Ambala News: अधूरी छपाई और विकल्प आधारित अधूरे प्रश्न बने मुसीबत
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परीक्षार्थियों ने बताया कि जब परीक्षा पत्र की खामियों को संबंधित केंद्र अधीक्षकों के समक्ष जाहिर किया गया तो उन्होंने समस्या समाधान का आश्वासन तो जरूर दिया, लेकिन वो हकीकत में उनकी परेशानी को दूर नहीं कर पाए। उन्होंने बताया कि उन्हें प्रश्नपत्र सीलबंद पैकेट के बजाय खुले में दिए गए। परीक्षार्थियों का कहना था कि पहले परीक्षा पत्र प्रत्येक छात्र तक पैकिंग में पहुंचते थे, लेकिन इस बार खुले में दिए जाने से शुचिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके अलावा, प्रश्नपत्रों की छपाई में भी कई खामियां पाई गईं।
दो पालियों में हुई परीक्षा, कड़ी सुरक्षा के बीच दी उपस्थिति
जिले भर के 27 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। परीक्षार्थियों को पहले चरण में पुलिस जांच से गुजरना पड़ा तो वहीं दूसरे चरण में निजी एजेंसियों के कर्मचारियों ने उनकी जांच की। इस दौरान पुरुष परिक्षार्थियों के हाथों में पहने धागे, कड़े और अन्य सामान को उतरवा दिया गया। इसी प्रकार महिला परिक्षार्थियों के भी कान के कोके, बालियां, रबड़ बैंड व हाथों में पहले आभूषण उतरवा दिए गए।
8105 में से 6166 ने दी परीक्षा, 1939 रहे अनुपस्थित
हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के तहत लेवल-2 के तहत प्रात: 10 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक परीक्षा आयोजित की गई। इसके लिए 20 सेंटर बनाए गए थे। इनमें 6141 परीक्षार्थी में से 4788 परीक्षा देने के लिए पहुंचे, जबकि 1353 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इसी प्रकार लेवल-1 के तहत परीक्षा का आयोजन दोपहर बाद 3 बजे से 5.30 बजे तक किया गया। इस परीक्षा के लिए 7 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें 1964 परीक्षार्थी में से 1378 परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए पहुंचे और 586 अनुपस्थित रहे। यानी कुल 8105 में से 6166 ने परीक्षा दी और 1939 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
35 बसें चलीं
अंबाला कैंट बस अड्डे के प्रबंधक बहादुर सिंह ने बताया कि रविवार सुबह 4.30 बजे बसों का संचालन शुरु कर दिया गया था। कुरुक्षेत्र व यमुनानगर की तरफ भी बसें चलाई गई। यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। उन्होंने बताया कि लगभग 35 बसों ने प्रत्येक केंद्र के तीन फेरे लगाए ताकि परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा कुछ बसों व स्टाफ को इमरजेंसी के तौर पर कैंट बस अड्डे पर भी तैनात किया गया था।
इस बार प्रश्न पत्रों की छपाई ठीक तरीके से नहीं हुई है। दो दिन आयोजित किए गए तीनों पश्न पत्रों में छपाई की दिक्कत रही। इससे उत्तर देने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
पिंकी।
प्रश्न पत्र में विकल्प तो दर्ज किए गए थे, लेकिन यह विकल्प किस प्रश्न के लिए है,वो साफ व स्पष्ट नहीं था। केंद्र अधीक्षक को भी पूछा गया तो वो भी गोलमोल जवाब दे गए।
रजनी बाला।
प्रश्न पत्र में 133 से 135 तक के प्रश्न गायब थे। यह कुछ परीक्षार्थियों के साथ हुआ। लेकिन जानकारी देने के बाद भी किसी ने उनकी मदद नहीं की।
शानू।
पहले जो भी पेपर हुए हैं वो पैकिंग में परीक्षर्थी तक पहुंचते थे ताकि प्रश्न पत्र की गोपनीयत बनी रहे। लेकिन इस बार खुले ही प्रश्न पत्र की पुस्तिका पकड़ा दी गई।
अर्चना।
इस बार पेपर सीलबंद ट्रंक में आए थे जोकि वीडियो रिकार्डिंग और विभागीय अधिकारियों की निगरानी में खोले गए। पहले एक पैकेट में 25 प्रश्न पत्र की पुस्तिका होती थी, इस बार वो 20 की गई थीं। इसलिए पैकेटों को खोलने में पूरी सावधानी बरती गई।
केपी सिंह, प्राचार्य, फारूखा खालसा स्कूल,अंबाला कैंट।
प्रशासन व शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी नकल रहित परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने की थी जोकि पूरी जिम्मेदारी के साथ करवाई गई। इसके अलावा प्रश्न पत्रों की छपाई या विकल्प आदि से संबंधित कोई भी शिकायत उनके संज्ञान में नहीं आई है।
सुधीर कालड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी,अंबाला।

अंबाला छावनी के फारुखा खालसा स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते परीक्षार्थी। संवाद

अंबाला छावनी के फारुखा खालसा स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते परीक्षार्थी। संवाद

अंबाला छावनी के फारुखा खालसा स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते परीक्षार्थी। संवाद

अंबाला छावनी के फारुखा खालसा स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते परीक्षार्थी। संवाद

अंबाला छावनी के फारुखा खालसा स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते परीक्षार्थी। संवाद

अंबाला छावनी के फारुखा खालसा स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते परीक्षार्थी। संवाद

अंबाला छावनी के फारुखा खालसा स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते परीक्षार्थी। संवाद

अंबाला छावनी के फारुखा खालसा स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते परीक्षार्थी। संवाद

अंबाला छावनी के फारुखा खालसा स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते परीक्षार्थी। संवाद