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Hisar News: स्वच्छ हांसी का सपना फीका...कचरे की दुर्गंध घोंट रही दम
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हांसी नारा स्वच्छता का और आग लगा कचरे का ढेर।
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हांसी। जिला बनने पर विकास का पहिया पकड़ेगा रफ्तार के दावे के बीच हांसी शहर की बुनियादी सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नगर परिषद ने नया अल्पकालिक टेंडर जारी किया लेकिन धरातल पर स्थिति में सुधार के बजाय और बिगड़ती जा रही है।
पिछले कई दिनों से घर-घर से कचरा उठान ठप होने के कारण पूरा शहर गंदगी और दुर्गंध से परेशान है। शहर के 27 वार्डों में घरों से कचरा उठाने के लिए 27 टिप्पर आए थे, जिनमें अब केवल 16 ऑटो टिप्पर ही काम कर रहे हैं। नगर परिषद ने दीवारों पर पेंटिंग और स्लोगन के माध्यम से स्वच्छ हांसी का संदेश फैलाने की कोशिश की है लेकिन सड़कों पर कचरा प्वाइंट्स की भरमार और टिप्परों की कमी के कारण आम जनता बेहाल है।
लोगों का कहना है कि उठान नहीं होने से घरों में कचरा सड़ने से बदबू फैल रही है जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया है। कुछ लोग रात के अंधेरे या सुबह के वक्त मुख्य सड़कों, पार्कों और खाली प्लॉटों पर कचरा फेंकने को मजबूर हैं। बरवाला रोड, हिसार रोड, भिवानी रोड, जींद रोड और दिल्ली रोड जैसे प्रमुख मार्गों के किनारे कचरे के ढेर लग गए हैं, जो शहर की सुंदरता को भी प्रभावित कर रहे हैं। नगर परिषद ने करीब 15 दिन पहले सफाई का 3 महीने का ठेका सिरसा की एक फर्म को दिया था लेकिन मुख्य मार्गों से कचरा उठान अभी तक नियमित नहीं हो रहा है। आरोप हैं कि ठेकेदार ने पर्याप्त लेबर और कचरा ढोने वाली गाड़ियां नहीं लगाई।
करोड़ों रुपये खर्च करने पर भी व्यवस्था बदहाल
नगर परिषद के पास कुल 149 सफाई कर्मचारी हैं, जिसमें 119 कच्चे और 30 पक्के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, नगर परिषद ने सिरसा की फर्म को 32.5 लाख रुपये में तीन महीने का ठेका दिया है। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए 15.40 करोड़ रुपये के टेंडर के तहत कुरुक्षेत्र की फर्म को 40 नए टिप्पर लगाने थे और क्यूआर कोड के साथ कचरा उठाने की व्यवस्था करनी थी लेकिन नए टिप्पर तैयार नहीं हैं और काम शुरू नहीं हुआ है। नगर परिषद की यह चूक शहरवासियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सवाल उठ रहे हैं कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हांसी की सफाई व्यवस्था कब सामान्य होगी।
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सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार की तरफ से कोई ढील नहीं है। स्थानीय अधिकारियों समस्या को गंभीरता से ले। धरातल पर भी सफाई नजर आनी चाहिए। विधायक कई बार अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं। आमजन को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक होना पड़ेगा।- तनुज खुराना, मंडल अध्यक्ष, भाजपा।
नगर परिषद को शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए आमजन को भी जागरूक होना पड़ेगा। हमारे बच्चे विदेश जाते हैं तो वहां कचरा खुले में नहीं फेंकते। नगर परिषद को सफाई व्यवस्था में सुधार करना होगा। - पवन रापड़िया, प्रधान, बार एसोसिएशन।
ठेकेदार अपने संसाधन न लगाकर नगर परिषद के संसाधन उपयोग करते हैं, उनके ट्रैक्टर उपयोग करते हैं। नगर परिषद के कर्मचारियों से ठेकेदार काम करवाते हैं। जबकि ट्रैक्टरों पर नंबर लिखा हो और जीपीएस सिस्टम लगा होना चाहिए। - प्रवीन तायल, प्रधान, हांसी व्यापार मंडल।
