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Ambala News: श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद और सूचना के अधिकार से जुड़े सवालों ने उलझाया
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रिंकी
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- हरियाणा बोर्ड कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों ने दी सामाजिक विज्ञान की परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। हरियाणा बोर्ड कक्षा 10वीं की सामाजिक विज्ञान की परीक्षा सोमवार को हुई। प्रश्न पत्र को मुख्य रूप से पांच खंडों में विभाजित किया गया था। इसमें इतिहास, राजनीतिक विज्ञान, भूगोल और अर्थशास्त्र के विषयों का समावेश था। प्रश्न पत्र में लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी, श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद, सत्याग्रह, सूचना का अधिकार और वैश्वीकरण जैसे समसामयिक और महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
परीक्षा देकर लाैटे छात्रों ने बताया कि श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद और सूचना का अधिकार से जुड़ा सवाल कठिन रहा। अंतिम खंड में विद्यार्थियों की भौगोलिक समझ को परखने के लिए भारत और विश्व के मानचित्र पर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, सरदार सरोवर बांध और मिस्र की सभ्यता जैसे स्थानों को अंकित करने के प्रश्न पूछे गए। अधिकांश विद्यार्थियों ने प्रश्न पत्र को संतुलित और पाठ्यक्रम के अनुरूप बताया।
पाठ्यक्रम से ही आए सवाल
दीपिका ने बताया कि प्रश्न पत्र पूरी तरह से एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम पर आधारित था। विशेष रूप से सत्याग्रह और वैश्वीकरण जैसे विषयों पर आए प्रश्न बहुत सीधे थे।
मिस्र की सभ्यता के सवाल पर संशय
खुशबू ने बताया कि भूगोल का खंड सबसे ज्यादा पसंद आया। भारत के मानचित्र पर काजीरंगा नेशनल पार्क और सरदार सरोवर बांध को अंकित करना काफी रोचक था। विश्व मानचित्र पर मिस्र की सभ्यता को लेकर थोड़ा संशय था।
पहले से की थी तैयारी
रिंकी ने बताया कि राजनीति विज्ञान के खंड में लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी और श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद जैसे प्रश्न वास्तव में हमारी समझ को परखने वाले थे। यह विषय न केवल किताबी है, बल्कि आज के समय में भी बहुत प्रासंगिक है। पेपर न ज्यादा कठिन था और न बहुत आसान। इसकी मैंने पहले ही तैयारी की थी।
समय पर हल किया प्रश्न पत्र
प्रवीण ने बताया कि प्रश्न पत्र पांच खंडों में विभाजित होने के कारण व्यवस्थित था। सूचना का अधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल करना अच्छा लगा। समय का प्रबंधन थोड़ा चुनौतीपूर्ण था लेकिन सब कुछ समय पर पूरा किया।
प्रश्न पत्र देखते ही मिली खुशी
अनीफ ने बताया कि परीक्षा को लेकर पहले थोड़ा तनाव था लेकिन प्रश्न पत्र देखते ही वह खत्म हो गया। इतिहास से लेकर अर्थशास्त्र तक विशेष रूप से सत्याग्रह पर विस्तृत उत्तर लिखना काफी सरल रहा क्योंकि यह हमारे पाठ्यक्रम का एक हिस्सा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। हरियाणा बोर्ड कक्षा 10वीं की सामाजिक विज्ञान की परीक्षा सोमवार को हुई। प्रश्न पत्र को मुख्य रूप से पांच खंडों में विभाजित किया गया था। इसमें इतिहास, राजनीतिक विज्ञान, भूगोल और अर्थशास्त्र के विषयों का समावेश था। प्रश्न पत्र में लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी, श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद, सत्याग्रह, सूचना का अधिकार और वैश्वीकरण जैसे समसामयिक और महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
परीक्षा देकर लाैटे छात्रों ने बताया कि श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद और सूचना का अधिकार से जुड़ा सवाल कठिन रहा। अंतिम खंड में विद्यार्थियों की भौगोलिक समझ को परखने के लिए भारत और विश्व के मानचित्र पर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, सरदार सरोवर बांध और मिस्र की सभ्यता जैसे स्थानों को अंकित करने के प्रश्न पूछे गए। अधिकांश विद्यार्थियों ने प्रश्न पत्र को संतुलित और पाठ्यक्रम के अनुरूप बताया।
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पाठ्यक्रम से ही आए सवाल
दीपिका ने बताया कि प्रश्न पत्र पूरी तरह से एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम पर आधारित था। विशेष रूप से सत्याग्रह और वैश्वीकरण जैसे विषयों पर आए प्रश्न बहुत सीधे थे।
मिस्र की सभ्यता के सवाल पर संशय
खुशबू ने बताया कि भूगोल का खंड सबसे ज्यादा पसंद आया। भारत के मानचित्र पर काजीरंगा नेशनल पार्क और सरदार सरोवर बांध को अंकित करना काफी रोचक था। विश्व मानचित्र पर मिस्र की सभ्यता को लेकर थोड़ा संशय था।
पहले से की थी तैयारी
रिंकी ने बताया कि राजनीति विज्ञान के खंड में लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी और श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद जैसे प्रश्न वास्तव में हमारी समझ को परखने वाले थे। यह विषय न केवल किताबी है, बल्कि आज के समय में भी बहुत प्रासंगिक है। पेपर न ज्यादा कठिन था और न बहुत आसान। इसकी मैंने पहले ही तैयारी की थी।
समय पर हल किया प्रश्न पत्र
प्रवीण ने बताया कि प्रश्न पत्र पांच खंडों में विभाजित होने के कारण व्यवस्थित था। सूचना का अधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल करना अच्छा लगा। समय का प्रबंधन थोड़ा चुनौतीपूर्ण था लेकिन सब कुछ समय पर पूरा किया।
प्रश्न पत्र देखते ही मिली खुशी
अनीफ ने बताया कि परीक्षा को लेकर पहले थोड़ा तनाव था लेकिन प्रश्न पत्र देखते ही वह खत्म हो गया। इतिहास से लेकर अर्थशास्त्र तक विशेष रूप से सत्याग्रह पर विस्तृत उत्तर लिखना काफी सरल रहा क्योंकि यह हमारे पाठ्यक्रम का एक हिस्सा है।

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