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Ambala News: शहर की पहचान धार्मिक स्थलों का नहीं हुआ जीर्णोद्धार
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नौरंगराय तालाब का गंदा पानी। संवाद
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- घोषणा के बाद काम शुरू हुआ और बजट कई बार बढ़ाया पर काम अधूरा
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। प्रशासन और नगर निगम के दफ्तर अंबाला सिटी में स्थित हैं। जिला मुख्यालय होने के कारण यहां पर बाहर के लोगों का आना जाना भी होता है। लोगों को उम्मीद थी कि अंबाला सिटी में विकास कार्य होंगे तो इसे अलग पहचान मिलेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए कुछ वर्ष पहले सीएम घोषणा के तहत धार्मिक महत्व वाले नौरंगराय तालाब के जीर्णोद्धार की तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने घोषणा की थी। आज हालात यह हैं कि सीएम घोषणाओं में शामिल सिटी की यह परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं।
असामाजिक तत्व इन्हें नुकसान पहुंचा रहे हैं। इनकी तरफ देखने वाला कोई नहीं है। यहां तक कि घोषणा के बाद काम शुरू हुआ और तब से अब तक इनके बजट कई बार बढ़ाए जा चुके हैं। इन अव्यवस्थाओं को लेकर शहरवासियों में खासी नाराजगी है।
महावीर पार्क : पहले काम धीमा चला फिर लगे भ्रष्टाचार के आरोप
अंबाला सिटी का महावीर पार्क काफी समय से अधूरी परियोजनाओं और रखरखाव की कमी से जूझ रहा है। इस पार्क में बोटिंग और फूड हब जैसी सुविधाएं शुरू करने का दावा तो किया गया मगर कार्य ही पूरा नहीं हो सका तो योजनाएं धरी रह गईं। पिछले कुछ समय से पार्क में गंदगी और झील की सफाई न होने जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। पार्क का विकास कार्य सितंबर 2019 तक पूरा होने थे मगर अभी तक अधूरे ही पड़े हैं। इस परियोजना को लेकर सिटी विधायक निर्मल सिंह ने भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। एसीबी ने यहां से जांच के लिए सैंपल भी भरे मगर अभी तक रिपोर्ट लंबित है। इस पार्क में कुर्सियां नहीं हैं। घास उगी हुई है। नशेड़ी व मनचले पार्क में घूमते रहते हैं। इसके साथ ही यहां टाइलें भी टूटी पड़ी हैं।
नौरंगराय तालाब : लगातार बढ़ रहा बजट काम नहीं हो रहा पूरा
अंबाला शहर का ऐतिहासिक नौरंगराय तालाब धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वामन द्वादशी के दौरान यहां मुख्य पूजा होती है, लेकिन पिछले कई वर्षों से इसका जीर्णोद्धार कार्य अधूरा पड़ा है, जिसका बजट 3 करोड़ से बढ़कर 18 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। यह तालाब अभी तक अधूरा है। इसकी दीवारें काफी ऊंची और अधूरी हैं। दुकानदारों को इससे आपत्ति है। वहीं तालाब में काफी गंदगी पड़ी है। जगह-जगह सरिया निकल रही हैं। इसके साथ ही असमाजिक तत्वों ने यहां पर डेरा जमाया हुआ है। पत्थर की जालियां भी तोड़ दी गई हैं।
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नहीं मिल सका लघु सचिवालय
सात से आठ साल बीतने के बावजूद अब तक जिले के निवासियों को लघु सचिवालय का भवन नहीं मिला है। लघु सचिवालय के लिए ओल्ड सेशन कोर्ड रोड के पास ढांचा तैयार खड़ा है, मगर विवाद होने के बाद इसका निर्माण रुका हुआ है। ऐसे में लोगों को लघु सचिवालय न होने से दूर- दूर स्थित सरकारी कार्यालयों में भटकना पड़ता है।
अंबाला सिटी में विकास के नाम पर सिर्फ लूट हुई है। यहां सेक्टरों का हाल देख लो। शहर की लगभग सभी बड़ी परियोजनाएं ठप पड़ी हैं। उन पर भ्रष्टाचार के आराेप लग चुके हैं। नगर निगम न तो पर्यटन का कोई काम कर सका न ही धार्मिक इमारतों का रखरखाब कर सका। लोगों में आक्रोश है।
-रोहित जैन, अधिवक्ता
नगर निगम चुनाव को लेकर लोग किसको वोट करेंगे यह अभी कहा नहीं जा सकता है। बीते वर्षों में किसी की सरकार रही हो मगर कोई ढंग का काम नहीं हुआ। बड़ी विकास कार्य ठप पड़े हैं। सेक्टरों की हालत खराब है।
