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Jind News: जींद को नेशनल हाइड्रोजन रेल हब बनाने की मांग
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11जेएनडी11 : जींद को नेशनल हाइड्रोजन रेल टेक्नोलॉजी एंड मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की मांग को लेक
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जींद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को जींद आगमन से पहले अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार गोयल ने एक मांग रखी है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ जींद को नेशनल हाइड्रोजन रेल टेक्नोलॉजी एंड मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने की घोषणा भी की जाए।
पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में राजकुमार गोयल ने कहा कि जींद हरियाणा के मध्य में स्थित महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन है और देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ भी यहीं से होगा। ऐसे में हाइड्रोजन ट्रेनों के अनुसंधान, परीक्षण, रखरखाव, कौशल विकास और भविष्य में निर्माण से जुड़ी सुविधाओं का विकास जींद में किया जाना चाहिए। इससे जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
बैठक में सावर गर्ग, रामधन जैन, पवन बंसल, सोनू जैन और मनीष गर्ग ने कहा कि हाइड्रोजन रेल तकनीक का राष्ट्रीय केंद्र बनने से रेलवे, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, होटल, परिवहन और अन्य सहायक क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा। साथ ही युवाओं को अपने जिले में ही रोजगार और कौशल विकास के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
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गोयल ने कहा कि वर्तमान में चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री और रायबरेली की मॉडर्न कोच फैक्ट्री जैसी इकाइयां रेलवे कोच निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं लेकिन हाइड्रोजन रेल तकनीक के लिए अभी तक कोई राष्ट्रीय हब नहीं बनाया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री जींद की जनता की इस मांग पर विचार करेंगे।
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पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में राजकुमार गोयल ने कहा कि जींद हरियाणा के मध्य में स्थित महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन है और देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ भी यहीं से होगा। ऐसे में हाइड्रोजन ट्रेनों के अनुसंधान, परीक्षण, रखरखाव, कौशल विकास और भविष्य में निर्माण से जुड़ी सुविधाओं का विकास जींद में किया जाना चाहिए। इससे जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
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बैठक में सावर गर्ग, रामधन जैन, पवन बंसल, सोनू जैन और मनीष गर्ग ने कहा कि हाइड्रोजन रेल तकनीक का राष्ट्रीय केंद्र बनने से रेलवे, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, होटल, परिवहन और अन्य सहायक क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा। साथ ही युवाओं को अपने जिले में ही रोजगार और कौशल विकास के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
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गोयल ने कहा कि वर्तमान में चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री और रायबरेली की मॉडर्न कोच फैक्ट्री जैसी इकाइयां रेलवे कोच निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं लेकिन हाइड्रोजन रेल तकनीक के लिए अभी तक कोई राष्ट्रीय हब नहीं बनाया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री जींद की जनता की इस मांग पर विचार करेंगे।