सफाई व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। कचरा उठान व कचरा प्रबंधन की व्यवस्था बेहतर हो जो कर्मचारी तैनात हैं उनके क्षेत्र बांट कर सफाई करवाई जाए। वार्डों में आपस में सफाई प्रतियोगिता होनी चाहिए, इससे व्यवस्था में और सुधार आए। - धर्मवीर रतेरिया, अध्यक्ष, लोकहित मंच।
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पिछले कई दिनों से घर-घर से कचरा उठान ठप होने के कारण पूरा शहर गंदगी और दुर्गंध से परेशान है। शहर के 27 वार्डों में घरों से कचरा उठाने के लिए 27 टिप्पर आए थे, जिनमें अब केवल 16 ऑटो टिप्पर ही काम कर रहे हैं। नगर परिषद ने दीवारों पर पेंटिंग और स्लोगन के माध्यम से स्वच्छ हांसी का संदेश फैलाने की कोशिश की है लेकिन सड़कों पर कचरा प्वाइंट्स की भरमार और टिप्परों की कमी के कारण आम जनता बेहाल है।
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लोगों का कहना है कि उठान नहीं होने से घरों में कचरा सड़ने से बदबू फैल रही है जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया है। कुछ लोग रात के अंधेरे या सुबह के वक्त मुख्य सड़कों, पार्कों और खाली प्लॉटों पर कचरा फेंकने को मजबूर हैं। बरवाला रोड, हिसार रोड, भिवानी रोड, जींद रोड और दिल्ली रोड जैसे प्रमुख मार्गों के किनारे कचरे के ढेर लग गए हैं, जो शहर की सुंदरता को भी प्रभावित कर रहे हैं। नगर परिषद ने करीब 15 दिन पहले सफाई का 3 महीने का ठेका सिरसा की एक फर्म को दिया था लेकिन मुख्य मार्गों से कचरा उठान अभी तक नियमित नहीं हो रहा है। आरोप हैं कि ठेकेदार ने पर्याप्त लेबर और कचरा ढोने वाली गाड़ियां नहीं लगाई।
करोड़ों रुपये खर्च करने पर भी व्यवस्था बदहाल
नगर परिषद के पास कुल 149 सफाई कर्मचारी हैं, जिसमें 119 कच्चे और 30 पक्के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, नगर परिषद ने सिरसा की फर्म को 32.5 लाख रुपये में तीन महीने का ठेका दिया है। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए 15.40 करोड़ रुपये के टेंडर के तहत कुरुक्षेत्र की फर्म को 40 नए टिप्पर लगाने थे और क्यूआर कोड के साथ कचरा उठाने की व्यवस्था करनी थी लेकिन नए टिप्पर तैयार नहीं हैं और काम शुरू नहीं हुआ है। नगर परिषद की यह चूक शहरवासियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सवाल उठ रहे हैं कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हांसी की सफाई व्यवस्था कब सामान्य होगी।
सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार की तरफ से कोई ढील नहीं है। स्थानीय अधिकारियों समस्या को गंभीरता से ले। धरातल पर भी सफाई नजर आनी चाहिए। विधायक कई बार अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं। आमजन को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक होना पड़ेगा।- तनुज खुराना, मंडल अध्यक्ष, भाजपा।
नगर परिषद को शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए आमजन को भी जागरूक होना पड़ेगा। हमारे बच्चे विदेश जाते हैं तो वहां कचरा खुले में नहीं फेंकते। नगर परिषद को सफाई व्यवस्था में सुधार करना होगा। - पवन रापड़िया, प्रधान, बार एसोसिएशन।
ठेकेदार अपने संसाधन न लगाकर नगर परिषद के संसाधन उपयोग करते हैं, उनके ट्रैक्टर उपयोग करते हैं। नगर परिषद के कर्मचारियों से ठेकेदार काम करवाते हैं। जबकि ट्रैक्टरों पर नंबर लिखा हो और जीपीएस सिस्टम लगा होना चाहिए। - प्रवीन तायल, प्रधान, हांसी व्यापार मंडल।
सफाई व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। कचरा उठान व कचरा प्रबंधन की व्यवस्था बेहतर हो जो कर्मचारी तैनात हैं उनके क्षेत्र बांट कर सफाई करवाई जाए। वार्डों में आपस में सफाई प्रतियोगिता होनी चाहिए, इससे व्यवस्था में और सुधार आए। - धर्मवीर रतेरिया, अध्यक्ष, लोकहित मंच।