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Charkhi Dadri News: टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 27 ग्राम पंचायतों को किया सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 25 Mar 2026 12:46 AM IST
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ग्राम पंचायत प्रतिनिधि को सम्मानित करते उपायुक्त व सिविल सर्जन।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने जिले के लोगों का आह्वान किया कि वे निक्षय मित्र बनकर टीबी रोग से पीड़ित मरीजों का सहारा बनें और उन्हें मानसिक एवं सामाजिक सहयोग प्रदान करें जिससे उनके जीवन में नई उम्मीद जाग सके। उपायुक्त लघु सचिवालय के सभागार में मंगलवार को आयोजित टीबी मुक्त पंचायत अभियान सम्मान समारोह में उल्लेखनीय कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों को सम्मानित करने के उपरांत उन्हें संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में वर्ष 2024-2025 और 2025-26 के लिए जिले की 27 ग्राम पंचायतों को रजत व कांस्य अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
अवॉर्ड प्राप्त करने वाली पंचायतों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान में जिले की इन ग्राम पंचायतों ने सराहनीय भूमिका निभाई है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी उन्मूलन के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को चिन्हित कर उन्हें प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि यद्यपि टीबी एक गंभीर बीमारी है लेकिन इसका पूर्ण उपचार संभव है। सभी अपने परिवार एवं समाज को इस रोग से बचाने के लिए जागरूकता फैलाएं और टीबी मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।
उपायुक्त ने कहा कि टीबी उन्मूलन एक सामूहिक प्रयास है जिसमें पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी सरपंचों, पंचों एवं जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे टीबी रोग की समय पर पहचान, उपचार एवं जागरूकता के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने निक्षय मित्र अभियान के तहत टीबी मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया ताकि मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने में सहायता मिल सके।
उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को सरकार एवं विभाग द्वारा विशेष पहचान दी जा रही है और जिला प्रशासन ऐसे प्रयासों को पूरा सहयोग व समर्थन प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायत को कांस्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, उन्हें अगले वर्ष रजत अवार्ड के लिए प्रयास करना चाहिए। इसी प्रकार से सिल्वर अवॉर्ड प्राप्त करने वाली ग्राम पंचायतों को गोल्डन अवॉर्ड के लिए मेहनत करनी चाहिए। गोल्डन अवॉर्ड प्राप्त करने वाले ग्राम पंचायतों को अपनी यथा स्थिति को बनाए रखना होगा।
कार्यक्रम में उपायुक्त ने वर्ष 2024-2025 और 2025-26 के लिए चयनित 27 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार ने टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि सरकार द्वारा टीबी मरीजों के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण सहित विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जा रहा है। टीबी नोडल अधिकारी डाॅ. राहुल अरोडा ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर जिले की प्रगति के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान टिकान कलां, खेड़ी सनवाल, बास, भागेश्वरी, सौंफ, मोरवाला, जयश्री, मिर्च, खातीवास, भारीवास, कारी रूपा, सिरसली, किष्किंधा, मांढी पिराणु, खोरड़ा, डुडीवाला नंदकरण, निमड़, आदमपुर, गोकल, गुडाना, रामलवास, बालरोड, बिजणा, माई खुर्द, ढाणी, नोसवा व लांबा की ग्राम पंचायत को सम्मानित किया गया।
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अवॉर्ड प्राप्त करने वाली पंचायतों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान में जिले की इन ग्राम पंचायतों ने सराहनीय भूमिका निभाई है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी उन्मूलन के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को चिन्हित कर उन्हें प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि यद्यपि टीबी एक गंभीर बीमारी है लेकिन इसका पूर्ण उपचार संभव है। सभी अपने परिवार एवं समाज को इस रोग से बचाने के लिए जागरूकता फैलाएं और टीबी मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।
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उपायुक्त ने कहा कि टीबी उन्मूलन एक सामूहिक प्रयास है जिसमें पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी सरपंचों, पंचों एवं जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे टीबी रोग की समय पर पहचान, उपचार एवं जागरूकता के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने निक्षय मित्र अभियान के तहत टीबी मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया ताकि मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने में सहायता मिल सके।
उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को सरकार एवं विभाग द्वारा विशेष पहचान दी जा रही है और जिला प्रशासन ऐसे प्रयासों को पूरा सहयोग व समर्थन प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायत को कांस्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, उन्हें अगले वर्ष रजत अवार्ड के लिए प्रयास करना चाहिए। इसी प्रकार से सिल्वर अवॉर्ड प्राप्त करने वाली ग्राम पंचायतों को गोल्डन अवॉर्ड के लिए मेहनत करनी चाहिए। गोल्डन अवॉर्ड प्राप्त करने वाले ग्राम पंचायतों को अपनी यथा स्थिति को बनाए रखना होगा।
कार्यक्रम में उपायुक्त ने वर्ष 2024-2025 और 2025-26 के लिए चयनित 27 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार ने टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि सरकार द्वारा टीबी मरीजों के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण सहित विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जा रहा है। टीबी नोडल अधिकारी डाॅ. राहुल अरोडा ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर जिले की प्रगति के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान टिकान कलां, खेड़ी सनवाल, बास, भागेश्वरी, सौंफ, मोरवाला, जयश्री, मिर्च, खातीवास, भारीवास, कारी रूपा, सिरसली, किष्किंधा, मांढी पिराणु, खोरड़ा, डुडीवाला नंदकरण, निमड़, आदमपुर, गोकल, गुडाना, रामलवास, बालरोड, बिजणा, माई खुर्द, ढाणी, नोसवा व लांबा की ग्राम पंचायत को सम्मानित किया गया।