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Haryana: अब गृह नगर नहीं बदलेगा, स्थायी पता बदल सकेंगे सरकारी कर्मचारी; हरियाणा सरकार ने दूर किया भ्रम

Wed, 22 Jul 2026 03:02 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Wed, 22 Jul 2026 03:02 PM IST
सार

कर्मचारी सेवा के दौरान विवाह, परिवार के स्थानांतरण या नया मकान खरीदकर किसी अन्य स्थान पर स्थायी रूप से बस जाता है तो सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से वह अपना स्थायी पता बदल सकेगा।

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Haryana Govt employees will no longer be able to change their hometown but update their permanent address
अनुराग रस्तोगी। - फोटो : फाइल

विस्तार

हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के गृह नगर और स्थायी पते को लेकर वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक अस्पष्टता दूर कर दी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि दोनों अलग-अलग अवधारणाएं हैं और सेवा संबंधी मामलों में इन्हें एक-दूसरे का पर्याय नहीं माना जाएगा।
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अब तक कई विभागों में गृह नगर और स्थायी पते को समान मानकर नियुक्ति, तबादले और सेवा अभिलेखों में अलग-अलग व्याख्या की जा रही थी, जिससे भ्रम की स्थिति बनती थी। नए निर्देशों के बाद यह स्पष्ट कर दिया गया है कि सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले जहां कर्मचारी का मूल सामाजिक और पारिवारिक संबंध रहा, वही उसका गृह नगर माना जाएगा और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।
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हालांकि, कर्मचारी सेवा के दौरान विवाह, परिवार के स्थानांतरण या नया मकान खरीदकर किसी अन्य स्थान पर स्थायी रूप से बस जाता है तो सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से वह अपना स्थायी पता बदल सकेगा, लेकिन इससे उसके गृह नगर या गृह जिले में कोई परिवर्तन नहीं माना जाएगा। सेवानिवृत्ति के बाद भी स्थायी पता बदलने की अनुमति रहेगी।
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सरकार ने यह भी दोहराया है कि राजपत्रित अधिकारियों की नियुक्ति सामान्यतः उनके गृह जिले में नहीं की जाएगी, ताकि स्थानीय प्रभाव, हितों के टकराव और पक्षपात की आशंका कम रहे। विशेषकर भूमि, राजस्व, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक धन से जुड़े विभागों में निष्पक्ष प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी गई है।


मानव संसाधन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों, प्रशासनिक सचिवों, उपायुक्तों, विश्वविद्यालयों तथा बोर्ड-निगमों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए हैं। सरकार का मानना है कि इससे सेवा अभिलेखों में एकरूपता आएगी और तबादला व नियुक्ति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी तथा विवादमुक्त होगी।
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