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Bhiwani News: नवोदय विद्यालय के हॉस्टल में 10वीं के छात्र ने फंदा लगाकर जान दी
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नागरिक अस्पताल में मौजूद मृतक दीपांशु के परिजन
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कैरू (भिवानी)। जवाहर नवोदय विद्यालय, देवराला में शनिवार देर रात 10वीं कक्षा के एक छात्र ने फंदा लगाकर जान दे दी। छात्र के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में फिलहाल कारणों का पता नहीं चल पाया है। मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया लेकिन पुलिस को लिखित में नहीं देने से इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की गई है।
पुलिस के मुताबिक धनाना निवासी दीपांशु (16) पुत्र मंजीत हाॅस्टल की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में रहता था। रात करीब डेढ़ बजे स्कूल से उसके फंदा लगाने की सूचना मिली। उसे फंदे से उतारकर पहले कैरू सीएचसी पहुंचाया। वहां स्टाफ नहीं मिलने के कारण जिला नागरिक अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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रात दो बजे स्कूल से आया फोन
रीना ने बताया कि शनिवार रात दो बजे अध्यापक ने फोन कर कहा कि आप स्कूल पहुंच जाइए। आपके बेटे ने आत्महत्या करने की कोशिश की है। उस समय केवल यही जानकारी दी गई। वे पहले स्कूल और बाद में अस्पताल पहुंचे। बेटे के गले और हाथ पर निशान दिखाई दिए।
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रात एक बजे तक सो रहा था दीपांशु
विद्यालय के उप प्राचार्य प्रवीण गुप्ता ने बताया कि 11 जुलाई की रात करीब 1:30 बजे चौकीदार और कुछ छात्रों ने उन्हें सूचना दी कि एक छात्र फंदे से लटका है। वे मौके पर पहुंचे तो छात्रों ने बताया कि वे करीब एक बजे तक जाग रहे थे। उस समय दीपांशु सो रहा था। करीब आधे घंटे बाद एक छात्र ने दीपांशु को सीढि़यों की रेलिंग से बंधे फंदे से लटका देखा। इसके बाद डायल 112 और कैरू पुलिस चौकी को सूचना दी गई और दीपांशु के घर फोन कर परिजनों को बुलाया गया। कैरू पुलिस चौकी के जांच अधिकारी धर्मदेव ने बताया कि दीपांशु के पिता मंजीत के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
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मां बोलीं- 10 जुलाई को की थी बात, परेशानी का जिक्र नहीं किया
मां रीना ने बताया कि दीपांशु जून में गर्मी की छुट्टियों के दौरान घर आया था और 30 जून को वापस स्कूल चला गया। वह छठी कक्षा से ही इसी विद्यालय में पढ़ रहा था। 10 जुलाई को भी उससे फोन पर बात हुई थी। तब उसने किसी तरह की परेशानी का जिक्र नहीं किया था। रीना ने कहा कि बेटा आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकता। हो सकता है किसी ने उसके साथ कुछ गलत किया हो। उसके हाथ और गले पर निशान हैं।
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दो मंजिला हॉस्टल में रहते हैं 48 छात्र उप प्राचार्य प्रवीण गुप्ता ने बताया कि दो मंजिला हॉस्टल में 48 छात्र रहते हैं। सभी छात्रों को हिदायत दे रखी है कि किसी भी छात्र के व्यवहार में असामान्य बदलाव दिखें तो तुरंत स्कूल प्रशासन को सूचना दें। हालांकि दीपांशु के संबंध में ऐसी कोई सूचना नहीं मिली थी। विद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं लेकिन छात्रों की निजता को ध्यान में रखते हुए बाथरूम और बेडरूम में नहीं लगाए गए हैं। जब वह मौके पर पहुंचे तो दीपांशु के शरीर में गर्माहट होने के कारण उसके बचने की उम्मीद थी। इसलिए तुरंत फंदे से उतारकर सीएचसी कैरू ले जाया गया।
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पुलिस के मुताबिक धनाना निवासी दीपांशु (16) पुत्र मंजीत हाॅस्टल की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में रहता था। रात करीब डेढ़ बजे स्कूल से उसके फंदा लगाने की सूचना मिली। उसे फंदे से उतारकर पहले कैरू सीएचसी पहुंचाया। वहां स्टाफ नहीं मिलने के कारण जिला नागरिक अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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रात दो बजे स्कूल से आया फोन
रीना ने बताया कि शनिवार रात दो बजे अध्यापक ने फोन कर कहा कि आप स्कूल पहुंच जाइए। आपके बेटे ने आत्महत्या करने की कोशिश की है। उस समय केवल यही जानकारी दी गई। वे पहले स्कूल और बाद में अस्पताल पहुंचे। बेटे के गले और हाथ पर निशान दिखाई दिए।
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रात एक बजे तक सो रहा था दीपांशु
विद्यालय के उप प्राचार्य प्रवीण गुप्ता ने बताया कि 11 जुलाई की रात करीब 1:30 बजे चौकीदार और कुछ छात्रों ने उन्हें सूचना दी कि एक छात्र फंदे से लटका है। वे मौके पर पहुंचे तो छात्रों ने बताया कि वे करीब एक बजे तक जाग रहे थे। उस समय दीपांशु सो रहा था। करीब आधे घंटे बाद एक छात्र ने दीपांशु को सीढि़यों की रेलिंग से बंधे फंदे से लटका देखा। इसके बाद डायल 112 और कैरू पुलिस चौकी को सूचना दी गई और दीपांशु के घर फोन कर परिजनों को बुलाया गया। कैरू पुलिस चौकी के जांच अधिकारी धर्मदेव ने बताया कि दीपांशु के पिता मंजीत के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
मां बोलीं- 10 जुलाई को की थी बात, परेशानी का जिक्र नहीं किया
मां रीना ने बताया कि दीपांशु जून में गर्मी की छुट्टियों के दौरान घर आया था और 30 जून को वापस स्कूल चला गया। वह छठी कक्षा से ही इसी विद्यालय में पढ़ रहा था। 10 जुलाई को भी उससे फोन पर बात हुई थी। तब उसने किसी तरह की परेशानी का जिक्र नहीं किया था। रीना ने कहा कि बेटा आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकता। हो सकता है किसी ने उसके साथ कुछ गलत किया हो। उसके हाथ और गले पर निशान हैं।
दो मंजिला हॉस्टल में रहते हैं 48 छात्र उप प्राचार्य प्रवीण गुप्ता ने बताया कि दो मंजिला हॉस्टल में 48 छात्र रहते हैं। सभी छात्रों को हिदायत दे रखी है कि किसी भी छात्र के व्यवहार में असामान्य बदलाव दिखें तो तुरंत स्कूल प्रशासन को सूचना दें। हालांकि दीपांशु के संबंध में ऐसी कोई सूचना नहीं मिली थी। विद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं लेकिन छात्रों की निजता को ध्यान में रखते हुए बाथरूम और बेडरूम में नहीं लगाए गए हैं। जब वह मौके पर पहुंचे तो दीपांशु के शरीर में गर्माहट होने के कारण उसके बचने की उम्मीद थी। इसलिए तुरंत फंदे से उतारकर सीएचसी कैरू ले जाया गया।