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Gorakhpur News: आस्था, परंपरा और संस्कृति के रंगों से सजेगा दुर्गाबाड़ी का दरबार
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गोरखपुर। मां दुर्गा की आराधना, ढाक की गूंज और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दुर्गाबाड़ी का परिसर भक्तिमय होगा। बंगाली समिति, दुर्गाबाड़ी की ओर से 16 से 22 अक्तूबर तक 119वां शारदीय दुर्गोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।
बुधवार को दुर्गाबाड़ी परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान समिति के संरक्षक डॉक्टर रूप कुमार बनर्जी ने बताया कि सात दिवसीय महोत्सव में बंगाल की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक दिखेगी। उन्होंने बताया कि षष्ठी तिथि को सुबह चार बजे मां दुर्गा की मूर्ति के समक्ष महिषासुरमर्दिनी का संगीतमय कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इसी दिन रात आठ बजे समिति की स्मारिका ‘जया’ का विमोचन होगा। इसमें समिति की सांस्कृतिक गतिविधियों, परंपराओं और सामाजिक सरोकारों को स्थान दिया गया है।
समिति के अध्यक्ष डॉ. अमरनाथ चटर्जी और सचिव अभिषेक चटर्जी ने बताया कि दुर्गाबाड़ी की दुर्गापूजा वर्षों पुरानी गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। पूजा के लिए बंगाल से पुरोहित और ढाकी आमंत्रित किए जाते हैं। पारंपरिक विधि-विधान और ढाक की गूंज के बीच मां दुर्गा की आराधना होगी।
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सचिव अभिषेक चटर्जी ने बताया कि दुर्गोत्सव में सांस्कृतिक संध्या, महिलाओं का हास्य बांग्ला नाटक, हिंदी नाटक और बच्चों की प्रतियोगिताएं होंगी। पूजा मंत्री जयंत चटर्जी ने बताया कि षष्ठी से दशमी तक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, आरती, पुष्पांजलि और प्रसाद वितरण होगा।
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बुधवार को दुर्गाबाड़ी परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान समिति के संरक्षक डॉक्टर रूप कुमार बनर्जी ने बताया कि सात दिवसीय महोत्सव में बंगाल की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक दिखेगी। उन्होंने बताया कि षष्ठी तिथि को सुबह चार बजे मां दुर्गा की मूर्ति के समक्ष महिषासुरमर्दिनी का संगीतमय कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इसी दिन रात आठ बजे समिति की स्मारिका ‘जया’ का विमोचन होगा। इसमें समिति की सांस्कृतिक गतिविधियों, परंपराओं और सामाजिक सरोकारों को स्थान दिया गया है।
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समिति के अध्यक्ष डॉ. अमरनाथ चटर्जी और सचिव अभिषेक चटर्जी ने बताया कि दुर्गाबाड़ी की दुर्गापूजा वर्षों पुरानी गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। पूजा के लिए बंगाल से पुरोहित और ढाकी आमंत्रित किए जाते हैं। पारंपरिक विधि-विधान और ढाक की गूंज के बीच मां दुर्गा की आराधना होगी।
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सचिव अभिषेक चटर्जी ने बताया कि दुर्गोत्सव में सांस्कृतिक संध्या, महिलाओं का हास्य बांग्ला नाटक, हिंदी नाटक और बच्चों की प्रतियोगिताएं होंगी। पूजा मंत्री जयंत चटर्जी ने बताया कि षष्ठी से दशमी तक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, आरती, पुष्पांजलि और प्रसाद वितरण होगा।