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Charkhi Dadri News: शामलात भूमि पर 2004 से पहले बने मकान होंगे नियमित, 16 जनवरी तक कर सकते हैं आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 12 Jan 2026 10:30 PM IST
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चरखी दादरी। जिले में शामलात भूमि पर वर्षों से बने मकानों में रह रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। जिला प्रशासन ने 31 मार्च 2004 या उससे पहले शामलात भूमि पर बने अवैध मकानों के नियमितीकरण के लिए पूरी प्रक्रिया की स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी है।
उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने बताया कि इस फैसले की मांग लोग लंबे समय से कर रहे थे और अब सरकार की इस योजना से जिले के हजारों परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। पात्र लोगों को 16 जनवरी 2026 तक आवेदन करने का अवसर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन से लेकर रजिस्ट्री तक हर स्तर पर अधिकारियों के लिए निश्चित समय-सीमा तय की गई है, ताकि पात्र लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और प्रक्रिया बिना देरी के पूरी हो सके।
जिला विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी बीडीपीओ, ग्राम सचिवों और सरपंचों को स्पष्ट किया है कि केवल वही मकान नियमितीकरण के दायरे में आएंगे, जो 31 मार्च 2004 से पहले शामलात भूमि पर बने हुए हैं। पात्र लोगों को 16 जनवरी तक आवेदन करने का अवसर दिया गया है।
बीडीपीओ और उपायुक्त की समय-सीमा
बीडीपीओ को प्रस्ताव मिलने के 7 कार्यदिवस के भीतर साइट निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को अपनी सिफारिश भेजनी होगी। उपायुक्त यदि ग्राम पंचायत के हित में प्रस्ताव को उचित समझते हैं, तो 7 दिनों के भीतर अपनी अनुशंसा सहित इसे पंचायती राज निदेशक को अग्रेषित करेंगे।
- कलेक्टर रेट के आधार पर तय होगी कीमत
उपायुक्त ने बताया कि डायरेक्टर पंचायत ही इस मामले में सक्षम प्राधिकारी होंगे। वे प्रस्ताव मिलने के 10 दिनों के भीतर भूमि का मूल्य तय कर स्वीकृति देंगे। भूमि का मूल्य वर्ष 2004 की कलेक्टर दर या उसके बाद उपलब्ध कलेक्टर दर का 1.5 गुना लिया जाएगा। यदि 2004 की दर उपलब्ध नहीं है, तो निकटतम वर्ष की दर लागू होगी।
-आवेदन के साथ ये दस्तावेज जरूरी
उपायुक्त ने बताया कि अवैध कब्जाधारी 16 जनवरी 2026 से पहले किसी भी कार्यदिवस में ग्राम पंचायत के माध्यम से भूमि खरीदने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ जमाबंदी, खसरा गिरदावरी, मकान का साइट प्लान, फोटो और कब्जे से संबंधित प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।
ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की भूमिका
आवेदन प्राप्त होने के बाद ग्राम पंचायत को 20 दिनों के भीतर तीन-चौथाई बहुमत से प्रस्ताव पारित करना होगा। इसके बाद ग्राम सभा में बहुमत से प्रस्ताव की पुष्टि कर भूमि उपयोग योजना भी तैयार करनी होगी। ग्राम सचिव को 3 कार्यदिवस के भीतर यह प्रस्ताव बीडीपीओ को भेजना अनिवार्य होगा।
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उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने बताया कि इस फैसले की मांग लोग लंबे समय से कर रहे थे और अब सरकार की इस योजना से जिले के हजारों परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। पात्र लोगों को 16 जनवरी 2026 तक आवेदन करने का अवसर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन से लेकर रजिस्ट्री तक हर स्तर पर अधिकारियों के लिए निश्चित समय-सीमा तय की गई है, ताकि पात्र लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और प्रक्रिया बिना देरी के पूरी हो सके।
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जिला विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी बीडीपीओ, ग्राम सचिवों और सरपंचों को स्पष्ट किया है कि केवल वही मकान नियमितीकरण के दायरे में आएंगे, जो 31 मार्च 2004 से पहले शामलात भूमि पर बने हुए हैं। पात्र लोगों को 16 जनवरी तक आवेदन करने का अवसर दिया गया है।
बीडीपीओ और उपायुक्त की समय-सीमा
बीडीपीओ को प्रस्ताव मिलने के 7 कार्यदिवस के भीतर साइट निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को अपनी सिफारिश भेजनी होगी। उपायुक्त यदि ग्राम पंचायत के हित में प्रस्ताव को उचित समझते हैं, तो 7 दिनों के भीतर अपनी अनुशंसा सहित इसे पंचायती राज निदेशक को अग्रेषित करेंगे।
- कलेक्टर रेट के आधार पर तय होगी कीमत
उपायुक्त ने बताया कि डायरेक्टर पंचायत ही इस मामले में सक्षम प्राधिकारी होंगे। वे प्रस्ताव मिलने के 10 दिनों के भीतर भूमि का मूल्य तय कर स्वीकृति देंगे। भूमि का मूल्य वर्ष 2004 की कलेक्टर दर या उसके बाद उपलब्ध कलेक्टर दर का 1.5 गुना लिया जाएगा। यदि 2004 की दर उपलब्ध नहीं है, तो निकटतम वर्ष की दर लागू होगी।
-आवेदन के साथ ये दस्तावेज जरूरी
उपायुक्त ने बताया कि अवैध कब्जाधारी 16 जनवरी 2026 से पहले किसी भी कार्यदिवस में ग्राम पंचायत के माध्यम से भूमि खरीदने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ जमाबंदी, खसरा गिरदावरी, मकान का साइट प्लान, फोटो और कब्जे से संबंधित प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।
ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की भूमिका
आवेदन प्राप्त होने के बाद ग्राम पंचायत को 20 दिनों के भीतर तीन-चौथाई बहुमत से प्रस्ताव पारित करना होगा। इसके बाद ग्राम सभा में बहुमत से प्रस्ताव की पुष्टि कर भूमि उपयोग योजना भी तैयार करनी होगी। ग्राम सचिव को 3 कार्यदिवस के भीतर यह प्रस्ताव बीडीपीओ को भेजना अनिवार्य होगा।