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सच्चे भक्तों की रक्षा परमात्मा करते हैं : गोपाल दास
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सिद्ध किराना मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। प्रवक्ता
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सिद्ध किराना मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। सिद्ध किराना मंदिर में मंगलवार को श्रीमद्भागवत कथा हुई। इस दौरान गद्दी सिद्ध किराना सहारनपुर के पीठाधीश्वर बाबा गोपाल दास महाराज ने भक्ति और सत्संग की महिमा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति हर कण में ईश्वर का आभास करता है, वही सच्चा भक्त है और उसकी रक्षा का उत्तरदायित्व स्वयं भगवान उठाते हैं। महाराज ने कहा कि दान, यज्ञ या गंगा स्नान से पापों का क्षालन तो हो सकता है लेकिन मनुष्य के भीतर छिपी पाप करने की प्रवृत्ति केवल सत्संग और श्रीमद्भागवत जैसे सदग्रंथों के श्रवण से ही समाप्त होती है।
सत्संग मनुष्य के भीतर ईश्वरीय गुणों का संचार करता है, जिससे जीवन सार्थक बनता है। भक्त ध्रुव और प्रह्लाद का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि ईश्वर को पाने के लिए बच्चों जैसा निष्कपट और सरल हृदय अनिवार्य है। ईर्ष्या और राग-द्वेष से मुक्त होकर की गई भक्ति ही परमात्मा को आकर्षित करती है। कथा का शुभारंभ भाजपा के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन लाल कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सेवा समिति के सदस्य हनुमान सिंह राजपुरोहित ने बताया कि कथा 25 अप्रैल तक प्रतिदिन सायं तीन से छह बजे तक चलेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। सिद्ध किराना मंदिर में मंगलवार को श्रीमद्भागवत कथा हुई। इस दौरान गद्दी सिद्ध किराना सहारनपुर के पीठाधीश्वर बाबा गोपाल दास महाराज ने भक्ति और सत्संग की महिमा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति हर कण में ईश्वर का आभास करता है, वही सच्चा भक्त है और उसकी रक्षा का उत्तरदायित्व स्वयं भगवान उठाते हैं। महाराज ने कहा कि दान, यज्ञ या गंगा स्नान से पापों का क्षालन तो हो सकता है लेकिन मनुष्य के भीतर छिपी पाप करने की प्रवृत्ति केवल सत्संग और श्रीमद्भागवत जैसे सदग्रंथों के श्रवण से ही समाप्त होती है।
सत्संग मनुष्य के भीतर ईश्वरीय गुणों का संचार करता है, जिससे जीवन सार्थक बनता है। भक्त ध्रुव और प्रह्लाद का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि ईश्वर को पाने के लिए बच्चों जैसा निष्कपट और सरल हृदय अनिवार्य है। ईर्ष्या और राग-द्वेष से मुक्त होकर की गई भक्ति ही परमात्मा को आकर्षित करती है। कथा का शुभारंभ भाजपा के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन लाल कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सेवा समिति के सदस्य हनुमान सिंह राजपुरोहित ने बताया कि कथा 25 अप्रैल तक प्रतिदिन सायं तीन से छह बजे तक चलेगी।
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