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Charkhi Dadri News: तीन माह बाद भी नियमावली का प्रारूप न मिलने पर स्वामित्व योजना का काम ठप
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 17 Jun 2026 12:14 AM IST
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दादरी के लघु सचिवालय स्थित सरल केंद्र, जहां रजिस्ट्री आदि बनाने का कार्य होता है।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। राजस्व विभाग को एसओपी यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रक्रिया का शेड्यूल न मिलने पर स्वामित्व योजना का काम ठप पड़ा है। सरकार ने करीब तीन माह पहले पंचायत विभाग से राजस्व विभाग को यह कार्य सौंपा है। योजना के तहत गांवों में लाल डोरे की सीमा के अंदर मकानों की आईडी बनाने का काम किया जा रहा है। स्वामित्व योजना के तहत अब मकानों की रजिस्ट्री बन सकेगी। आजादी के बाद से इन मकानों का स्वामित्व रिकॉड में दर्ज नहीं था।
लाल डोरे की सीमा के अंदर मकानों की रजिस्ट्री बनाने का काम अब पंचायत विभाग के बजाय राजस्व विभाग ने करना है। स्वामित्व योजना का एक चरण पूरा हो चुका है। फिलहाल काफी संख्या मेंं मकानों की रजिस्ट्री बनना बाकी है। जो रजिस्ट्री पहले चरण में बन चुकी हैं उनमें काफी मकान मालिकों को रजिस्ट्री वितरित नहीं हो सकी हैं।
गांवों में लाल डोरा की सीमा के अंदर पहले मकानों की रजिस्ट्री नहीं होती थी। सन 2024 में केंद्र सरकार ने स्वामित्व योजना शुरू की और इन मकानों की रजिस्ट्री बनवाने का काम शुरू किया गया। ड्रोन से गांव स्तर पर मैपिंग कर मकानों की सूची तैयार की गई और उसी के अनुसार रजिस्ट्री बनाने का काम किया गया। रजिस्ट्री बनाने के लिए पंचायत विभाग की ओर से ग्राम सचिवों को जिम्मेदारी सौंपी गई। ग्राम सचिवों ने गांवों में मकान मालिकों से सीधे तौर पर संपर्क किया और उनके आधार कार्ड व मोबाइल नंबर आदि जमा किए गए। बाद में नंबरदार से सत्यापित करवाकर मकान की रजिस्ट्री बनाई गई। इस दौरान आपस में विवाद भी हुए। एक पिता के कई संतान होने पर काफी उलझनें आई क्योंकि पहले तो पिता के मकान को भाइयों ने आपसी स्तर पर बंटवारा कर रखा था। सभी भाइयों की सहमति बन जाने के बाद रजिस्ट्री बनाने का काम किया गया।
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ज्ञात रहे आजादी के बाद से इन मकानों का स्वामित्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं था। मकान मालिक न तो मकान को बेच सकता था और न ही खरीद सकता था। केवल आपसी सहमति से मौखिक तौर पर लोग इन मकानों की खरीद-फरोख्त करते थे। अब स्वामित्व होने पर मकानों की खरीद व बिक्री का काम सरकारी हस्तक्षेप से हो सकेगा।
करीब तीन माह पहले सरकार ने राजस्व विभाग को यह जिम्मेदारी सौंपी है। अब तक राजस्व विभाग के पास कामकाज करने संबंधी नियमावली का प्रारूप न आने से काम ठप पड़ा है। स्वामित्व योजना से संबंधित सभी प्रकार के कामकाज राजस्व विभाग ही निपटाएगा।
वर्सन :
योजना के तहत कामकाज करने के लिए नियमावली का प्रारूप न मिलने की वजह से काम शुरू नहीं हो सका है। जल्द ही योजना पर काम शुरू करेंगे। लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
-- राजकुमार भौरिया, जिला राजस्व अधिकारी, दादरी।
लाल डोरे की सीमा के अंदर मकानों की रजिस्ट्री बनाने का काम अब पंचायत विभाग के बजाय राजस्व विभाग ने करना है। स्वामित्व योजना का एक चरण पूरा हो चुका है। फिलहाल काफी संख्या मेंं मकानों की रजिस्ट्री बनना बाकी है। जो रजिस्ट्री पहले चरण में बन चुकी हैं उनमें काफी मकान मालिकों को रजिस्ट्री वितरित नहीं हो सकी हैं।
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गांवों में लाल डोरा की सीमा के अंदर पहले मकानों की रजिस्ट्री नहीं होती थी। सन 2024 में केंद्र सरकार ने स्वामित्व योजना शुरू की और इन मकानों की रजिस्ट्री बनवाने का काम शुरू किया गया। ड्रोन से गांव स्तर पर मैपिंग कर मकानों की सूची तैयार की गई और उसी के अनुसार रजिस्ट्री बनाने का काम किया गया। रजिस्ट्री बनाने के लिए पंचायत विभाग की ओर से ग्राम सचिवों को जिम्मेदारी सौंपी गई। ग्राम सचिवों ने गांवों में मकान मालिकों से सीधे तौर पर संपर्क किया और उनके आधार कार्ड व मोबाइल नंबर आदि जमा किए गए। बाद में नंबरदार से सत्यापित करवाकर मकान की रजिस्ट्री बनाई गई। इस दौरान आपस में विवाद भी हुए। एक पिता के कई संतान होने पर काफी उलझनें आई क्योंकि पहले तो पिता के मकान को भाइयों ने आपसी स्तर पर बंटवारा कर रखा था। सभी भाइयों की सहमति बन जाने के बाद रजिस्ट्री बनाने का काम किया गया।
ज्ञात रहे आजादी के बाद से इन मकानों का स्वामित्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं था। मकान मालिक न तो मकान को बेच सकता था और न ही खरीद सकता था। केवल आपसी सहमति से मौखिक तौर पर लोग इन मकानों की खरीद-फरोख्त करते थे। अब स्वामित्व होने पर मकानों की खरीद व बिक्री का काम सरकारी हस्तक्षेप से हो सकेगा।
करीब तीन माह पहले सरकार ने राजस्व विभाग को यह जिम्मेदारी सौंपी है। अब तक राजस्व विभाग के पास कामकाज करने संबंधी नियमावली का प्रारूप न आने से काम ठप पड़ा है। स्वामित्व योजना से संबंधित सभी प्रकार के कामकाज राजस्व विभाग ही निपटाएगा।
वर्सन :
योजना के तहत कामकाज करने के लिए नियमावली का प्रारूप न मिलने की वजह से काम शुरू नहीं हो सका है। जल्द ही योजना पर काम शुरू करेंगे। लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।