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Fatehabad News: ड्रेन की सफाई अधूरी, चिंता गहरी
Tue, 30 Jun 2026 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 30 Jun 2026 11:00 PM IST
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रंगोई नाले में उगी झाड़िया व जलखुंभी। संवाद
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फतेहाबाद। प्रदेश में मानसून का आगमन अब कभी हो सकता है लेकिन जिले में बरसाती नालों और ड्रेनों की सफाई का कार्य अभी तक पूरी तरह पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका गहराने लगी है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो पिछले वर्ष जैसी स्थिति बन सकती है।
रंगोई नाला, सिरसा-घग्गर ड्रेन तथा गोरखपुर-बड़ोपल ड्रेन वर्षा जल निकासी की प्रमुख व्यवस्थाएं हैं। इन नालों में कई स्थानों पर गाद, झाड़ियां और मलबा जमा होने से पानी के प्रवाह में बाधा बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कार्य की धीमी गति भविष्य में परेशानी का कारण बन सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जिले में दो जून से मानसून के सक्रिय होने की उम्मीद है,लेकिन सिंचाई विभाग की सुस्ती के कारण सफाई व तटबंध मजबूत करने का काम अधूरा है। बरसाती नालों और ड्रेनों में जमा गाद और झाड़ियों को न हटाए जाने के कारण पानी की निकासी पूरी तरह बाधित है। यदि मानसून के दौरान भारी बारिश होती है, तो क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।
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गांव अयाल्की, ढाणी ठोबा, जांडवाला बागड़, ठुईयां और गोरखपुर गांवों के आसपास से गुजरने वाले ड्रेन पूरी तरह गंदगी और मलबे से अटे पड़े हैं जिससे पानी का बहाव रुकने का अंदेशा है। इस कारण से पानी ओवरफ्लो होकर नुकसान पहुंचा सकता है।
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सफाई न होने से मानसून में तीन बार टूटी थी सिरसा-घग्गर ड्रेन
पिछले साल मानसून के दौरान सिंचाई विभाग की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा था। सिरसा-घग्गर ड्रेन का तटबंध गांव जांडवाला बागड़ व ठुईयां के पास तीन बार टूट गया था जिस कारण सैंकड़ों एकड़ में खड़ी फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई थीं। किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था और कई महीनों तक खेतों में पानी भरा रहा था जिससे किसान गेहूं की बिजाई नहीं कर पाए थे। ऐसे में लोगों ने सिंचाई विभाग ने इस साल समय रहते करवाने की मांग की हैं।
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गांव गोरखपुर-बड़ोपल ड्रेन की सफाई करवाने को लेकर कई बार सिंचाई विभाग व प्रशासन से लिखित में शिकायत देकर मांग की गई है लेकिन अभी तक सफाई का काम शुरू नहीं हो सका है। पिछले साल मानसून में कई किसानों के खेतों में जलभराव की स्थिति बनी थी।
- ओमप्रकाश, गांव गोरखपुर।
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जिले में अगर दो जून तक मानसून आ जाता है और ड्रेन की सफाई नहीं होती तो पानी सीधे खेतों और घरों में घुसेगा। पिछले साल का नुकसान हम आज तक नहीं भूल पाए हैं। वहीं अब आगे की चिंता भी सताने लगी है।
- सुरेश गढ़वाल, ढाणी ठोबा।
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प्रशासन केवल कागजों में बाढ़ नियंत्रण की तैयारियां कर रहा है जबकि जमीनी हकीकत इसके उलट है। यदि जल्द ही रंगाई नाले और गोरखपुर-बड़ोपल ड्रेन की सफाई नहीं की गई, तो फिर से किसानों को फसलों की बर्बादी देखनी पड़ सकती है।
- जगबीर सिंह, गांव गोरखपुर।
:: रंगोई नाले की सफाई का काम लगभग पूरा हो चुका है। अगले एक या दो दिनों में काम पूरा कर लिया जाएगा। वहीं सिरसा घग्गर ड्रेन की सफाई का पूरा हो चुका है।
- नरेश कुमार भोला, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग, फतेहाबाद।
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रंगोई नाला, सिरसा-घग्गर ड्रेन तथा गोरखपुर-बड़ोपल ड्रेन वर्षा जल निकासी की प्रमुख व्यवस्थाएं हैं। इन नालों में कई स्थानों पर गाद, झाड़ियां और मलबा जमा होने से पानी के प्रवाह में बाधा बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कार्य की धीमी गति भविष्य में परेशानी का कारण बन सकती है।
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मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जिले में दो जून से मानसून के सक्रिय होने की उम्मीद है,लेकिन सिंचाई विभाग की सुस्ती के कारण सफाई व तटबंध मजबूत करने का काम अधूरा है। बरसाती नालों और ड्रेनों में जमा गाद और झाड़ियों को न हटाए जाने के कारण पानी की निकासी पूरी तरह बाधित है। यदि मानसून के दौरान भारी बारिश होती है, तो क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।
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गांव अयाल्की, ढाणी ठोबा, जांडवाला बागड़, ठुईयां और गोरखपुर गांवों के आसपास से गुजरने वाले ड्रेन पूरी तरह गंदगी और मलबे से अटे पड़े हैं जिससे पानी का बहाव रुकने का अंदेशा है। इस कारण से पानी ओवरफ्लो होकर नुकसान पहुंचा सकता है।
सफाई न होने से मानसून में तीन बार टूटी थी सिरसा-घग्गर ड्रेन
पिछले साल मानसून के दौरान सिंचाई विभाग की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा था। सिरसा-घग्गर ड्रेन का तटबंध गांव जांडवाला बागड़ व ठुईयां के पास तीन बार टूट गया था जिस कारण सैंकड़ों एकड़ में खड़ी फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई थीं। किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था और कई महीनों तक खेतों में पानी भरा रहा था जिससे किसान गेहूं की बिजाई नहीं कर पाए थे। ऐसे में लोगों ने सिंचाई विभाग ने इस साल समय रहते करवाने की मांग की हैं।
गांव गोरखपुर-बड़ोपल ड्रेन की सफाई करवाने को लेकर कई बार सिंचाई विभाग व प्रशासन से लिखित में शिकायत देकर मांग की गई है लेकिन अभी तक सफाई का काम शुरू नहीं हो सका है। पिछले साल मानसून में कई किसानों के खेतों में जलभराव की स्थिति बनी थी।
- ओमप्रकाश, गांव गोरखपुर।
जिले में अगर दो जून तक मानसून आ जाता है और ड्रेन की सफाई नहीं होती तो पानी सीधे खेतों और घरों में घुसेगा। पिछले साल का नुकसान हम आज तक नहीं भूल पाए हैं। वहीं अब आगे की चिंता भी सताने लगी है।
- सुरेश गढ़वाल, ढाणी ठोबा।
प्रशासन केवल कागजों में बाढ़ नियंत्रण की तैयारियां कर रहा है जबकि जमीनी हकीकत इसके उलट है। यदि जल्द ही रंगाई नाले और गोरखपुर-बड़ोपल ड्रेन की सफाई नहीं की गई, तो फिर से किसानों को फसलों की बर्बादी देखनी पड़ सकती है।
- जगबीर सिंह, गांव गोरखपुर।
:: रंगोई नाले की सफाई का काम लगभग पूरा हो चुका है। अगले एक या दो दिनों में काम पूरा कर लिया जाएगा। वहीं सिरसा घग्गर ड्रेन की सफाई का पूरा हो चुका है।
- नरेश कुमार भोला, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग, फतेहाबाद।