{"_id":"6a25d969559f5029550ad915","slug":"autos-and-e-rickshaws-gather-at-the-civil-hospital-gate-ambala-news-c-36-1-sknl1003-164439-2026-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: नागरिक अस्पताल के गेट पर ऑटो और ई-रिक्शा का जमावड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: नागरिक अस्पताल के गेट पर ऑटो और ई-रिक्शा का जमावड़ा
विज्ञापन
अंबाला छावनी स्थित नागरिक अस्पताल के गेट के सामने खडे़ ऑटो व ई रिक्शा। संवाद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
- मरीज झेल रहे परेशानी, गेट पर पुलिस बूथ हाेने के बाद भी नहीं सुधर रहे हालात
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी स्थित नागरिक अस्पताल के मुख्य द्वार पर अव्यवस्थाओं का आलम है। अस्पताल के प्रवेश और निकास द्वार पर ऑटो व ई-रिक्शा चालकों की ओर से बनाए गए अवैध अड्डे के कारण मरीजों, तीमारदारों और आपातकालीन सेवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के गेट पर पुलिस बूथ बना हुआ है, बावजूद इसके यातायात नियमों की अवहेलना हो रही है।
अस्पताल के मुख्य गेट पर सुबह 7 बजे से ही ई-रिक्शा और ऑटो का जमावड़ा शुरू हो जाता है, जोकि दोपहर बाद तक जारी रहता है। कैंट बस स्टैंड से महेश नगर, बोह, बब्याल, साहा, कालपी और बराड़ा की तरफ जाने वाले ऑटो चालक सवारियां बैठाने और उतारने के लिए सीधे अस्पताल के गेट पर ही ब्रेक लगा देते हैं। इसके चलते अस्पताल से निकलने वाली एंबुलेंस जाम में फंस जाती हैं। इससे किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। यातायात पुलिस द्वारा समय-समय पर यहां अभियान चलाया जाता है और चालान भी काटे जाते हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। जैसे ही पुलिसकर्मी मौके से हटते हैं, ऑटो और ई-रिक्शा चालक दोबारा गेट को घेर लेते हैं।
जाम के बन रहे हालात
राजेश ने बताया कि उनकी माता की तबीयत खराब थी और एंबुलेंस उन्हें लेकर जैसे ही अस्पताल के गेट पर पहुंची, सामने ऑटो और ई-रिक्शा आड़े-तिरछे खड़े थे। सायरन बजाने के बाद भी चालक टस से मस नहीं हुए। लेकिन कोई टोकने वाला नहीं है। तीमारदार पहले से ही मरीज को लेकर मानसिक तनाव में होता है, ऊपर से गेट पर लगा यह जाम उसकी परेशानी को सौ गुना और बढ़ा देता है।
विज्ञापन
प्रशासन दे ध्यान
सुनीता देवी ने बताया कि अस्पताल के मुख्य रास्ते पर सुबह से ही ई-रिक्शा और ऑटो वालों का कब्जा हो जाता है। गेट पर इतनी भीड़ रहती है कि जैसे मरीजों के लिए पैदल अंदर दाखिल होना भी मुश्किल हो जाता है। प्रशासन को कम से कम अस्पताल के गेट को तो इस अव्यवस्था से मुक्त रखना चाहिए ताकि मरीज बिना किसी डर और बाधा के डॉक्टर के पास पहुंच सकें।
नागरिक अस्पताल के पास पहले भी कई बार अभियान चलाकर चालान काटे गए हैं। एक बार फिर अभियान चलाकर ई-रिक्शा व ऑटो चालकों पर शिकंजा कसा जाएगा।
जोगिंद्र सिंह, प्रभारी, यातायात पुलिस अंबाला।
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी स्थित नागरिक अस्पताल के मुख्य द्वार पर अव्यवस्थाओं का आलम है। अस्पताल के प्रवेश और निकास द्वार पर ऑटो व ई-रिक्शा चालकों की ओर से बनाए गए अवैध अड्डे के कारण मरीजों, तीमारदारों और आपातकालीन सेवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के गेट पर पुलिस बूथ बना हुआ है, बावजूद इसके यातायात नियमों की अवहेलना हो रही है।
अस्पताल के मुख्य गेट पर सुबह 7 बजे से ही ई-रिक्शा और ऑटो का जमावड़ा शुरू हो जाता है, जोकि दोपहर बाद तक जारी रहता है। कैंट बस स्टैंड से महेश नगर, बोह, बब्याल, साहा, कालपी और बराड़ा की तरफ जाने वाले ऑटो चालक सवारियां बैठाने और उतारने के लिए सीधे अस्पताल के गेट पर ही ब्रेक लगा देते हैं। इसके चलते अस्पताल से निकलने वाली एंबुलेंस जाम में फंस जाती हैं। इससे किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। यातायात पुलिस द्वारा समय-समय पर यहां अभियान चलाया जाता है और चालान भी काटे जाते हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। जैसे ही पुलिसकर्मी मौके से हटते हैं, ऑटो और ई-रिक्शा चालक दोबारा गेट को घेर लेते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जाम के बन रहे हालात
राजेश ने बताया कि उनकी माता की तबीयत खराब थी और एंबुलेंस उन्हें लेकर जैसे ही अस्पताल के गेट पर पहुंची, सामने ऑटो और ई-रिक्शा आड़े-तिरछे खड़े थे। सायरन बजाने के बाद भी चालक टस से मस नहीं हुए। लेकिन कोई टोकने वाला नहीं है। तीमारदार पहले से ही मरीज को लेकर मानसिक तनाव में होता है, ऊपर से गेट पर लगा यह जाम उसकी परेशानी को सौ गुना और बढ़ा देता है।
Trending Videos
प्रशासन दे ध्यान
सुनीता देवी ने बताया कि अस्पताल के मुख्य रास्ते पर सुबह से ही ई-रिक्शा और ऑटो वालों का कब्जा हो जाता है। गेट पर इतनी भीड़ रहती है कि जैसे मरीजों के लिए पैदल अंदर दाखिल होना भी मुश्किल हो जाता है। प्रशासन को कम से कम अस्पताल के गेट को तो इस अव्यवस्था से मुक्त रखना चाहिए ताकि मरीज बिना किसी डर और बाधा के डॉक्टर के पास पहुंच सकें।
नागरिक अस्पताल के पास पहले भी कई बार अभियान चलाकर चालान काटे गए हैं। एक बार फिर अभियान चलाकर ई-रिक्शा व ऑटो चालकों पर शिकंजा कसा जाएगा।
जोगिंद्र सिंह, प्रभारी, यातायात पुलिस अंबाला।