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यूपी बोर्ड : छात्रों ने कॉपी में लिखा...''सर प्लीज पास कर दीजिएगा, आपकी महान कृपा होगी''
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 19 Mar 2026 02:04 AM IST
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गोरखपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा-2026 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य बुधवार से शुरू हो गया। शहर के छह केंद्रों पर इंटर और हाईस्कूल की कॉपियों का मूल्यांकन किया जा रहा है। पहले दिन करीब 9,000 कॉपियों का मूल्यांकन पूरा हुआ।
इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन पीएम श्री राजकीय जुबली इंटर कॉलेज, एमएसआई इंटर कॉलेज और मारवाड़ इंटर कॉलेज में और हाईस्कूल की कॉपियों का महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, सेंट एंड्रयूज इंटर कॉलेज और राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में हो रहा है। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है। इस बार करीब 7000 शिक्षकों की ड्यूटी मूल्यांकन कार्यों के लिए लगाई गई है।
पहले दिन प्रशासनिक चूक का भी मामला सामने आया। कई शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए मिले परिचय पत्र पर सामाजिक विज्ञान विषय के लिए सेंट एंड्रयूज इंटर कॉलेज अंकित था। वहां पहुंचने पर बताया गया कि अब सामाजिक विज्ञान की कॉपियों का मूल्यांकन महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में होगा। दोपहर तक इन कॉपियों को शिक्षकों को उपलब्ध नहीं कराया जा सका। एमएसआई इंटर कॉलेज में शिक्षकों को खुद ही कॉपियों के बंडल उठाकर मूल्यांकन कक्ष तक ले जाना पड़ा। इसके अलावा मूल्यांकन कक्ष के आसपास स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी नजर नहीं आई।
कॉपियों में पैसे नहीं लेकिन इस बार भी पास करने की गुहार
इस बार बोर्ड परीक्षा में सख्ती के कारण कॉपियों में रुपये के नोट नजर नहीं आए। हालांकि, कॉपियों में छात्र-छात्राओं ने अध्यापकों (परीक्षकों) से पास करने की तरह-तरह की भावुक अपीलें लिखी हैं। कई परीक्षार्थियों ने उत्तर पुस्तिका पर साफ-साफ लिखा, ''सर प्लीज पास कर दीजिएगा, आपकी महान कृपा होगी।'' ''कृपया पास कर दीजिए, आगे से मेहनत करूंगा और कभी कोई प्रश्न नहीं छोडूंगा।'' ''सर, कॅरिअर का सवाल है, कृपया पास कर दीजिए।''
घर वालों से भी डर की लिखी बात
परीक्षकों ने बताया कि ऐसे अनुरोध वाली उत्तर पुस्तिकाएं काफी संख्या में मिलीं। कुछ छात्रों ने अंग्रेजी में भी गुहार लगाई है। कुछ ने घरवालों के डर या भविष्य की चिंता जताई। बावजूद इसके परीक्षकों ने इन भावुक अपीलों को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए बोर्ड के नियमों के अनुसार निष्पक्ष और सख्त मूल्यांकन कार्य किया।
इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अमरकांत सिंह ने कहा कि मूल्यांकन कार्य सुचारू रूप से चलाने के लिए अधिकारियों की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में मूल्यांकन कार्य चल रहा है।
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पहले दिन प्रशासनिक चूक का भी मामला सामने आया। कई शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए मिले परिचय पत्र पर सामाजिक विज्ञान विषय के लिए सेंट एंड्रयूज इंटर कॉलेज अंकित था। वहां पहुंचने पर बताया गया कि अब सामाजिक विज्ञान की कॉपियों का मूल्यांकन महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में होगा। दोपहर तक इन कॉपियों को शिक्षकों को उपलब्ध नहीं कराया जा सका। एमएसआई इंटर कॉलेज में शिक्षकों को खुद ही कॉपियों के बंडल उठाकर मूल्यांकन कक्ष तक ले जाना पड़ा। इसके अलावा मूल्यांकन कक्ष के आसपास स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी नजर नहीं आई।
कॉपियों में पैसे नहीं लेकिन इस बार भी पास करने की गुहार
इस बार बोर्ड परीक्षा में सख्ती के कारण कॉपियों में रुपये के नोट नजर नहीं आए। हालांकि, कॉपियों में छात्र-छात्राओं ने अध्यापकों (परीक्षकों) से पास करने की तरह-तरह की भावुक अपीलें लिखी हैं। कई परीक्षार्थियों ने उत्तर पुस्तिका पर साफ-साफ लिखा, ''सर प्लीज पास कर दीजिएगा, आपकी महान कृपा होगी।'' ''कृपया पास कर दीजिए, आगे से मेहनत करूंगा और कभी कोई प्रश्न नहीं छोडूंगा।'' ''सर, कॅरिअर का सवाल है, कृपया पास कर दीजिए।''
घर वालों से भी डर की लिखी बात
परीक्षकों ने बताया कि ऐसे अनुरोध वाली उत्तर पुस्तिकाएं काफी संख्या में मिलीं। कुछ छात्रों ने अंग्रेजी में भी गुहार लगाई है। कुछ ने घरवालों के डर या भविष्य की चिंता जताई। बावजूद इसके परीक्षकों ने इन भावुक अपीलों को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए बोर्ड के नियमों के अनुसार निष्पक्ष और सख्त मूल्यांकन कार्य किया।
इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अमरकांत सिंह ने कहा कि मूल्यांकन कार्य सुचारू रूप से चलाने के लिए अधिकारियों की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में मूल्यांकन कार्य चल रहा है।