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Charkhi Dadri News: स्वास्थ्य विभाग को बड़ा झटका, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वरुण मित्तल ने दिया इस्तीफा
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 17 Feb 2026 01:48 AM IST
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नागरिक अस्पताल में मरीजों का उपचार करते नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वरुण मित्तल।
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चरखी दादरी। दादरी जिला मुख्यालय पर स्थित नागरिक अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं। अब अस्पताल में तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वरुण मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। करीब एक सप्ताह पहले उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजते हुए नियमानुसार एक महीने का नोटिस दिया है। मार्च महीने के पहले सप्ताह तक नोटिस अवधि पूरी होने के बाद वे सरकारी सेवा से मुक्त हो जाएंगे और निजी अस्पताल में सेवाएं शुरू करेंगे। स्वास्थ्य विभाग में करीब साढ़े पांच वर्षों तक डॉ. वरुण मित्तल ने अपनी सेवाएं प्रदान की हैं।
डॉ. वरुण मित्तल के इस्तीफे के बाद नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग विभाग में विशेषज्ञ का पद खाली हो जाएगा। वर्तमान में उनके अलावा नेत्र रोग विभाग में कोई चिकित्सक नहीं है। इसका खामियाजा क्षेत्र के उन मरीजों को भुगतना पड़ेगा, जो सस्ते व सुलभ उपचार के लिए सरकारी अस्पताल पर निर्भर हैं। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नागरिक अस्पताल की नेत्र रोग ओपीडी में हर रोज करीब 200 मरीज आंखों की जांच व उपचार करवाने के लिए आते हैं। नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ का पद खाली होने से मरीजों को निजी अस्पतालों या फिर दूसरे जिलों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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सर्जरी सेवाओं पर लग सकता है ब्रेक
नेत्र रोग विशेषज्ञ का पद खाली होने से ओपीडी के साथ-साथ नेत्र संबंधित ऑपरेशन की सुविधा भी बुरी तरह से प्रभावित होगी। वर्तमान में यहां हर महीने करीब 60 लोगों के नेत्र संबंधी ऑपरेशन होते हैं। डॉ. वरुण के नेतृत्व में ही नागरिक अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में आवश्यक उपकरण मंगवाकर नेत्र संबंधी सर्जरी की सुविधा शुरू हुई थी। लेकिन अब उनके द्वारा पद छोड़ने तथा समय रहते दूसरे विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती न होने से नेत्र संबंधी सर्जरी सेवाओं पर भी ब्रेक लग सकता है।
सरकारी सेवाओं से मोहभंग चिंता का विषय
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि दादरी स्वास्थ्य विभाग में तैनात चिकित्सकों का सरकारी सेवाओं से मोहभंग होता नजर आ रहा है। जो काफी चिंता का विषय है। जनवरी माह की शुरुआत में यहां तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि सहरावत ने भी सरकारी सेवाओं को अलविदा कह दिया था। वहीं अब नेत्र रोग विशेषज्ञ ने इस्तीफा दे दिया है। एक के बाद एक विशेषज्ञों के जाने से विभाग की साख और व्यवस्था, दोनों पर ही सवालिया निशान लग रहे हैं।
नए चिकित्सक की तैनाती विभाग के लिए चुनौती
गौरतलब है कि दादरी के नागरिक अस्पताल में हर रोज एक हजार से अधिक मरीज ओपीडी में उपचार करवाने के लिए आते हैं। नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का मुद्दा हमेशा उठता रहा है। वहीं अब नेत्र रोग विशेषज्ञ के स्थान पर नए चिकित्सक की नियुक्ति भी स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती रहेगी।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वरुण मित्तल ने इस्तीफा देते हुए एक महीने का नोटिस दिया है। उनके इस्तीफे को उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया गया है। मुख्यालय स्तर पर ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।
-डॉ. नरेश कुमार, सिविल सर्जन, दादरी।
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डॉ. वरुण मित्तल के इस्तीफे के बाद नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग विभाग में विशेषज्ञ का पद खाली हो जाएगा। वर्तमान में उनके अलावा नेत्र रोग विभाग में कोई चिकित्सक नहीं है। इसका खामियाजा क्षेत्र के उन मरीजों को भुगतना पड़ेगा, जो सस्ते व सुलभ उपचार के लिए सरकारी अस्पताल पर निर्भर हैं। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नागरिक अस्पताल की नेत्र रोग ओपीडी में हर रोज करीब 200 मरीज आंखों की जांच व उपचार करवाने के लिए आते हैं। नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ का पद खाली होने से मरीजों को निजी अस्पतालों या फिर दूसरे जिलों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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सर्जरी सेवाओं पर लग सकता है ब्रेक
नेत्र रोग विशेषज्ञ का पद खाली होने से ओपीडी के साथ-साथ नेत्र संबंधित ऑपरेशन की सुविधा भी बुरी तरह से प्रभावित होगी। वर्तमान में यहां हर महीने करीब 60 लोगों के नेत्र संबंधी ऑपरेशन होते हैं। डॉ. वरुण के नेतृत्व में ही नागरिक अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में आवश्यक उपकरण मंगवाकर नेत्र संबंधी सर्जरी की सुविधा शुरू हुई थी। लेकिन अब उनके द्वारा पद छोड़ने तथा समय रहते दूसरे विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती न होने से नेत्र संबंधी सर्जरी सेवाओं पर भी ब्रेक लग सकता है।
सरकारी सेवाओं से मोहभंग चिंता का विषय
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि दादरी स्वास्थ्य विभाग में तैनात चिकित्सकों का सरकारी सेवाओं से मोहभंग होता नजर आ रहा है। जो काफी चिंता का विषय है। जनवरी माह की शुरुआत में यहां तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि सहरावत ने भी सरकारी सेवाओं को अलविदा कह दिया था। वहीं अब नेत्र रोग विशेषज्ञ ने इस्तीफा दे दिया है। एक के बाद एक विशेषज्ञों के जाने से विभाग की साख और व्यवस्था, दोनों पर ही सवालिया निशान लग रहे हैं।
नए चिकित्सक की तैनाती विभाग के लिए चुनौती
गौरतलब है कि दादरी के नागरिक अस्पताल में हर रोज एक हजार से अधिक मरीज ओपीडी में उपचार करवाने के लिए आते हैं। नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का मुद्दा हमेशा उठता रहा है। वहीं अब नेत्र रोग विशेषज्ञ के स्थान पर नए चिकित्सक की नियुक्ति भी स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती रहेगी।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वरुण मित्तल ने इस्तीफा देते हुए एक महीने का नोटिस दिया है। उनके इस्तीफे को उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया गया है। मुख्यालय स्तर पर ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।
-डॉ. नरेश कुमार, सिविल सर्जन, दादरी।