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Bhiwani News: हार्निया ऑपरेशन के बाद पशुपालन विभाग के कर्मचारी की मौत, निजी अस्पताल के चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 20 Mar 2026 12:28 AM IST
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भिवानी। शहर के जांगड़ा अस्पताल में हार्निया के ऑपरेशन के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने से बुधवार को पशुपालन विभाग के 40 वर्षीय कर्मचारी मनोज की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया है।
गांव कितलाना निवासी अमित ने बताया कि उनका भाई मनोज हर्निया की समस्या के कारण 17 मार्च को अस्पताल में भर्ती हुआ। ऑपरेशन के बाद मनोज को लगातार दर्द और अस्वस्थता रही, लेकिन चिकित्सकों ने उसे अन्य अस्पताल में रेफर नहीं किया। 18 मार्च की सुबह वह बेहोश हो गया और बाद में उसे अन्य निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
औद्योगिक पुलिस थाना के जांच अधिकारी एसआई वीरेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। गांव कितलाना के सरपंच प्रतिनिधि मास्टर रतन सिंह ने कहा कि मनोज की मौत चिकित्सक की लापरवाही के कारण हुई है और मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से न्याय दिलाने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
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आरोप निराधान हैं। ऑपरेशन सामान्य था और किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई। मनोज को ऑपरेशन के बाद घबराहट हुई थी और कार्डियोलॉजिस्ट को दिखाने के लिए उसे रेफर किया गया था ऑपरेशन के दौरान मरीज की सहमति भी ली गई थी। - डॉ. सुभाष जांगड़ा, निदेशक जांगड़ा अस्पताल।
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गांव कितलाना निवासी अमित ने बताया कि उनका भाई मनोज हर्निया की समस्या के कारण 17 मार्च को अस्पताल में भर्ती हुआ। ऑपरेशन के बाद मनोज को लगातार दर्द और अस्वस्थता रही, लेकिन चिकित्सकों ने उसे अन्य अस्पताल में रेफर नहीं किया। 18 मार्च की सुबह वह बेहोश हो गया और बाद में उसे अन्य निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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औद्योगिक पुलिस थाना के जांच अधिकारी एसआई वीरेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। गांव कितलाना के सरपंच प्रतिनिधि मास्टर रतन सिंह ने कहा कि मनोज की मौत चिकित्सक की लापरवाही के कारण हुई है और मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से न्याय दिलाने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
आरोप निराधान हैं। ऑपरेशन सामान्य था और किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई। मनोज को ऑपरेशन के बाद घबराहट हुई थी और कार्डियोलॉजिस्ट को दिखाने के लिए उसे रेफर किया गया था ऑपरेशन के दौरान मरीज की सहमति भी ली गई थी। - डॉ. सुभाष जांगड़ा, निदेशक जांगड़ा अस्पताल।