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Bhiwani News: कीकर के पेड़ से टकराई बोलेरो, सात घायल, एक की हालत गंभीर
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ढिगावा श्यामियान और कारी के बीच सड़क हादसे में क्षतिगस्त गाड़ी।
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ढिगावामंडी (भिवानी)। ढिगावा-बाढड़ा रोड पर ढिगावा श्यामियान और कारी के बीच रविवार सुबह करीब नौ बजे सड़क किनारे खड़े कीकर के पेड़ से बोलेरो की टक्कर हो गई। हादसे में बोलेरो सवार सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें एक की हालत नाजुक बनी हुई है। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद भिवानी के जिला नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार बोलेरो में सवार परिवार राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गांव खारा दुधवा का रहने वाला है। परिवार ढिगावा श्यामियान में अपनी रिश्तेदारी में एक महिला के निधन पर शोक जताने के लिए आ रहा था। रिश्तेदारों के खेतों में बने घर से महज 100 मीटर पहले बोलेरो सड़क किनारे खड़े कीकर के पेड़ से टकरा गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और वह अनियंत्रित होकर खेतों में जा गिरी। वाहन में सवार सभी लोग अंदर फंस गए जिन्हें आसपास के लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंच गई।
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घायलों में खारा दुधवा निवासी 10 वर्षीय प्रिंस, 50 वर्षीय कलावती, 45 वर्षीय सुनीता, 60 वर्षीय सोना देवी, 60 वर्षीय दयाराम, 50 वर्षीय राजेश और 60 वर्षीय सागरदास शामिल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही लोहारू थाना प्रभारी मुरारीलाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को क्षतिग्रस्त बोलेरो से बाहर निकाला। मौके पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण घायलों को निजी वाहनों से कस्बे के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को गंभीर हालत देखते हुए भिवानी जिला नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया।
डेथ प्वाइंट बना कीकर का पेड़, ग्रामीणों में आक्रोश
मौके पर मौजूद ग्रामीण प्रदीप और सोमबीर ने बताया कि सड़क के किनारे खड़ा यह कीकर का पेड़ अब डेथ प्वाइंट बन चुका है। सड़क संकरी होने के कारण सामने से कोई बड़ा वाहन आने पर छोटे वाहन चालक साइड देने के लिए अपनी गाड़ी अधिक बाई ओर ले जाते हैं। इसी दौरान वाहन की कंडक्टर साइड पेड़ से टकरा जाती है और वाहन अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस पेड़ के कारण पिछले छह महीने में यह तीसरा बड़ा हादसा है। कुछ दिन पहले भी एक गाड़ी इसी पेड़ से टकराकर पलट गई थी जिसमें दो लोग घायल हुए थे। उनका कहना है कि बार-बार हादसे होने के बावजूद प्रशासन ने अब तक पेड़ हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है।
प्रशासन से पेड़ हटाने की मांग
हादसे के बाद मौके पर एकत्र ग्रामीणों ने रोष जताया। उन्होंने कहा कि जब तक इस पेड़ को यहां से नहीं हटाया जाएगा तब तक हादसों का सिलसिला नहीं रुकेगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की कि इस खतरनाक पेड़ को तत्काल कटवाया जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह की दुर्घटना का सामना न करना पड़े।
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जानकारी के अनुसार बोलेरो में सवार परिवार राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गांव खारा दुधवा का रहने वाला है। परिवार ढिगावा श्यामियान में अपनी रिश्तेदारी में एक महिला के निधन पर शोक जताने के लिए आ रहा था। रिश्तेदारों के खेतों में बने घर से महज 100 मीटर पहले बोलेरो सड़क किनारे खड़े कीकर के पेड़ से टकरा गई।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और वह अनियंत्रित होकर खेतों में जा गिरी। वाहन में सवार सभी लोग अंदर फंस गए जिन्हें आसपास के लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंच गई।
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घायलों में खारा दुधवा निवासी 10 वर्षीय प्रिंस, 50 वर्षीय कलावती, 45 वर्षीय सुनीता, 60 वर्षीय सोना देवी, 60 वर्षीय दयाराम, 50 वर्षीय राजेश और 60 वर्षीय सागरदास शामिल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही लोहारू थाना प्रभारी मुरारीलाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को क्षतिग्रस्त बोलेरो से बाहर निकाला। मौके पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण घायलों को निजी वाहनों से कस्बे के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को गंभीर हालत देखते हुए भिवानी जिला नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया।
डेथ प्वाइंट बना कीकर का पेड़, ग्रामीणों में आक्रोश
मौके पर मौजूद ग्रामीण प्रदीप और सोमबीर ने बताया कि सड़क के किनारे खड़ा यह कीकर का पेड़ अब डेथ प्वाइंट बन चुका है। सड़क संकरी होने के कारण सामने से कोई बड़ा वाहन आने पर छोटे वाहन चालक साइड देने के लिए अपनी गाड़ी अधिक बाई ओर ले जाते हैं। इसी दौरान वाहन की कंडक्टर साइड पेड़ से टकरा जाती है और वाहन अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस पेड़ के कारण पिछले छह महीने में यह तीसरा बड़ा हादसा है। कुछ दिन पहले भी एक गाड़ी इसी पेड़ से टकराकर पलट गई थी जिसमें दो लोग घायल हुए थे। उनका कहना है कि बार-बार हादसे होने के बावजूद प्रशासन ने अब तक पेड़ हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है।
प्रशासन से पेड़ हटाने की मांग
हादसे के बाद मौके पर एकत्र ग्रामीणों ने रोष जताया। उन्होंने कहा कि जब तक इस पेड़ को यहां से नहीं हटाया जाएगा तब तक हादसों का सिलसिला नहीं रुकेगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की कि इस खतरनाक पेड़ को तत्काल कटवाया जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह की दुर्घटना का सामना न करना पड़े।