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सतलोक आश्रम प्रकरण : 7 साल पहले के सजायाफ्ता चांदी राम को कोर्ट ने किया बरी, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने निचली अदालत का फैसला बदला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2026 11:41 PM IST
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Satlok Ashram Case: Convicted Chandi Ram from 7 years ago acquitted by court, Additional Sessions Judge overturned lower court's decision
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हिसार। सतलोक आश्रम प्रकरण से जुड़े लगभग 12 पुराने मामले में आरोपी चांदी राम को रिविजन कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मंगलेश कुमार चौबे ने निचली अदालत की दोषसिद्धि को रद्द करते हुए उसे सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। चांदी राम को निचली अदालत ने वर्ष 2019 में दोषी ठहराकर सजा सुनाई थी। आरोपी 6 अगस्त 2015 से 19 मई 2016 तक जेल में बंद रहा था।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि 17 नवंबर 2014 को बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में आश्रम प्रमुख रामपाल की गिरफ्तारी के दौरान चांदी राम पर आत्महत्या का प्रयास करने और प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाया गया था। इसके आधार पर उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 188 और 309 के तहत अभियोजन का सामना करना पड़ा।
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सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि घटना के समय मौके पर भारी पुलिस बल और मीडिया कर्मी मौजूद थे लेकिन जांच में किसी स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया गया और कोई स्पष्ट दृश्य प्रमाण रिकॉर्ड पर नहीं है।
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अदालत ने साक्ष्यों में गंभीर कमियों को देखते हुए कहा कि उपलब्ध साक्ष्य आरोपों को निर्विवाद रूप से साबित नहीं करते। निचली अदालत ने 2019 में चांदी राम को दोषी ठहराकर सजा सुनाई थी जबकि रिविजन कोर्ट के ताजा फैसले के बाद उसे सभी आरोपों से राहत मिल गई।
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