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राप्तीनगर अग्निकांड: पति के बाद पत्नी की बीआरडी में इलाज के दौरान मौत, नौकरानी की हालत गंभीर; झुलसे थे चार लोग
Thu, 15 Oct 2026 02:02 PM IST
अनुराग रंजन
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: अनुराग रंजन
Updated Thu, 15 Oct 2026 02:02 PM IST
सार
हादसे के बाद रंजन दास, जया दास और दशावती देवी को उपचार के लिए बीआरडी मेडिकल काॅलेज के नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गैस हाकर का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा था।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज
- फोटो : फाइल फाेटो
विस्तार
शाहपुर थाना क्षेत्र के राप्तीनगर फेज-एक में गैस रिसाव के बाद लगी आग में झुलसीं जया दास (70) की गुरुवार को बीआरडी मेडिकल काॅलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे पहले उनके पति रंजन दास (75) ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। हादसे में घर में काम करने वाली दशावती देवी (65) भी गंभीर रूप से झुलस गई थीं। उनकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। गैस एजेंसी का हाकर इंद्रेश भी हादसे में झुलसा था।
राप्तीनगर फेज-एक स्थित एलआइजी-156 मकान में शनिवार, 10 अक्टूबर की सुबह घरेलू गैस सिलिंडर की पाइप और चूल्हे की मरम्मत के दौरान आग लग गई थी। रंजन दास के घर में सिलिंडर से गैस धीमी जल रही थी। इसे ठीक कराने के लिए गैस एजेंसी के हाकर को बुलाया गया था। मरम्मत के दौरान गैस रिसाव की जांच की जा रही थी, तभी अचानक आग लग गई। इसकी चपेट में आने से रंजन दास, उनकी पत्नी जया दास, घर में काम करने वाली दशावती देवी और हाकर झुलस गए थे।
बीआरडी मेडिकल काॅलेज में चल रहा था उपचार
हादसे के बाद रंजन दास, जया दास और दशावती देवी को उपचार के लिए बीआरडी मेडिकल काॅलेज के नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गैस हाकर का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा था। गंभीर रूप से झुलसे रंजन दास की 11 अक्टूबर की भोर में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। अब पत्नी जया दास की भी मौत हो गई। हादसे में दंपती की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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राप्तीनगर फेज-एक स्थित एलआइजी-156 मकान में शनिवार, 10 अक्टूबर की सुबह घरेलू गैस सिलिंडर की पाइप और चूल्हे की मरम्मत के दौरान आग लग गई थी। रंजन दास के घर में सिलिंडर से गैस धीमी जल रही थी। इसे ठीक कराने के लिए गैस एजेंसी के हाकर को बुलाया गया था। मरम्मत के दौरान गैस रिसाव की जांच की जा रही थी, तभी अचानक आग लग गई। इसकी चपेट में आने से रंजन दास, उनकी पत्नी जया दास, घर में काम करने वाली दशावती देवी और हाकर झुलस गए थे।
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बीआरडी मेडिकल काॅलेज में चल रहा था उपचार
हादसे के बाद रंजन दास, जया दास और दशावती देवी को उपचार के लिए बीआरडी मेडिकल काॅलेज के नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गैस हाकर का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा था। गंभीर रूप से झुलसे रंजन दास की 11 अक्टूबर की भोर में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। अब पत्नी जया दास की भी मौत हो गई। हादसे में दंपती की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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