{"_id":"69f3a8451bc053caeb0ed374","slug":"daughters-faces-lit-up-after-receiving-scooters-at-csc-siswala-saying-going-to-college-will-be-easier-hisar-news-c-21-hsr1020-860973-2026-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: सीएससी सीसवाला पर स्कूटी पाकर खिल उठे बेटियों के चेहरे, बोलीं-कॉलेज जाना होगा आसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: सीएससी सीसवाला पर स्कूटी पाकर खिल उठे बेटियों के चेहरे, बोलीं-कॉलेज जाना होगा आसान
विज्ञापन
सीसवाला में छात्राओं को स्कूटी भेंट करते मंत्री रणबीर गंगवा के बेटे संजीव गंगवा।
विज्ञापन
बालसमंद। सीसवाला के सीएससी केंद्र पर वीरवार को आयोजित स्कूटी वितरण कार्यक्रम में बेटियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के बेटे संजीव गंगवा ने लाभार्थी बेटियों को इलेक्ट्रिक स्कूटी की चाबियां वितरित कीं। छात्राओं ने कहा कि अब कॉलेज जाना आसान होगा।
संजीव गंगवा ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। परिवहन की समस्या के कारण कई बार बेटियों को पढ़ाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिसे दूर करने के लिए यह योजना शुरू की गई है। स्कूटी मिलने से अब बेटियों को भीड़-भाड़ वाली बसों में सफर नहीं करना पड़ेगा और वे समय पर व सुरक्षित तरीके से कॉलेज पहुंच सकेंगी।
सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना के तहत हरियाणा लेबर डिपार्टमेंट में पंजीकृत मजदूरों की बेटियों को इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है ताकि आर्थिक तंगी उनकी शिक्षा में बाधा न बने। इस मौके पर रामचंद्र नंबरदार, छाजूराम महला, सतबीर खोवाल, डॉ. राजेश, सतबीर भाकर सहित अन्य मौजूद रहे।
पात्रता की शर्तें
केंद्र संचालक राजकुमार घोडेला ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक का श्रम विभाग में पंजीकरण और कम से कम एक साल की सदस्यता होना जरूरी है। आवेदक बेटी हरियाणा के किसी कॉलेज में पढ़ रही हो उसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो और वह अविवाहित हो। साथ ही परिवार में किसी के नाम पहले से कोई वाहन नहीं होना चाहिए।
ये बोले लाभार्थी
सरकार की इलेक्ट्रिक स्कूटी योजना के तहत स्कूटी का लाभ मिला है। अब बेटी को बसों के भीड़-भाड़ वाले सफर से परेशान नहीं होना पड़ेगा।
- मनु, निवासी सीसवाला।
सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं ला रही है। मेरी बेटी राजकीय कॉलेज हिसार में पढ़ाई करती है। अब सरकार की तरफ से लेबर डिपार्टमेंट में बेटी को इलेक्ट्रिक स्कूटी मिली है जिससे समय की बचत होगी और वह भीड़-भाड़ से परेशान नहीं होगी।
- प्रीति, निवासी सीसवाला।
सरकार की ओर से बेटियों के हित में चलाई गई योजना के तहत आज स्कूटी पाकर बहुत खुशी हो रही है। अब कॉलेज जाने में कोई परेशानी नहीं होगी और बसों की भीड़ से मुक्ति मिलेगी।
- ज्योति, लाभार्थी सूंडावास।
Trending Videos
संजीव गंगवा ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। परिवहन की समस्या के कारण कई बार बेटियों को पढ़ाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिसे दूर करने के लिए यह योजना शुरू की गई है। स्कूटी मिलने से अब बेटियों को भीड़-भाड़ वाली बसों में सफर नहीं करना पड़ेगा और वे समय पर व सुरक्षित तरीके से कॉलेज पहुंच सकेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना के तहत हरियाणा लेबर डिपार्टमेंट में पंजीकृत मजदूरों की बेटियों को इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है ताकि आर्थिक तंगी उनकी शिक्षा में बाधा न बने। इस मौके पर रामचंद्र नंबरदार, छाजूराम महला, सतबीर खोवाल, डॉ. राजेश, सतबीर भाकर सहित अन्य मौजूद रहे।
पात्रता की शर्तें
केंद्र संचालक राजकुमार घोडेला ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक का श्रम विभाग में पंजीकरण और कम से कम एक साल की सदस्यता होना जरूरी है। आवेदक बेटी हरियाणा के किसी कॉलेज में पढ़ रही हो उसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो और वह अविवाहित हो। साथ ही परिवार में किसी के नाम पहले से कोई वाहन नहीं होना चाहिए।
ये बोले लाभार्थी
सरकार की इलेक्ट्रिक स्कूटी योजना के तहत स्कूटी का लाभ मिला है। अब बेटी को बसों के भीड़-भाड़ वाले सफर से परेशान नहीं होना पड़ेगा।
- मनु, निवासी सीसवाला।
सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं ला रही है। मेरी बेटी राजकीय कॉलेज हिसार में पढ़ाई करती है। अब सरकार की तरफ से लेबर डिपार्टमेंट में बेटी को इलेक्ट्रिक स्कूटी मिली है जिससे समय की बचत होगी और वह भीड़-भाड़ से परेशान नहीं होगी।
- प्रीति, निवासी सीसवाला।
सरकार की ओर से बेटियों के हित में चलाई गई योजना के तहत आज स्कूटी पाकर बहुत खुशी हो रही है। अब कॉलेज जाने में कोई परेशानी नहीं होगी और बसों की भीड़ से मुक्ति मिलेगी।
- ज्योति, लाभार्थी सूंडावास।
