पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   For four decades, Dr. Shiv has been spreading the light of humanity and hope, not just medicine

Fatehabad News: चार दशक से दवा नहीं, इंसानियत और उम्मीद की रोशनी बांट रहे डॉ. शिव

Tue, 30 Jun 2026 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Tue, 30 Jun 2026 10:55 PM IST
विज्ञापन
For four decades, Dr. Shiv has been spreading the light of humanity and hope, not just medicine
डॉ ​शिव सचदेवा को टोहाना रत्न से सम्मानित करते हुए उडीसी के  पूर्व राज्यपाल डॉ गणेशीलाल। फाइल फ
टोहाना। इलाज केवल पेशा नहीं सेवा का सबसे बड़ा माध्यम भी हो सकता है। चिकित्सक दिवस की पूर्व संध्या पर 69 वर्षीय डॉ. शिव सचदेवा इसकी जीवंत मिसाल हैं। पिछले 42 वर्षों से उन्होंने चिकित्सा को कमाई नहीं बल्कि मानव सेवा का माध्यम बनाया है। सेवा भारती के सहयोग से अब तक 520 से अधिक निशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित कर चुके डॉ. सचदेवा ने 55 हजार से ज्यादा लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई हैं।
विज्ञापन

डॉ. शिव सचदेवा की मेडिकल टीम झुग्गी-बस्तियों, गांवों, स्कूलों और उन स्थानों तक पहुंचती है जहां स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। शिविरों में मरीजों की जांच, परामर्श और आवश्यक दवाएं बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाती हैं। उनका मानना है कि बीमारी से सबसे प्रभावी लड़ाई अस्पताल में नहीं, बल्कि समय पर जागरूकता, नियमित जांच और सही जीवनशैली अपनाने से जीती जा सकती है।
विज्ञापन

वर्षों से निरंतर जारी इस सेवा अभियान ने हजारों जरूरतमंद परिवारों को राहत दी है। डॉ. सचदेवा का कहना है कि मरीजों के चेहरे पर लौटती मुस्कान और उनकी दुआएं किसी भी सम्मान या पुरस्कार से कहीं अधिक मूल्यवान हैं। चिकित्सक दिवस पर उनका जीवन यह संदेश देता है कि चिकित्सा का वास्तविक उद्देश्य केवल उपचार नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाना भी है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

--------
रक्तदान की मुहिम को भी बढ़ा रहे
थैलेसीमिया से जूझ रहे मासूमों के लिए उन्होंने डोनर्स का ऐसा नेटवर्क खड़ा किया है कि इमरजेंसी में खून के लिए एक फोन काफी है। हर महीने ब्लड डोनेशन कैंप लगाकर वे युवाओं को भी इस मुहिम से जोड़ते हैं। उनका एक ही संकल्प है कि खून की कमी किसी बच्चे की सांस न छीने। वहीं एचआईवी पॉजिटिव मरीजों के लिए वे डॉक्टर कम, हौसला ज्यादा हैं। समाज के ताने सह रहे लोगों को दवा के साथ भरोसा भी देते हैं। वे हर सामाजिक संस्था द्वारा रक्तदान कैंप लगाने पर सबसे पहले बुलाए जाते है ताकि रक्तदानी का हौसला बढ़े।

--------
सेवा से दिन की शुरुआत
डॉ. सचदेवा का दिन सेवा से शुरू होता है सेवा पर ही खत्म। सुबह आर्य समाज मंदिर के औषधालय में मरीज देखते हैं फिर घर पर 24 घंटे फ्री परामर्श। जेब खाली हो तो दवा का खर्च भी खुद उठा लेते हैं। बुजुर्ग चलकर न आ पाएं तो खुद उनके दरवाजे पहुंच जाते हैं। इस पुण्य के काम में पत्नी निर्मल और बच्चे सहयोग करते हैं। उनके इस सेवा भाव के लिए पूर्व राज्यपाल प्रोफेसर गणेशी लाल भी सम्मानित कर चुके हैं। डॉ. शिव कहते हैं कि मैं घड़ी में टाइम नहीं मरीज का दर्द देखता हूं। रात 2 बजे भी कोई आ जाए दरवाजा खुला है। उनके लिए मरीज की जरूरत ही सबसे बड़ा अलार्म है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed