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Charkhi Dadri News: 49 व्यायामशालाओं में से 31 बनकर तैयार, 10 आयुष विभाग को सौंपी
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चरखी दादरी। जिले में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने के लिए सरकार की गांव-गांव व्यायामशालाओं की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। पांच हजार से अधिक आबादी वाले 49 गांवों में व्यायामशालाएं पंचायती राज विभाग द्वारा बनाई जा रही हैं। 31 व्यायामशालाएं बनकर तैयार हो चुकी हैं और जल्द ही आयुष विभाग को हैंडओवर की जाएंगी। 10 व्यायामशालाओं को आयुष विभाग को सौंपा जा चुका है, जबकि शेष शालाओं का हैंडओवर अंतिम चरण में है।
व्यायामशालाओं में आधुनिक कसरत उपकरण, योग अभ्यास की सुविधा और खुला परिसर विकसित किया गया है, ताकि खिलाड़ी और आम नागरिक नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियों से जुड़ सकें। आयुष विभाग ने इन योगशालाओं में प्रशिक्षित योग शिक्षकों की तैनाती की है। शिक्षक सुबह-शाम योग, प्राणायाम और ध्यान सत्र संचालित कर रहे हैं। विभाग का मानना है कि इससे युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों और महिलाओं को भी स्वास्थ्य लाभ मिलेगा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों में कमी आएगी।
रखरखाव में चुनौतियां
योजना के क्रियान्वयन के दौरान कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। कई गांवों में शालाएं देखरेख की कमी के कारण खस्ता स्थिति में हैं। कुछ स्थानों पर योग शिक्षक नहीं हैं, कहीं नियमित सफाई नहीं हो रही और रखरखाव की जिम्मेदारी तय न होने के कारण भवन और परिसर की स्थिति बिगड़ रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो करोड़ों रुपये की लागत से बनी ये शालाएं अपने उद्देश्य से भटक सकती हैं।
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व्यायाम शालाओं का निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराया जा रहा है। हैंडओवर के बाद आयुष विभाग के माध्यम से संचालन और रखरखाव को और बेहतर बनाया जाएगा। विभागीय स्तर पर निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी व्यायाम शालाओं की स्थिति खराब है, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। - डॉ. विरेंद्र सिंह, सीईओ
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व्यायामशालाओं में आधुनिक कसरत उपकरण, योग अभ्यास की सुविधा और खुला परिसर विकसित किया गया है, ताकि खिलाड़ी और आम नागरिक नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियों से जुड़ सकें। आयुष विभाग ने इन योगशालाओं में प्रशिक्षित योग शिक्षकों की तैनाती की है। शिक्षक सुबह-शाम योग, प्राणायाम और ध्यान सत्र संचालित कर रहे हैं। विभाग का मानना है कि इससे युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों और महिलाओं को भी स्वास्थ्य लाभ मिलेगा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों में कमी आएगी।
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रखरखाव में चुनौतियां
योजना के क्रियान्वयन के दौरान कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। कई गांवों में शालाएं देखरेख की कमी के कारण खस्ता स्थिति में हैं। कुछ स्थानों पर योग शिक्षक नहीं हैं, कहीं नियमित सफाई नहीं हो रही और रखरखाव की जिम्मेदारी तय न होने के कारण भवन और परिसर की स्थिति बिगड़ रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो करोड़ों रुपये की लागत से बनी ये शालाएं अपने उद्देश्य से भटक सकती हैं।
व्यायाम शालाओं का निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराया जा रहा है। हैंडओवर के बाद आयुष विभाग के माध्यम से संचालन और रखरखाव को और बेहतर बनाया जाएगा। विभागीय स्तर पर निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी व्यायाम शालाओं की स्थिति खराब है, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। - डॉ. विरेंद्र सिंह, सीईओ