी टीवी कैमरे लगे हैं।

ऐसी है गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था

  • बम निरोधक दस्ता स्थायी तौर पर तैनात है
  • सुरक्षा में एक प्लाटून पीएसी बल है
  • 875 पुलिस और सुरक्षा के लोग तैनात हैं
  • गेट पर स्कैनर लगा है, जांच के बाद ही प्रवेश मिलता है।
  • सुरक्षा की मानीटरिंग के लिए कंट्रोल रूम बना है

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन
This incident of attack on the soldiers in gorakhpur mandir indicating a big conspiracy
गोरखनाथ मंदिर में हमला। - फोटो : अमर उजाला।

जब सीरियल ब्लास्ट से दहल गया था गोरखपुर
गोरखपुर शुरू से आतंकियों के निशाने पर रहा है। 1993 में मेनका टॉकिज में बम ब्लास्ट हुआ था। 2007 के दौरान शहर के सबसे व्यस्ततम बाजार गोलघर में सीरियल ब्लास्ट ने सबको हिला दिया था। इस ब्लास्ट में पाकिस्तान कनेक्शन भी सामने आया था। लिहाजा, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहती हैं।


आईआईटी मुंबई से की है केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई
पुलिस की गिरफ्त में आए अहमद मुर्तजा अब्बासी  ने आईआईटी मुंबई से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। वह परिवार के साथ मुंबई में ही रहता था। अक्तूबर 2020 से आकर गोरखपुर रहने लगा। परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि अहमद मुर्तजा अब्बासी शनिवार को ही घर से निकला था। घर में किसी से ज्यादा बात नहीं करता था। अपने कमरे से भी बहुत कम निकलता था।

 

विज्ञापन
This incident of attack on the soldiers in gorakhpur mandir indicating a big conspiracy
गोरखनाथ मंदिर में हमला: जांच के बाद मंदिर के अंदर मिल रहा प्रवेश। - फोटो : अमर उजाला।

एटीएस ने भी जांच शुरू की
गोरखपुर पुलिस के साथ ही एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) की टीम ने भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस व एटीएस की टीमें सिविल लाइंस थाना क्षेत्र स्थित आरोपी के घर पहुंच गईं। आरोपी के परिजनों से एक-एक करके पूछताछ की जा रही है। पूछताछ आरोपी के घर के पास स्थित एक निजी अस्पताल में चल रही है। एटीएस की टीम घटना स्थल पर मिले बैग से बरामद लैपटॉप की गहनाता से छानबीन कर रही है। अहमद मुर्तजा अब्बासी के घर व उसके कमरे की तलाशी भी ली गई है। बताया जा रहा है कि आरोपी के पिता एमए अब्बासी भी एक कंपनी में इंजीनियर रह चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद गोरखपुर रहने लगे। शनिवार को ही पिता मुंबई से घर लौटे हैं, उसके बाद पिता ने बेटे से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी थी।

 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed