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Jhajjar-Bahadurgarh News: कंसल्टेंट-एडवाइजर हटाने की मांग तेज, एमडीयू में हड़ताल का अल्टीमेटम
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13-कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देते एमडीयू में गैर- शिक्षक कर्मचारी सं
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ की आम सभा बुधवार को प्रशासनिक भवन के सामने आयोजित की गई। अध्यक्षता प्रधान सुरेश कौशिक ने की। कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर चर्चा हुई और कंसल्टेंट व एडवाइजर्स को हटाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
बैठक में अनार सिंह को छुट्टी के दिन 31 मार्च को नियुक्ति दिए जाने को लेकर भी रजिस्ट्रार की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए। कर्मचारियों ने इस मामले में पारदर्शिता की मांग की और निर्णय प्रक्रिया पर नाराजगी जताई। संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रहेगा।
प्रधान सुरेश कौशिक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही कंसल्टेंट और एडवाइजर्स को नहीं हटाया गया तो अगले सप्ताह सोमवार से विश्वविद्यालय में पूर्ण हड़ताल की जाएगी।
बैठक के अंत में कर्मचारियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत को गेट पर बुलाकर सौंपा। इस अवसर पर संघ के पूर्व प्रधान शांति लाल भी समर्थन में मौजूद रहे।
धरने को छात्र नेताओं का भी समर्थन मिला। एएमवीए छात्र नेता विक्रम डिमोलिया, प्रदीप देसवाल और सुनील सहारण ने कहा कि विश्वविद्यालय में पुनर्नियुक्ति नहीं होनी चाहिए और कर्मचारियों की मांगें जायज हैं। बैठक में संघ के उपप्रधान प्रेम सिंह सजवान, महासचिव विजयपाल धनखड़, कोषाध्यक्ष राजेश शर्मा, सहसचिव राजकुमार रंगा आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।
कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि विश्वविद्यालय में नियुक्त कंसल्टेंट और एडवाइजर्स की कोई आवश्यकता नहीं है और इनके बिना भी संस्थान सुचारू रूप से कार्य कर सकता है। संघ ने आरोप लगाया कि इन नियुक्तियों से अनावश्यक वित्तीय भार बढ़ रहा है।
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बैठक में अनार सिंह को छुट्टी के दिन 31 मार्च को नियुक्ति दिए जाने को लेकर भी रजिस्ट्रार की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए। कर्मचारियों ने इस मामले में पारदर्शिता की मांग की और निर्णय प्रक्रिया पर नाराजगी जताई। संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रहेगा।
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प्रधान सुरेश कौशिक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही कंसल्टेंट और एडवाइजर्स को नहीं हटाया गया तो अगले सप्ताह सोमवार से विश्वविद्यालय में पूर्ण हड़ताल की जाएगी।
बैठक के अंत में कर्मचारियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत को गेट पर बुलाकर सौंपा। इस अवसर पर संघ के पूर्व प्रधान शांति लाल भी समर्थन में मौजूद रहे।
धरने को छात्र नेताओं का भी समर्थन मिला। एएमवीए छात्र नेता विक्रम डिमोलिया, प्रदीप देसवाल और सुनील सहारण ने कहा कि विश्वविद्यालय में पुनर्नियुक्ति नहीं होनी चाहिए और कर्मचारियों की मांगें जायज हैं। बैठक में संघ के उपप्रधान प्रेम सिंह सजवान, महासचिव विजयपाल धनखड़, कोषाध्यक्ष राजेश शर्मा, सहसचिव राजकुमार रंगा आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।
कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि विश्वविद्यालय में नियुक्त कंसल्टेंट और एडवाइजर्स की कोई आवश्यकता नहीं है और इनके बिना भी संस्थान सुचारू रूप से कार्य कर सकता है। संघ ने आरोप लगाया कि इन नियुक्तियों से अनावश्यक वित्तीय भार बढ़ रहा है।