-अखिलेश चोपड़ा, व्यापारी
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माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। प्रशासन और नगर निगम के दफ्तर अंबाला सिटी में स्थित हैं। जिला मुख्यालय होने के कारण यहां पर बाहर के लोगों का आना जाना भी होता है। लोगों को उम्मीद थी कि अंबाला सिटी में विकास कार्य होंगे तो इसे अलग पहचान मिलेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए कुछ वर्ष पहले सीएम घोषणा के तहत धार्मिक महत्व वाले नौरंगराय तालाब के जीर्णोद्धार की तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने घोषणा की थी। आज हालात यह हैं कि सीएम घोषणाओं में शामिल सिटी की यह परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं।
असामाजिक तत्व इन्हें नुकसान पहुंचा रहे हैं। इनकी तरफ देखने वाला कोई नहीं है। यहां तक कि घोषणा के बाद काम शुरू हुआ और तब से अब तक इनके बजट कई बार बढ़ाए जा चुके हैं। इन अव्यवस्थाओं को लेकर शहरवासियों में खासी नाराजगी है।
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महावीर पार्क : पहले काम धीमा चला फिर लगे भ्रष्टाचार के आरोप
अंबाला सिटी का महावीर पार्क काफी समय से अधूरी परियोजनाओं और रखरखाव की कमी से जूझ रहा है। इस पार्क में बोटिंग और फूड हब जैसी सुविधाएं शुरू करने का दावा तो किया गया मगर कार्य ही पूरा नहीं हो सका तो योजनाएं धरी रह गईं। पिछले कुछ समय से पार्क में गंदगी और झील की सफाई न होने जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। पार्क का विकास कार्य सितंबर 2019 तक पूरा होने थे मगर अभी तक अधूरे ही पड़े हैं। इस परियोजना को लेकर सिटी विधायक निर्मल सिंह ने भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। एसीबी ने यहां से जांच के लिए सैंपल भी भरे मगर अभी तक रिपोर्ट लंबित है। इस पार्क में कुर्सियां नहीं हैं। घास उगी हुई है। नशेड़ी व मनचले पार्क में घूमते रहते हैं। इसके साथ ही यहां टाइलें भी टूटी पड़ी हैं।
नौरंगराय तालाब : लगातार बढ़ रहा बजट काम नहीं हो रहा पूरा
अंबाला शहर का ऐतिहासिक नौरंगराय तालाब धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वामन द्वादशी के दौरान यहां मुख्य पूजा होती है, लेकिन पिछले कई वर्षों से इसका जीर्णोद्धार कार्य अधूरा पड़ा है, जिसका बजट 3 करोड़ से बढ़कर 18 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। यह तालाब अभी तक अधूरा है। इसकी दीवारें काफी ऊंची और अधूरी हैं। दुकानदारों को इससे आपत्ति है। वहीं तालाब में काफी गंदगी पड़ी है। जगह-जगह सरिया निकल रही हैं। इसके साथ ही असमाजिक तत्वों ने यहां पर डेरा जमाया हुआ है। पत्थर की जालियां भी तोड़ दी गई हैं।
नहीं मिल सका लघु सचिवालय
सात से आठ साल बीतने के बावजूद अब तक जिले के निवासियों को लघु सचिवालय का भवन नहीं मिला है। लघु सचिवालय के लिए ओल्ड सेशन कोर्ड रोड के पास ढांचा तैयार खड़ा है, मगर विवाद होने के बाद इसका निर्माण रुका हुआ है। ऐसे में लोगों को लघु सचिवालय न होने से दूर- दूर स्थित सरकारी कार्यालयों में भटकना पड़ता है।
अंबाला सिटी में विकास के नाम पर सिर्फ लूट हुई है। यहां सेक्टरों का हाल देख लो। शहर की लगभग सभी बड़ी परियोजनाएं ठप पड़ी हैं। उन पर भ्रष्टाचार के आराेप लग चुके हैं। नगर निगम न तो पर्यटन का कोई काम कर सका न ही धार्मिक इमारतों का रखरखाब कर सका। लोगों में आक्रोश है।
-रोहित जैन, अधिवक्ता
नगर निगम चुनाव को लेकर लोग किसको वोट करेंगे यह अभी कहा नहीं जा सकता है। बीते वर्षों में किसी की सरकार रही हो मगर कोई ढंग का काम नहीं हुआ। बड़ी विकास कार्य ठप पड़े हैं। सेक्टरों की हालत खराब है।
-अखिलेश चोपड़ा, व्यापारी

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