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Ambala News: दलीपगढ़ में नगर खेड़ा बना तालाब, पूजा करना भी मुश्किल
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छावनी के वार्ड नंबर चार स्थित दलीपगढ़ में नगर खेडा में जमा नाले का पानी। संवाद
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- गलियों में जमा नाले के पानी से गुजरने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी के वार्ड नंबर चार स्थित दलीपगढ़ में विकास कार्य लोगों के लिए जी का जंजाल बन गए हैं। डेढ़ साल से धीमी गति से चल रहा नाले का निर्माण कार्य लोगों की राह में रोड़ा अटका रहा है। नगर खेड़ा को भी गंदे पानी के तालाब में तब्दील कर चुका है। जलभराव के कारण श्रद्धालु खेड़ा साहिब पर पूजा-अर्चना तक नहीं कर पा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नहरी विभाग की लापरवाही के कारण नाले का निर्माण कार्य बार-बार रुक जाता है। नाले की दीवार का काम अधूरा होने की वजह से गंदा पानी घरों, गलियों और खेड़ा साहिब के पास जमा हो रहा है। इसके साथ ही पास में बनी धर्मशाला के बाहर भी जलभराव ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। क्षेत्रवासियों को मजबूरी में इसी बदबूदार और दूषित पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है।
18 महीने से अधूरा पड़ा निर्माण
दलीपगढ़ के लोगों में नहरी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि डेढ़ साल पहले शुरू हुआ यह नाला आज तक पूरा नहीं हो सका। दीवार का काम अधूरा रहने से पानी बैक मारता है और सीधा रिहायशी इलाके में घुस जाता है। शिकायत के बावजूद विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, जिससे उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वार्ड नंबर चार की पार्षद शिल्पा पासी ने बताया कि नाले का निर्माण नहरी विभाग द्वारा करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि होली के त्योहार के चलते श्रमिक घर चले गए थे, जिसकी वजह से पिछले कुछ दिनों से काम रुका हुआ था। अब लेबर वापस आ चुकी है और निर्माण कार्य दोबारा शुरू करा दिया गया है। मुख्य समस्या नाले की दीवार के महज 40 फीट के टुकड़े की है। इस संबंध में ठेकेदार से बात की गई है। ठेकेदार ने आश्वासन दिया है कि आगामी पांच दिनों के भीतर यह काम पूरा कर लिया जाएगा, ताकि लोगों को जलभराव से मुक्ति मिल सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी के वार्ड नंबर चार स्थित दलीपगढ़ में विकास कार्य लोगों के लिए जी का जंजाल बन गए हैं। डेढ़ साल से धीमी गति से चल रहा नाले का निर्माण कार्य लोगों की राह में रोड़ा अटका रहा है। नगर खेड़ा को भी गंदे पानी के तालाब में तब्दील कर चुका है। जलभराव के कारण श्रद्धालु खेड़ा साहिब पर पूजा-अर्चना तक नहीं कर पा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नहरी विभाग की लापरवाही के कारण नाले का निर्माण कार्य बार-बार रुक जाता है। नाले की दीवार का काम अधूरा होने की वजह से गंदा पानी घरों, गलियों और खेड़ा साहिब के पास जमा हो रहा है। इसके साथ ही पास में बनी धर्मशाला के बाहर भी जलभराव ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। क्षेत्रवासियों को मजबूरी में इसी बदबूदार और दूषित पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है।
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18 महीने से अधूरा पड़ा निर्माण
दलीपगढ़ के लोगों में नहरी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि डेढ़ साल पहले शुरू हुआ यह नाला आज तक पूरा नहीं हो सका। दीवार का काम अधूरा रहने से पानी बैक मारता है और सीधा रिहायशी इलाके में घुस जाता है। शिकायत के बावजूद विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, जिससे उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वार्ड नंबर चार की पार्षद शिल्पा पासी ने बताया कि नाले का निर्माण नहरी विभाग द्वारा करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि होली के त्योहार के चलते श्रमिक घर चले गए थे, जिसकी वजह से पिछले कुछ दिनों से काम रुका हुआ था। अब लेबर वापस आ चुकी है और निर्माण कार्य दोबारा शुरू करा दिया गया है। मुख्य समस्या नाले की दीवार के महज 40 फीट के टुकड़े की है। इस संबंध में ठेकेदार से बात की गई है। ठेकेदार ने आश्वासन दिया है कि आगामी पांच दिनों के भीतर यह काम पूरा कर लिया जाएगा, ताकि लोगों को जलभराव से मुक्ति मिल सके।

छावनी के वार्ड नंबर चार स्थित दलीपगढ़ में नगर खेडा में जमा नाले का पानी। संवाद